मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से एक ट्रांसजेंडर महिला के साथ कथित धोखाधड़ी, मारपीट और आर्थिक शोषण का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद एक युवक ने उससे निकाह किया, साथ रहने का भरोसा दिया और मकान व ऑटो रिक्शा खरीदने के नाम पर उससे करीब 13.70 लाख रुपये तथा सोने के जेवर ले लिए। बाद में युवक के पहले से शादीशुदा होने की जानकारी सामने आने पर विवाद बढ़ गया। पुलिस ने युवक और उसके परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जनवरी 2025 में इंस्टाग्राम से हुई थी दोस्ती
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, शाजापुर की रहने वाली 26 वर्षीय ट्रांसजेंडर महिला की जनवरी 2025 में इंस्टाग्राम के माध्यम से मुशर्रफ मंसूरी नामक युवक से दोस्ती हुई थी। आरोपित युवक शाजापुर के पटेलवाड़ी क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।
पीड़िता का कहना है कि सोशल मीडिया पर बातचीत शुरू होने के बाद दोनों के बीच लगातार संपर्क बढ़ता गया। कुछ समय बाद युवक ने उससे विवाह करने और शाजापुर में पत्नी के रूप में साथ रखने का भरोसा दिया।
इंदौर में निकाह और कानूनी दस्तावेज तैयार कराने का दावा
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवक पीड़िता को इंदौर के बॉम्बे बाजार क्षेत्र में लेकर गया, जहां दोनों ने निकाह किया। इसके बाद आपसी सहमति से अदालत में कुछ कानूनी दस्तावेजी प्रक्रिया भी पूरी किए जाने की बात कही गई है।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि युवक ने उसकी आवाज में बदलाव कराने के लिए डॉक्टर से संपर्क किया था। दोनों की सहमति से चिकित्सा प्रक्रिया अथवा ऑपरेशन कराए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि इस चिकित्सा प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और परिस्थितियों की पुलिस जांच जारी है।
मकान और रिक्शा खरीदने के नाम पर पैसे लेने का आरोप
पीड़िता के मुताबिक, निकाह के बाद युवक ने मकान बनाने और ऑटो रिक्शा खरीदने के नाम पर उससे अलग-अलग समय पर पैसे मांगे। आरोप है कि उसने युवक को कुल करीब 13.70 लाख रुपये दिए।
रकम जुटाने के लिए पीड़िता ने कथित तौर पर अपनी सोने की चेन और अन्य आभूषण भी बेच दिए। कुछ रिपोर्टों में नकदी के साथ सोने-चांदी के जेवर और वाहन से संबंधित आर्थिक लेन-देन का भी उल्लेख किया गया है।
पहले से शादीशुदा होने का चला पता
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में उसे पता चला कि मुशर्रफ पहले से शादीशुदा है। पीड़िता का दावा है कि युवक ने यह जानकारी छिपाकर उससे निकाह किया और विवाह का झूठा भरोसा देकर पैसे व आभूषण हासिल किए।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि पैसे लेने के बाद युवक और उसके परिवार का व्यवहार बदल गया। उसके साथ मारपीट की गई, धमकियां दी गईं और अंततः उसे घर से निकाल दिया गया। ये सभी आरोप अभी जांच के अधीन हैं और आरोपित पक्ष का विस्तृत बयान सामने आना बाकी है।
चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुख्य आरोपित मुशर्रफ मंसूरी सहित उसके परिवार के कुल चार सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। एफआईआर में कथित धोखाधड़ी, मारपीट, धमकी और आर्थिक उत्पीड़न से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के साथ ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधान लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) कानून ट्रांसजेंडर नागरिकों को भेदभाव, शारीरिक, भावनात्मक और आर्थिक उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करता है। केंद्र सरकार के अनुसार, कानून का उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की गरिमा, समानता और सुरक्षित जीवन के अधिकार को सुनिश्चित करना है।
पुलिस जांच में सामने आएगी सच्चाई
पुलिस अब पीड़िता द्वारा दी गई रकम, बैंक लेन-देन, बेचे गए आभूषणों, निकाह और अदालत से जुड़े दस्तावेजों तथा चिकित्सा प्रक्रिया के रिकॉर्ड की जांच कर सकती है। आरोपितों के बयान दर्ज करने के बाद ही मामले की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।
फिलहाल सभी आरोप शिकायत और एफआईआर में दर्ज दावों पर आधारित हैं। आरोपितों को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक कानूनन निर्दोष माना जाएगा।
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