दिल्ली ने स्वच्छ परिवहन और हरित पर्यावरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में 300 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गईं। इसके साथ ही महत्वाकांक्षी ‘मिशन 70 लाख वृक्षारोपण अभियान’ की भी शुरुआत की गई।
दोनों पहलों का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में आरके पुरम स्थित सेंट्रल पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया। इस मौके पर राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, वायु प्रदूषण कम करने और हरित आवरण बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
दिल्ली का इलेक्ट्रिक बस बेड़ा बढ़कर 4800
300 नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली का इलेक्ट्रिक बस बेड़ा बढ़कर 4800 हो गया है। इसके साथ ही दिल्ली देश में सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क वाले शहरों में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है।
सरकार का उद्देश्य पारंपरिक ईंधन से चलने वाली बसों पर निर्भरता कम करना और सार्वजनिक परिवहन को अधिक स्वच्छ, आधुनिक तथा पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी आने और राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
आज दिल्ली में मिशन 70 लाख पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया।
दिल्ली रिज में विदेशी और जहरीले वृक्षों को हटाकर, पीपल, बरगद, नीम और जामुन जैसे 100 वर्ष से अधिक आयु वाले देशी वृक्ष लगाकर इसे दिल्ली का 'ग्रीन लंग्स' बनाया जाएगा। साथ ही, आर्ट थीम पर आधारित विशेष वन, 70 से अधिक तालाब,… pic.twitter.com/xbfkjwG9Gg
— Amit Shah (@AmitShah) July 7, 2026
2027 तक 7000 इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने वर्ष 2027 तक राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर 7000 करने का लक्ष्य रखा है।
यह लक्ष्य ऐसे समय में तय किया गया है, जब दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। परिवहन क्षेत्र प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में शामिल माना जाता है, इसलिए सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाने को सरकार की व्यापक पर्यावरण रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
अमित शाह बोले- सार्वजनिक परिवहन होगा अधिक मजबूत और स्वच्छ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नई इलेक्ट्रिक बसें और परिवहन से जुड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं दिल्ली के नागरिकों के लिए सार्वजनिक परिवहन को और बेहतर बनाएंगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के परिवहन नेटवर्क में 300 नई इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी गई हैं और एक नए मल्टी-लेवल बस डिपो की आधारशिला भी रखी गई है।
अमित शाह के अनुसार, इन पहलों से दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन अधिक मजबूत, स्वच्छ और सुविधाजनक होगा।
आरके पुरम में बनेगा मल्टी-लेवल बस डिपो
इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ अमित शाह और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दक्षिण दिल्ली के आरके पुरम में प्रस्तावित मल्टी-लेवल बस डिपो की आधारशिला भी रखी। यह नया डिपो राजधानी के लगातार बढ़ते इलेक्ट्रिक बस बेड़े के संचालन और रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, नई सुविधा में बसों के पार्किंग, चार्जिंग, मेंटेनेंस और परिचालन के लिए बेहतर व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
बढ़ते इलेक्ट्रिक बस बेड़े के लिए जरूरी नया इंफ्रास्ट्रक्चर
दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में केवल नई बसें शामिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके लिए चार्जिंग स्टेशन, रखरखाव सुविधा और आधुनिक डिपो भी जरूरी हैं।
आरके पुरम का प्रस्तावित मल्टी-लेवल बस डिपो इसी जरूरत को पूरा करेगा। सीमित शहरी जमीन का बेहतर उपयोग करने के लिए मल्टी-लेवल डिपो मॉडल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे एक ही स्थान पर अधिक बसों को खड़ा करने और उनके संचालन को सुव्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
कुल बस बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की हिस्सेदारी बढ़ी
नई 300 बसों के शामिल होने से पहले दिल्ली में करीब 7000 बसों का कुल सार्वजनिक परिवहन बेड़ा था, जिसमें लगभग 4500 इलेक्ट्रिक बसें शामिल थीं। नई बसों के आने के बाद इलेक्ट्रिक बसों का आंकड़ा 4800 तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि दिल्ली की सार्वजनिक बस प्रणाली में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
यह बदलाव राजधानी के परिवहन क्षेत्र को धीरे-धीरे लो-एमिशन और क्लीन मोबिलिटी मॉडल की ओर ले जा रहा है।
आज दिल्ली के नानकपुरा रिज में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण किया।
मोदी जी का यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के संकल्प व प्रकृति के प्रति हमारी संस्कृति के सम्मान का प्रतीक बन रहा है। दिल्ली सरकार इस अभियान से जुड़ दिल्ली रिज को पुनर्जीवन देने का काम कर रही है। pic.twitter.com/yWDAaGaUwY
— Amit Shah (@AmitShah) July 7, 2026
दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026 का हिस्सा
इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क का विस्तार दिल्ली की इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026 के अनुरूप किया जा रहा है। इस नीति का उद्देश्य शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना और स्वच्छ परिवहन को प्रोत्साहित करना है।
नीति के तहत दिल्ली परिवहन निगम और परिवहन विभाग की ओर से शुरू की जाने वाली नई इंट्रा-स्टेट बसों को इलेक्ट्रिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
छोटी 9 मीटर इलेक्ट्रिक बसों से बढ़ेगी लास्ट-माइल कनेक्टिविटी
दिल्ली परिवहन निगम ने पिछले एक वर्ष के दौरान 9 मीटर लंबी छोटी बसों की संख्या भी बढ़ाई है।
इन बसों का इस्तेमाल ऐसे मार्गों पर किया जाता है, जहां बड़ी बसों का संचालन व्यावहारिक नहीं होता। संकरी सड़कों, आंतरिक कॉलोनियों और कम चौड़ाई वाले मार्गों पर छोटी इलेक्ट्रिक बसें बेहतर कनेक्टिविटी दे सकती हैं। इससे लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत होने और अधिक लोगों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
PM E-DRIVE योजना से मिला सहयोग
दिल्ली में शामिल की गई नई 300 इलेक्ट्रिक बसों को केंद्र सरकार की PM E-DRIVE पहल के सहयोग से जोड़ा गया है। इस पहल का उद्देश्य देशभर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा देना और सार्वजनिक परिवहन में स्वच्छ ऊर्जा आधारित वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाना है।
इस तरह दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त नीतिगत प्राथमिकताओं के अनुरूप देखा जा रहा है।
‘मिशन 70 लाख वृक्षारोपण अभियान’ की शुरुआत
इलेक्ट्रिक बसों के साथ ही दिल्ली में ‘मिशन 70 लाख वृक्षारोपण अभियान’ की भी शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य राजधानी में हरित आवरण बढ़ाना, गर्मी के प्रभाव को कम करना और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना है।
वाहन उत्सर्जन में कमी और बड़े स्तर पर वृक्षारोपण को साथ लेकर सरकार ने परिवहन और पर्यावरण दोनों क्षेत्रों में समानांतर रणनीति अपनाने का संदेश दिया है।
दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए दिल्ली रिज को देशी प्रजातियों के वृक्षों से हरा-भरा किया जा रहा है। इसी दिशा में आज मिशन 70 लाख पौधारोपण अभियान के तहत राष्ट्रपति अंगरक्षक दल परिसर में वृक्षारोपण किया।
आने वाले चार वर्षों में दिल्ली रिज वन क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक वृक्ष… pic.twitter.com/603dk39N8P
— Amit Shah (@AmitShah) July 7, 2026
स्वच्छ परिवहन और हरित दिल्ली का डबल प्लान
दिल्ली की नई पहल दो प्रमुख चुनौतियों पर एक साथ काम करती है। एक ओर इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से सड़क परिवहन से होने वाले प्रदूषण को कम करने की कोशिश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर बड़े स्तर पर वृक्षारोपण के जरिए शहर का हरित आवरण बढ़ाने की योजना है।
इन दोनों पहलों को राजधानी की दीर्घकालिक पर्यावरण रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
प्रदूषण कम करने में इलेक्ट्रिक बसों की अहम भूमिका
दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या को देखते हुए इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन का विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसें टेलपाइप उत्सर्जन नहीं करतीं, जिससे शहरी क्षेत्रों में धुआं और स्थानीय प्रदूषक कम करने में मदद मिल सकती है। यदि बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक इलेक्ट्रिक बसों का उपयोग करें, तो इससे सड़क पर वाहनों की संख्या और कुल उत्सर्जन दोनों कम हो सकते हैं।
दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन में बड़ा बदलाव
300 नई इलेक्ट्रिक बसों का शामिल होना केवल बेड़े की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। यह दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन मॉडल में बड़े बदलाव का संकेत है।
आधुनिक बसें, मल्टी-लेवल डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, छोटी इलेक्ट्रिक बसें और 2027 तक 7000 बसों का लक्ष्य राजधानी को इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित कर सकता है।
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