अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए गए रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पहली मुलाकात होने वाली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या के दौरे पर हैं, जहां वह श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन और पूजन करेंगे। मंदिर पहुंचने पर नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्रा उनकी अगवानी करेंगे।
CEO की जिम्मेदारी संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जितेंद्र मिश्रा की यह पहली मुलाकात होगी। इस दौरान राम मंदिर की व्यवस्थाओं, प्रशासनिक ढांचे और भविष्य की कार्ययोजनाओं को लेकर चर्चा होने की संभावना भी जताई जा रही है।
2 सितंबर को राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने थे जितेंद्र मिश्रा
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 2 सितंबर 2026 को हुई अहम बैठक में रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने का फैसला लिया गया था। ट्रस्ट के प्रशासनिक और संचालन से जुड़े कामकाज को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने की दिशा में इस नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।
CEO पद के लिए हजारों आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया के बाद अंतिम उम्मीदवारों में से जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी।
कौन हैं रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा?
जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया से हैं। उन्होंने भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक सेवा दी और कई महत्वपूर्ण कमांड तथा ऑपरेशनल जिम्मेदारियां संभालीं।
वह भारतीय वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं। मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी क्षेत्र की वायुसेना कमान उनके नेतृत्व में थी। अप्रैल 2026 में वह भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए।
उनका सैन्य करियर कई महत्वपूर्ण अभियानों और जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है। उन्हें विशिष्ट सेवाओं के लिए कई सैन्य सम्मानों से भी नवाजा गया है।
दान से जुड़े विवाद के बाद ट्रस्ट में हुए बड़े प्रशासनिक बदलाव
राम मंदिर को मिलने वाले दान से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता और चोरी के मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर बड़े सवाल उठे थे। इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी।
विवाद के बाद ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट में नई जिम्मेदारियां तय की गईं और पहली बार CEO नियुक्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
राम मंदिर ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टी भी नियुक्त
CEO की नियुक्ति के साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया।
दिल्ली के व्यवसायी एवं समाजसेवी महेश भागचंदका, वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिक्षाविद निर्मला यादव को नया ट्रस्टी बनाया गया है। निर्मला यादव ट्रस्ट में शामिल होने वाली पहली महिला सदस्य भी हैं।
CEO बनने के बाद जितेंद्र मिश्रा ने सेवा को बताया सौभाग्य
अपनी नियुक्ति के बाद जितेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर और राम भक्तों की सेवा का अवसर मिलने को अपने लिए सौभाग्य बताया था। उन्होंने कहा था कि भारतीय वायुसेना में देश की सेवा करने के बाद अब उन्हें प्रभु श्रीराम और श्रद्धालुओं की सेवा का अवसर मिला है।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब ट्रस्ट अपनी प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय निगरानी और मंदिर प्रबंधन को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
आज योगी से मुलाकात पर नजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राम मंदिर पहुंचने पर जितेंद्र मिश्रा उनकी अगवानी करेंगे। नवनियुक्त CEO और मुख्यमंत्री के बीच होने वाली पहली मुलाकात को राम मंदिर ट्रस्ट के नए प्रशासनिक दौर के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी रामलला के दर्शन-पूजन के साथ मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ले सकते हैं। दोनों के बीच मंदिर की वर्तमान व्यवस्था और आगे की योजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है।
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