मेलबर्न का मार्वल स्टेडियम गुरुवार को भारतीय संस्कृति, तिरंगे और भारतवंशियों के उत्साह के रंग में रंगा दिखाई दिया। ‘Melbourne Meets Modi’ कार्यक्रम में हजारों भारतीय मूल के लोग पहुंचे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, भारतीय परिधानों और देशभक्ति के माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने कार्यक्रम को भारतीय प्रवासी समुदाय के विशाल शक्ति प्रदर्शन और दोनों देशों के बढ़ते जनसंपर्क की बड़ी तस्वीर के रूप में देखा।
जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी मंच पर पहुंचे, पूरा स्टेडियम ‘मोदी-मोदी’ के नारों से गूंज उठा। लोगों के जबरदस्त उत्साह पर प्रधानमंत्री ने इसका श्रेय खुद लेने के बजाय भारत और ऑस्ट्रेलिया की जनता को दिया। उन्होंने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच बढ़ते भरोसे और मित्रता की ताकत है।
Excited to be among the Indian community in Melbourne. Their energy and enthusiasm are truly unmatched. They are one of the strongest pillars of India-Australia friendship. https://t.co/dG9F5vj5jr
— Narendra Modi (@narendramodi) July 9, 2026
‘भारत मदद करता है तो पासपोर्ट का रंग नहीं देखता’
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भारत की मानवीय भूमिका को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि जब भी दुनिया में किसी देश या समाज को मदद की जरूरत पड़ती है, भारत यह नहीं देखता कि मदद पाने वाले व्यक्ति के पास किस रंग का पासपोर्ट है।
प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि उस मुश्किल समय में भारत ने 100 से अधिक देशों तक वैक्सीन पहुंचाई थी। उन्होंने इसे भारत की उस सोच से जोड़ा, जिसमें मानवता को सीमाओं और राष्ट्रीयताओं से ऊपर रखा जाता है। पीएम मोदी का यह बयान उस समय आया जब वे भारतीय प्रवासी समुदाय को वैश्विक स्तर पर बदलती भारत की भूमिका के बारे में बता रहे थे।
प्रधानमंत्री के संदेश का मूल भाव यह था कि नया भारत केवल अपने नागरिकों की प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक संकट के समय दुनिया के साथ खड़ा होने की क्षमता और इच्छाशक्ति भी रखता है।
#WATCH | Melbourne, Australia: Addressing the Indian community event, PM Narendra Modi says, "When India extends a helping hand, it does not look at passports; when India sends aid, it does not look at the colour of the passport. That is why the world places such great trust in… pic.twitter.com/0XPvjeEfS2
— ANI (@ANI) July 9, 2026
12 साल में तीसरी ऑस्ट्रेलिया यात्रा, PM मोदी बोले- ‘यह दौरों की हैट्रिक है’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बदलते रिश्तों को अपनी यात्राओं के जरिए समझाया। उन्होंने याद दिलाया कि जब वे वर्ष 2014 में ऑस्ट्रेलिया आए थे, तब 28 वर्षों बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर पहुंचा था। उस समय उन्होंने भारतीय समुदाय से कहा था कि अब उन्हें किसी भारतीय प्रधानमंत्री के लिए दोबारा 28 साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पीएम मोदी की 2014 की ऑस्ट्रेलिया यात्रा वास्तव में लंबे अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय यात्रा थी।
#WATCH | Melbourne, Australia: Addressing the Indian community event, PM Narendra Modi says, "Today, India has become the world's second-largest 5G market. India is rapidly working on 'Made in India' 6G technology. Over the past 12 years, the metro network has expanded to more… pic.twitter.com/7bjsmdQkOD
— ANI (@ANI) July 9, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह उनका तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा है और इस तरह यात्राओं की ‘हैट्रिक’ पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध किस ऊंचाई तक पहुंच चुके हैं। पीएम मोदी ने इन मजबूत होते रिश्तों में ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 9 जुलाई 2026 को मेलबर्न में तीसरा वार्षिक शिखर सम्मेलन भी आयोजित किया। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स, साइबर टेक्नोलॉजी, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की। दोनों प्रधानमंत्रियों ने ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच ‘जीवंत सेतु’ की भूमिका निभाने वाला बताया।
पीएम मोदी के क्रिकेट जोक पर खिलखिला उठे ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज़, भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी की तुलना टेस्ट मैच से की!
द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक मजेदार 'क्रिकेट जोक' पर ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज़ अपनी हंसी नहीं रोक पाए। पीएम मोदी ने दोनों… pic.twitter.com/f3yKIRGvuI
— One India News (@oneindianewscom) July 9, 2026
‘चार मौसमों वाले मेलबर्न को भारतीय समुदाय ने और वाइब्रेंट बना दिया’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में मेलबर्न की खासियत पर मजेदार अंदाज में बात की। उन्होंने कहा कि मेलबर्न के बारे में कहा जाता है कि यहां एक ही दिन में चार मौसमों की झलक देखने को मिल सकती है, लेकिन भारतीय समुदाय ने अपने सांस्कृतिक रंगों से शहर को और अधिक जीवंत बना दिया है।
प्रधानमंत्री ने मेलबर्न और आसपास के इलाकों में बसे भारतीय बाजारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों को लोग ‘Little India’ तो कुछ को ‘Mini India’ कहते हैं, लेकिन नाम चाहे जो हो, इन स्थानों पर भारतीय संस्कृति और जीवनशैली साफ दिखाई देती है।
पीएम मोदी ने एक भारतीय बाजार के वीडियो का जिक्र करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वहां लगातार सेल चलती रहती है। उन्होंने कहा कि कई बार लोगों का खरीदारी का मन भी नहीं होता, लेकिन सेल के उत्साह में वे कुछ न कुछ खरीद ही लेते हैं। इसी पर उन्होंने मजाक किया कि ‘सेल के चक्कर में लोग घनचक्कर बन जाते हैं।’
#WATCH | Melbourne, Australia: Addressing the Indian community event, PM Narendra Modi says, "It is said that the city of Melbourne offers a glimpse of all four seasons in a single day. However, the Indian community has made it even more vibrant with its own cultural hues. Here… pic.twitter.com/sK09PljRVr
— ANI (@ANI) July 9, 2026
Gen-Z और ‘भजन क्लबिंग’ पर PM मोदी की खास बात
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में भारतीय युवाओं के बीच बढ़ते ‘भजन क्लबिंग’ ट्रेंड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की Gen-Z परंपरा और आधुनिकता को नए तरीके से जोड़ रही है और भजन क्लबिंग इसी बदलाव का एक उदाहरण है। यह ट्रेंड पहले भी उनके सार्वजनिक संवाद में चर्चा का विषय रह चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीयों के सप्ताहांत भी आस्था, अध्यात्म, संस्कृति और सामुदायिक गतिविधियों से भरे रहते हैं। कहीं किसी परिवार में भगवान सत्यनारायण की कथा हो रही होती है, कहीं गुरुद्वारे में अरदास, कहीं बच्चे भांगड़ा या भरतनाट्यम सीख रहे होते हैं तो कहीं क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा होता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय जहां भी जाता है, अपनी संस्कृति को जीवित रखता है और साथ ही उस देश की प्रगति में योगदान भी देता है। यही भारतवंशियों की सबसे बड़ी ताकत है।
#WATCH | Melbourne, Australia: Addressing the Indian community event, PM Narendra Modi says, "Whatever India and Australia do proves beneficial for both nations. The India-Australia Trade Agreement is a prime example of this."
"Over the past twelve years, India has emerged as… pic.twitter.com/tPtLkvKME4
— ANI (@ANI) July 9, 2026
Indian Film Festival of Melbourne को दीं शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने मेलबर्न में होने वाले भारतीय फिल्म महोत्सव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि Indian Film Festival कुछ ही दिनों में मेलबर्न में शुरू होने वाला है और वे इसके सफल आयोजन के लिए पहले से शुभकामनाएं देते हैं।
प्रधानमंत्री का यह उल्लेख केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था। इसके जरिए उन्होंने भारतीय सिनेमा, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक परंपराओं को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होते लोगों के रिश्तों का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 9 जुलाई के आधिकारिक शिखर सम्मेलन में भी बढ़ते सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भारतीय मूल के लोगों के योगदान की विशेष रूप से सराहना की गई।
‘एक सपना हजार नए सपनों को जन्म देता है’
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए विकसित भारत के संकल्प को अपने भाषण के केंद्र में रखा। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि एक दीया हजारों दीयों को जलाता है, लेकिन आज का भारत मानता है कि एक सपना हजारों नए सपनों को जन्म देता है। जब एक लक्ष्य हासिल होता है तो देश उससे बड़ा लक्ष्य तय करता है।
पीएम मोदी ने भारत की नई सोच को ‘Grow More, Achieve More’ के मंत्र से जोड़ा। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ लोगों का भारत उम्मीदों, आकांक्षाओं और नई उपलब्धियों की भूख से भरा हुआ है। भारत अब एक उपलब्धि हासिल करके रुकना नहीं चाहता, बल्कि हर सफलता के बाद उससे बड़ा लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।
140 करोड़ भारतीयों के सपनों का भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी 1.4 अरब की आबादी की आकांक्षाएं हैं। आज हर भारतीय अपने जीवन में बदलाव चाहता है और देश को नई ऊंचाई पर देखना चाहता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की इस नई ऊर्जा को ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य से जोड़ा। उनके मुताबिक 21वीं सदी का भारत अवसरों की प्रतीक्षा करने वाला देश नहीं, बल्कि नए अवसर पैदा करने और दुनिया के सामने नए मॉडल प्रस्तुत करने वाला भारत है।
इसी दिन मेलबर्न में हुए भारत-ऑस्ट्रेलिया CEO Forum में प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई कारोबारियों और निवेशकों के सामने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, नीतिगत सुधार, डिजिटल परिवर्तन और इनोवेशन इकोसिस्टम को भी रेखांकित किया। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी, AI, सेमीकंडक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल अर्थव्यवस्था समेत कई क्षेत्रों में निवेश के अवसर गिनाए।
मेलबर्न के ऐतिहासिक क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में दिखा पीएम मोदी का जलवा, 'मोदी-मोदी' के नारों से गूंजा ऑस्ट्रेलिया!
ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर प्रवासी भारतीयों और ऑस्ट्रेलियाई फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज देखने को मिला… pic.twitter.com/fpfGU9anOO
— One India News (@oneindianewscom) July 9, 2026
अल्बानीज बोले- यह ऊर्जा भारत-ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी की ताकत
प्रधानमंत्री मोदी से पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने स्टेडियम में मौजूद लोगों के उत्साह और ऊर्जा को भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी की ताकत का प्रतीक बताया।
अल्बानीज ने भारतीय समुदाय के ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में योगदान की सराहना की। ऑस्ट्रेलियाई सरकार भी भारत को एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक साझेदार मानती है। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से पहले अल्बानीज ने कहा था कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है तथा ऑस्ट्रेलिया के लिए एक अहम आर्थिक साझेदार है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी अल्बानीज की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे जब भारतीय समुदाय के सामने बोलते हैं तो लोगों के दिल और दिमाग पर छा जाते हैं। उन्होंने सिडनी में हुए पुराने सामुदायिक कार्यक्रम को याद करते हुए कहा कि अल्बानीज ने वहां भी लोगों पर गहरा प्रभाव छोड़ा था और मेलबर्न में भी सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम से पहले प्रवासी भारतीय नेताओं से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री अल्बानीज ने ‘Melbourne Meets Modi’ कार्यक्रम से पहले भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतवंशियों की उपलब्धियों और द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने में उनकी भूमिका की सराहना की।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक शिखर सम्मेलन में भी दोनों नेताओं ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया का भारतीय समुदाय वहां के समाज और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और दोनों देशों के बीच एक जीवंत पुल का काम कर रहा है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया रिश्तों के लिए क्यों खास है ‘Melbourne Meets Modi’?
यह कार्यक्रम ऐसे समय आयोजित हुआ है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध केवल क्रिकेट और भारतीय प्रवासी समुदाय तक सीमित नहीं रहे हैं। दोनों देश व्यापार, निवेश, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, साइबर टेक्नोलॉजी और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। 9 जुलाई 2026 को आयोजित तीसरे वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों के कई नए आयामों पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त प्रेस बयान में भारत और ऑस्ट्रेलिया को दो जीवंत लोकतंत्र, दो बहुसांस्कृतिक समाज और दो महत्वपूर्ण महासागरीय शक्तियां बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की समानताएं और साझा दृष्टिकोण गहरे आपसी भरोसे के साथ संबंधों को आगे बढ़ा रहे हैं।
#WATCH | Melbourne, Australia: Addressing the Indian community event, PM Narendra Modi says, "You must have heard about the new trend of 'Bhajan Clubbing' in India; it is being driven by our Gen Z. Here in Australia, too, I hear that your weekends are filled with faith and… pic.twitter.com/5mQwCDkorR
— ANI (@ANI) July 9, 2026
मेलबर्न से दुनिया को प्रवासी भारतीयों की ताकत का संदेश
मार्वल स्टेडियम का विशाल कार्यक्रम केवल प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत का आयोजन नहीं रहा। इसने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय की बढ़ती सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत को भी दुनिया के सामने रखा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता, वैश्विक मानवता, विकसित भारत और भारत-ऑस्ट्रेलिया मित्रता को एक सूत्र में जोड़ने की कोशिश की। ‘भारत मदद करते समय पासपोर्ट का रंग नहीं देखता’ से लेकर ‘Grow More, Achieve More’ तक उनका संदेश यह रहा कि भारत अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए दुनिया में बड़ी भूमिका निभाने के लिए आगे बढ़ रहा है।
#WATCH | Melbourne, Australia: Addressing the Indian community event, PM Narendra Modi says, "We aspire to become one of the world's top three economies as soon as possible, driven by the motto: 'Grow more, achieve more.'
"India is now preparing to launch its 'Gaganyaan'… pic.twitter.com/48P5zBNWyP
— ANI (@ANI) July 9, 2026
30 हजार से अधिक भारतवंशियों की मौजूदगी और ‘मोदी-मोदी’ के नारों के बीच ‘Melbourne Meets Modi’ कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों की सबसे मजबूत नींव केवल सरकारों के बीच समझौते नहीं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच लगातार मजबूत होता भरोसा भी है।
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