किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दोस्ती और कूटनीतिक तालमेल की एक खास तस्वीर सामने आई है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय बैठक के बाद एक ही कार में साथ सफर किया। पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन बिश्केक एरिना में आयोजित छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए एक ही वाहन से रवाना हुए। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में इसे मोदी-पुतिन की ‘कार डिप्लोमेसी’ या ‘कारपूल डिप्लोमेसी’ कहा जा रहा है।
बिश्केक में हुई यह साझा कार यात्रा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन इससे पहले भी कई मौकों पर औपचारिक कार्यक्रमों के बीच एक ही कार में सफर कर चुके हैं। दोनों नेताओं के बीच इस तरह की अनौपचारिक बातचीत को भारत-रूस के करीबी रणनीतिक संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
क्या होती है Car Diplomacy?
‘कार डिप्लोमेसी’ कोई आधिकारिक कूटनीतिक शब्द या तय प्रोटोकॉल नहीं है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल उस स्थिति को बताने के लिए किया जाता है, जब दो देशों के शीर्ष नेता अलग-अलग आधिकारिक गाड़ियों या काफिले में जाने के बजाय एक ही वाहन में साथ यात्रा करते हैं।
कार में होने वाली बातचीत औपचारिक बैठक से अलग और अपेक्षाकृत निजी माहौल में होती है। इसमें दोनों नेताओं को बिना बड़े प्रतिनिधिमंडल और औपचारिक प्रोटोकॉल के बातचीत करने का अवसर मिल सकता है। यही वजह है कि इस तरह के दृश्य दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत सहजता, विश्वास और रिश्तों की गर्मजोशी का संकेत माने जाते हैं।
बिश्केक में मोदी-पुतिन की अहम बैठक
SCO शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने द्विपक्षीय बैठक भी की। दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों की समीक्षा करते हुए राजनीति, अर्थव्यवस्था, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, लोगों के बीच संपर्क और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र में जारी संघर्षों सहित कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत हुई। इन संघर्षों के कारण समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पड़ रहे प्रभाव का मुद्दा भी चर्चा में रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्षों का समाधान खोजने पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया को लंबे समय तक चलने वाले युद्धों से बाहर निकलकर शांति की दिशा में बढ़ना चाहिए। उन्होंने भारत की उस पुरानी नीति को दोहराया, जिसमें विवादों को संवाद और कूटनीति के जरिए सुलझाने की बात कही जाती रही है।
बैठक के बाद एक ही कार में निकले मोदी और पुतिन
द्विपक्षीय बैठक खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन एक ही कार में सवार होकर बिश्केक एरिना की ओर रवाना हुए। दोनों नेता छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों नेताओं ने रूस के राष्ट्रपति की आधिकारिक Aurus Senat लिमोजिन में साथ यात्रा की।
छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स में दुनिया के 100 से ज्यादा देशों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इन खेलों में घुड़सवारी, घुड़सवार तीरंदाजी, कुश्ती और मध्य एशिया की पारंपरिक खेल प्रतियोगिताएं शामिल हैं। यह आयोजन मध्य एशिया की घुमंतू संस्कृति और पारंपरिक खेल विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है।
तियानजिन में भी दिखी थी मोदी-पुतिन की ‘कार डिप्लोमेसी’
यह पहली बार नहीं है जब नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन ने किसी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान एक ही कार में सफर किया हो। 2025 में चीन के तियानजिन में हुए SCO सम्मेलन के दौरान भी दोनों नेताओं ने साथ कार यात्रा की थी। उस दौरान दोनों नेताओं के बीच कार में लगभग 40 मिनट तक बातचीत होने की रिपोर्ट सामने आई थी।
दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान भी ऐसी ही तस्वीर सामने आई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली पहुंचने पर पुतिन का स्वागत किया था और दोनों नेता एक ही कार में साथ रवाना हुए थे।
मोदी-पुतिन की केमिस्ट्री पर फिर दुनिया की नजर
भारत और रूस दशकों से करीबी रणनीतिक साझेदार रहे हैं। रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों के मजबूत संबंध हैं। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद दोनों देशों ने अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दिया है।
बिश्केक में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की बैठक तथा इसके तुरंत बाद दोनों नेताओं का एक ही कार में साथ दिखाई देना इसी कूटनीतिक सहजता की एक और तस्वीर माना जा रहा है।
वर्ल्ड नोमैड गेम्स में भारतीय दल का उत्साह बढ़ाया
प्रधानमंत्री मोदी वर्ल्ड नोमैड गेम्स के कार्यक्रम में भी शामिल हुए। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में पारंपरिक खेलों और संस्कृतियों का प्रदर्शन किया गया। दुनिया के अलग-अलग देशों से पहुंचे खिलाड़ियों ने इसमें भाग लिया और भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
बिश्केक में SCO सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने कई वैश्विक नेताओं के साथ बातचीत की। पूरे दौरे में द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक संघर्ष, व्यापार और शांति जैसे विषय प्रमुखता से सामने आए।
क्यों महत्वपूर्ण है मोदी-पुतिन की Car Diplomacy?
मोदी-पुतिन की साझा कार यात्रा सिर्फ एक सामान्य सफर के तौर पर नहीं देखी जा रही है। कूटनीतिक कार्यक्रमों में राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल बेहद सख्त होते हैं। ऐसे में दो शीर्ष नेताओं का एक ही वाहन में साथ यात्रा करना उनके बीच सहज संवाद और निजी स्तर पर बातचीत के अवसर को दर्शाता है।
हालांकि किसी साझा कार यात्रा से अपने-आप कोई नीति या समझौता तय नहीं हो जाता, लेकिन ऐसी तस्वीरें दोनों देशों के रिश्तों की राजनीतिक और कूटनीतिक गर्मजोशी का प्रतीक जरूर बन जाती हैं।
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