भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) को लेकर सोमवार को नया विवाद सामने आया। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत ने अमेरिका के साथ जल्द अंतरिम ट्रेड डील करने से इनकार कर दिया है और बेहतर शर्तों का इंतजार कर रहा है। हालांकि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए इसे “पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और गुमराह करने वाला” बताया।
पीयूष गोयल ने क्या कहा?
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यह खबर पूरी तरह गलत है। उन्होंने बताया कि जून में नई दिल्ली आए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमिसन ग्रीर के साथ उनकी बेहद सकारात्मक और रचनात्मक बैठक हुई थी।
गोयल के अनुसार, दोनों देशों ने ऐसे व्यापार समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है जो संतुलित, व्यावसायिक रूप से लाभकारी और भारत तथा अमेरिका के कारोबारियों, किसानों, श्रमिकों एवं उपभोक्ताओं के हित में हो। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की टीमें अभी भी इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
This news is completely false, baseless and misleading.
I had fantastic meetings with USTR Jamieson Greer, @USTradeRep, when he visited Delhi in June. Both sides reaffirmed their commitment to an agreement that is balanced, commercially meaningful, and delivers tangible… https://t.co/0JZOULEL6i
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) July 13, 2026
रॉयटर्स की रिपोर्ट में क्या दावा किया गया था?
रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कुछ अधिकारियों और विश्लेषकों के हवाले से दावा किया था कि हालिया वार्ता के दौरान भारत ने जल्दबाजी में अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर करने से परहेज किया।
रिपोर्ट के अनुसार भारत चाहता है कि अमेरिका भारतीय निर्यात को चीन जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ लाभ दे और भविष्य में अतिरिक्त टैरिफ नहीं लगाने का भरोसा भी दे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इन्हीं मुद्दों पर सहमति नहीं बनने के कारण अंतरिम समझौता नहीं हो सका।
भारत सरकार का क्या रुख है?
केंद्रीय मंत्री के बयान से साफ संकेत मिलता है कि भारत सरकार के अनुसार व्यापार वार्ता रुकी नहीं है और दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।
गोयल ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी समझौते को केवल तभी अंतिम रूप देगी जब वह दोनों देशों के लिए संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी होगा। उन्होंने रॉयटर्स की रिपोर्ट में किए गए दावों को भारत सरकार की आधिकारिक स्थिति नहीं माना।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील क्यों है अहम?
भारत और अमेरिका लंबे समय से एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। दोनों देशों का लक्ष्य व्यापार, निवेश, बाजार पहुंच, कृषि, उद्योग, सेवाओं और टैरिफ जैसे मुद्दों पर सहमति बनाना है।
इस समझौते के लागू होने पर दोनों देशों के बीच व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही भारतीय निर्यातकों, उद्योगों और निवेशकों को भी बड़ा लाभ मिल सकता है।
हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है और सरकार का कहना है कि वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
फिलहाल क्या स्थिति है?
फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत जारी है। एक ओर रॉयटर्स की रिपोर्ट में वार्ता को लेकर कुछ दावे किए गए, वहीं दूसरी ओर भारत सरकार ने उन दावों को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है।
अब आगे की आधिकारिक वार्ताओं और दोनों देशों की संयुक्त घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि व्यापार समझौते का अगला चरण कब और किस स्वरूप में सामने आएगा।
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