उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक विवादास्पद मामला सामने आया है, जहाँ कासिमाबाद क्षेत्र स्थित MRD पब्लिक स्कूल में बच्चों से उर्दू भाषा में प्रार्थना कराए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्कूली बच्चे इस्लामी दुआ की मुद्रा में हाथ उठाकर प्रार्थना करते दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद इस पर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर आपत्ति जताई गई है।
विवाद उस समय और गहरा गया जब यह आरोप लगाया गया कि स्कूल में कुछ छात्रों ने हनुमान चालीसा का पाठ करने की मांग की थी, लेकिन उन्हें कथित तौर पर डांटकर चुप करा दिया गया। इस पूरे मामले को लेकर विभिन्न हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे बच्चों पर एक विशेष धार्मिक परंपरा थोपने का प्रयास बताया।
एमआरडी पब्लिक स्कूल, गाजीपुर, यूपी
सुबह की प्रार्थना में उर्दू में इस्लामी दुआ और कलमा पढ़ाया जा रहा है
छात्रों ने विरोध किया और हनुमान चालीसा पढ़ाने की मांग की, लेकिन स्कूल प्रशासन ने मना कर दिया।
हिंदू संगठनों ने स्कूल पर धार्मिक प्रचार और जिहाद फैलाने का आरोप लगाया।… pic.twitter.com/paqTYQTo2w
— One India News (@oneindianewscom) January 1, 2026
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष उठाया है। संगठन के जिला अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने आरोप लगाया कि स्कूल में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे हिंदू हैं और ऐसे में उनसे किसी एक धर्म की प्रार्थना कराना अनुचित है। उन्होंने इसे बच्चों के कोमल मानसिक विकास के साथ छेड़छाड़ बताया और स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा है।
वहीं, स्कूल प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज किया है। स्कूल प्रबंधक श्रीनाथ यादव का कहना है कि यह कार्यक्रम किसी धार्मिक गतिविधि का हिस्सा नहीं था, बल्कि CBSE बोर्ड के ‘भाषा उत्सव’ के तहत आयोजित एक शैक्षणिक पहल थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल में प्रतिदिन अंग्रेजी भाषा में सामान्य प्रार्थना होती है।
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, उक्त दिन अलग-अलग भाषाओं के प्रति छात्रों की रुचि बढ़ाने और भाषाई विविधता को समझाने के उद्देश्य से उर्दू भाषा में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसका धार्मिक रंग से कोई लेना-देना नहीं है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही एसडीएम कासिमाबाद ने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
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