कैथवलिया, पूर्वी चंपारण (बिहार):
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में दुनिया के सबसे विशाल शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा भव्य और भक्तिमय माहौल में संपन्न हुई। 33 फीट ऊँचा और करीब 210 टन वजनी यह शिवलिंग सहस्र लिंगम के रूप में स्थापित किया गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।
प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के तहत पीठ पूजा पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी और उनके पति सायण कुणाल यजमान बने। काशी समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कराई।
दुनिया के सबसे विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग की स्थापना!
पूर्वी चंपारण के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में सहस्र लिंगम की स्थापना के लिए पीठ पूजा में माननीय मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar जी के साथ सम्मिलित होकर ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना।
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इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने शिवलिंग की पूजा कर प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की और श्रद्धालुओं के साथ आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में जुटने लगे थे। भजन-कीर्तन, मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पानी, चिकित्सा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं।
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बताया गया कि यह विशाल शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में ग्रेनाइट पत्थर से तराशा गया था। इसे विशेष 96 पहियों वाले वाहन के जरिए कई राज्यों से होते हुए बिहार लाया गया। स्थापना के दौरान 700 टन और 500 टन क्षमता वाली दो भारी क्रेनों का इस्तेमाल किया गया।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वीडियो संदेश के जरिए इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चंपारण के केसरिया स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना न केवल ऐतिहासिक उपलब्धि है, बल्कि यह भारत की आध्यात्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक संकल्प की शक्ति का प्रतीक भी है। उन्होंने इसे बिहार की आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर सशक्त करने वाला बताया।
यह आयोजन बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊँचाई देने वाला साबित हुआ है। विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग की स्थापना के साथ ही विराट रामायण मंदिर अब एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में और अधिक प्रसिद्ध हो गया है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालुओं के आने की संभावना बढ़ गई है।
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