विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सियासी माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस का दावा है कि इस बैठक में देशभर के 23 राजनीतिक दल हिस्सा लेने जा रहे हैं, लेकिन बैठक से पहले गठबंधन के भीतर मतभेद और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवाल चर्चा का विषय बन गए हैं।
दिल्ली में ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं जिनमें विभिन्न विपक्षी नेताओं के पुराने बयानों को शामिल करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए गए हैं। इन पोस्टरों ने INDIA गठबंधन की एकजुटता और विपक्षी राजनीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
अरविंद केजरीवाल ने बनाई दूरी, बढ़ी अटकलें
INDIA गठबंधन की बैठक से पहले सबसे बड़ी चर्चा आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बैठक से दूरी बनाने को लेकर हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे विपक्षी एकता के दावों पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
AAP और कांग्रेस के बीच लंबे समय से राजनीतिक प्रतिस्पर्धा रही है। दिल्ली और पंजाब में कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने के बाद दोनों दलों के रिश्ते कई बार तनावपूर्ण रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान अरविंद केजरीवाल द्वारा कांग्रेस के खिलाफ दिए गए बयानों को भी पोस्टरों में जगह दी गई है।

शरद पवार के बयान का पोस्टरों में जिक्र
दिल्ली में लगे पोस्टरों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख Sharad Pawar के पुराने बयान का भी उल्लेख किया गया है।
पोस्टर में उस टिप्पणी को प्रमुखता से दिखाया गया है जिसमें शरद पवार ने राहुल गांधी के नेतृत्व और राजनीतिक निरंतरता (Consistency) पर सवाल उठाए थे। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी (MVA) के प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर हुई चर्चाओं को भी इससे जोड़ा जा रहा है।

पिनराई विजयन के बयान को भी बनाया आधार
पोस्टरों में Pinarayi Vijayan के उस बयान का भी जिक्र किया गया है जिसमें उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाए थे।
केरल में कांग्रेस और वाम मोर्चे के बीच सीधी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा रही है। ऐसे में विपक्षी एकता के बावजूद दोनों दलों के बीच वैचारिक और राजनीतिक मतभेद समय-समय पर सामने आते रहे हैं।

ममता बनर्जी के पुराने बयान की भी चर्चा
पोस्टरों में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के पुराने बयान को भी शामिल किया गया है। उस बयान में उन्होंने कांग्रेस की चुनावी विश्वसनीयता और प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए थे।
दिलचस्प बात यह है कि INDIA गठबंधन की बैठक बुलाने की पहल में तृणमूल कांग्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। ऐसे में पुराने बयानों के सामने आने से राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।

भगवंत मान और कांग्रेस की सियासी प्रतिद्वंद्विता
पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के कांग्रेस विरोधी बयान भी पोस्टरों में शामिल किए गए हैं।
AAP और कांग्रेस के बीच पंजाब तथा दिल्ली में लंबे समय से राजनीतिक मुकाबला रहा है। इसी कारण दोनों दलों के नेताओं के बीच कई बार तीखे बयान सामने आते रहे हैं।

DMK प्रमुख एमके स्टालिन की नाराजगी की चर्चा
INDIA गठबंधन के प्रमुख सहयोगी दलों में शामिल M. K. Stalin की नाराजगी की चर्चाएं भी राजनीतिक गलियारों में चल रही हैं।
पोस्टरों में स्टालिन के उस बयान का उल्लेख किया गया है जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि कुछ नेता उसी नाव में छेद करते हैं जिसमें वे स्वयं सफर कर रहे होते हैं।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि विपक्षी गठबंधन की सफलता के लिए सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय और भरोसे की आवश्यकता होगी।

INDIA गठबंधन की बैठक पर टिकीं निगाहें
बैठक में शामिल होने वाले दलों की संख्या और विपक्षी एकता के दावों के बीच अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि INDIA गठबंधन आगामी चुनावी रणनीति, नेतृत्व और साझा एजेंडे को लेकर क्या फैसला करता है।
दिल्ली में लगे पोस्टरों ने बैठक से पहले राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है और विपक्षी खेमे के भीतर मौजूद मतभेदों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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