पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के कथित निर्देश पर भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने का दावा किया है। अमृतसर पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस मामले में दो अलग-अलग मॉड्यूल से जुड़े चार नाबालिगों समेत कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पेट्रोल बम, बोतल बम, पिस्तौल, कारतूस और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को कथित तौर पर हिंसक घटनाओं और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने के लिए तैयार किया जा रहा था। मामले में विदेशी फंडिंग, हथियारों की आपूर्ति और पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स की भूमिका की जांच की जा रही है।
In a major breakthrough, Amritsar Commissionerate Police busts two ISI-backed cross border terror modules, apprehends nine accused, including four juveniles, and recovers 3 illegal pistols, 4 petrol bottle bombs, and 9 live cartridges.
Preliminary investigation reveals that the… pic.twitter.com/b75aSXvPNS
— DGP Punjab Police (@DGPPunjabPolice) August 4, 2026
जंतर-मंतर के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा कनेक्शन
पुलिस जांच में सामने आया है कि एक मॉड्यूल के कुछ आरोपी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पहुंचे थे। आरोप है कि वहां उन्हें स्थानीय स्तर पर सहायता और आवश्यक सामान उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया था।
हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण आरोपी कथित योजना को अंजाम नहीं दे सके और बाद में पंजाब वापस लौट गए। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दिल्ली में आरोपियों की सहायता किसने की, वे किन लोगों के संपर्क में थे और उन्हें किस उद्देश्य से वहां भेजा गया था।
रेलवे ट्रैक के पास लगाए CCTV कैमरे
जांच के दौरान दूसरे मॉड्यूल को लेकर भी गंभीर जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अमृतसर के संवेदनशील रेलवे ट्रैक के पास CCTV कैमरे लगाए थे। इन कैमरों से मिलने वाली लाइव फुटेज कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स तक पहुंचाई जा रही थी।
जोड़ा फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध कैमरा मिलने के बाद पुलिस ने मोखमपुरा निवासी वंश कुमार और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से कथित रूप से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई।
पुलिस यह जांच कर रही है कि रेलवे ट्रैक की निगरानी क्यों की जा रही थी और क्या किसी ट्रेन, रेलवे प्रतिष्ठान अथवा अन्य संवेदनशील स्थान को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी।
Amritsar, Punjab: On busting ISI-backed terror modules, Police Commissioner Gurpreet Singh Bhullar says, "Amritsar Commissionerate Police, following the directions of our Chief Minister and under the zero-tolerance policy towards counter-terrorism, has busted two ISI-backed… pic.twitter.com/DA51mSCQAA
— IANS (@ians_india) August 4, 2026
आर्थिक रूप से कमजोर नाबालिगों को बनाया निशाना
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के अनुसार, गिरफ्तार किए गए नाबालिग आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उन्हें पैसों का लालच देकर कथित देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल किया गया था।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर सोशल मीडिया और ऑनलाइन मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले युवाओं और नाबालिगों को निशाना बना रहे हैं। उनसे शुरुआत में छोटे काम करवाए जाते हैं और बाद में उन्हें हथियारों की सप्लाई, रेकी और हिंसक गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास किया जाता है।
विदेशी फंडिंग और हथियार सप्लाई की जांच
पंजाब पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और विदेशी संपर्कों की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों को पैसा किस माध्यम से भेजा गया और हथियार तथा विस्फोटक सामग्री उन तक कैसे पहुंची।
जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान भी कर रही हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपियों के अतिरिक्त कुछ और लोग भी इस कथित नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।
फिलहाल पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच पूरी होने के बाद नेटवर्क से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
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