प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित ₹6,000 करोड़ के महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए Ebix Group के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है। दिल्ली स्थित उनके ठिकानों पर तलाशी के बाद उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम यानी PMLA के तहत हिरासत में लिया गया। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने ED को विकास गर्ग की 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दी, ताकि उन्हें रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया जा सके।
दिल्ली से गिरफ्तार, पूछताछ के लिए रायपुर ले गई ED
ED के अनुसार, विकास गर्ग को दिल्ली स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। जाँच एजेंसी का कहना है कि महादेव ऑनलाइन बुक और Skyexchange से कथित रूप से अर्जित अवैध धन के लेन-देन और निवेश से जुड़े मामले में उनसे हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।
ED ने अदालत में दावा किया कि विकास गर्ग को पहले जाँच में शामिल होने के लिए समन भेजे गए थे। वहीं, गर्ग के वकीलों ने अदालत में कहा कि वह पहले भी जाँच में शामिल होकर आवश्यक दस्तावेज सौंप चुके हैं। इस मामले में अभी आरोपों पर न्यायिक फैसला होना बाकी है।
₹940.77 करोड़ की संपत्ति पहले ही अटैच
ED के रायपुर जोनल कार्यालय ने 10 जुलाई 2026 को विकास गर्ग, उनके परिवार और कथित रूप से उनके नियंत्रण वाली संस्थाओं की लगभग ₹940.77 करोड़ की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया था।
अटैच की गई संपत्तियों में आवासीय संपत्तियाँ, जमीन, इक्विटी शेयर और दूसरी प्रतिभूतियाँ शामिल हैं। ED के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक और Skyexchange से प्राप्त कथित अपराध की आय को कई स्तरों वाली वित्तीय व्यवस्था, शेल कंपनियों और संदिग्ध लेन-देन के माध्यम से गर्ग से जुड़ी संस्थाओं तक पहुँचाया गया।
तीन सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश का आरोप
जाँच एजेंसी के अनुसार, विकास गर्ग तीन शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के प्रमोटर हैं:
- विकास इकोटेक लिमिटेड
- विकास लाइफकेयर लिमिटेड
- इराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड
ED का आरोप है कि संदिग्ध धन को इनसे जुड़ी अलग-अलग संस्थाओं के माध्यम से शेयरों, प्रतिभूतियों और दूसरी संपत्तियों में लगाया गया।
EbixCash में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का आरोप
ED की जाँच में सामने आया है कि विकास गर्ग ने इराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड के माध्यम से EbixCash में लगभग 64 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी। जाँच एजेंसी का आरोप है कि इस सौदे में इस्तेमाल किया गया धन महादेव बेटिंग ऐप और Skyexchange की कथित अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों से जुड़ा हुआ था।
EbixCash डिजिटल भुगतान और विदेशी मुद्रा सेवाओं से जुड़ी कंपनी है। हालाँकि, संबंधित कंपनियों और बचाव पक्ष ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।
हर महीने ₹450 करोड़ से ज्यादा की कथित कमाई
ED की आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़ा सट्टेबाजी नेटवर्क विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित ‘पैनल’ व्यवस्था पर काम करता था। एजेंसी का अनुमान है कि इस नेटवर्क के जरिए हर महीने ₹450 करोड़ से अधिक की कथित अपराध की आय पैदा हो रही थी।
इस धन को नकद के बदले फर्जी एंट्री, शेल संस्थाओं और कई स्तरों वाले लेन-देन के जरिए वैध आय के रूप में दिखाने का प्रयास किया गया।
कैसे काम करता था महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क?
जाँच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक एक ऐसा कथित अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क था, जिसके माध्यम से क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, ताश और दूसरे खेलों पर ऑनलाइन दाँव लगवाए जाते थे।
यह नेटवर्क अलग-अलग वेबसाइटों, मोबाइल प्लेटफॉर्म और पैनल ऑपरेटरों के माध्यम से ग्राहकों को जोड़ता था। एजेंसी का आरोप है कि नेटवर्क को विदेश से नियंत्रित किया जाता था और भारत में स्थानीय ऑपरेटरों के माध्यम से पैसे का लेन-देन कराया जाता था।
छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों की FIR के आधार पर जाँच
ED ने छत्तीसगढ़ पुलिस के दुर्ग में दर्ज मामले और छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में दर्ज FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच शुरू की थी।
इन मामलों में ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे आरोप लगाए गए हैं।
अब तक करीब ₹3,800 करोड़ की संपत्ति पर कार्रवाई
ED ने बताया कि विकास गर्ग से जुड़ी ₹940.77 करोड़ की संपत्ति अटैच किए जाने से पहले इस मामले में लगभग ₹2,825 करोड़ की भारतीय और विदेशी संपत्तियाँ अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी थीं।
ताजा कार्रवाई के बाद महादेव बेटिंग मामले में अब तक अटैच, जब्त या फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग ₹3,800 करोड़ हो गया है।
74 आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
ED ने अदालत को बताया कि रायपुर की विशेष अदालत में इस मामले में 74 व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की जा चुकी है। विशेष अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का संज्ञान भी लिया है।
फिलहाल विकास गर्ग से कथित धन के स्रोत, कंपनियों में निवेश, EbixCash की हिस्सेदारी खरीदने और अन्य वित्तीय लेन-देन को लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की जाँच जारी है।
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