गाजियाबाद के खोड़ा में सूर्या प्रताप चौहान हत्याकांड के बाद जिला प्रशासन और पुलिस अवैध निर्माणों, सरकारी जमीनों पर कब्जों और बिना अनुमति संचालित संस्थानों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। इसी कड़ी में प्रशासन ने खोड़ा क्षेत्र में दो मदरसों को सील करने के बाद उनके संचालकों और शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। वहीं मसूरी थाना क्षेत्र के डासना में सरकारी भूमि पर बने एक कथित अवैध मदरसे को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया।
प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई नियमों और जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है तथा सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
खोड़ा में दो मदरसे सील, अब FIR दर्ज
खोड़ा थाना क्षेत्र में प्रशासन ने मंगलवार (2 जून 2026) को दो मदरसों को सील किया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये संस्थान संबंधित विभागों की आवश्यक अनुमति के बिना संचालित किए जा रहे थे।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संबंधित संस्थानों के पास फायर विभाग और बिजली विभाग से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) उपलब्ध नहीं थे।
बुधवार (3 जून 2026) को इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और सभी दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है।
#WATCH | Ghaziabad, Uttar Pradesh: DCP Dhawal Jaiswal says, "Under the jurisdiction of the Ghaziabad Police Commissionerate, specifically the Khora Area Police Station, ongoing investigations into illegal properties are being conducted. Yesterday, two unauthorised madrasas were… pic.twitter.com/ZATRydCIq1
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 3, 2026
डासना में सरकारी जमीन पर बने मदरसे पर बुलडोजर कार्रवाई
खोड़ा से करीब 15 किलोमीटर दूर मसूरी थाना क्षेत्र के डासना में भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की।
अधिकारियों के अनुसार, राजस्व विभाग की जांच में लगभग एक हेक्टेयर भूमि सरकारी पाई गई थी, जिस पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर निर्माण किया गया था।
प्रशासन ने बताया कि संबंधित पक्ष को पहले नोटिस जारी किया गया था और कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने के बाद बुधवार को ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया।
भारी सुरक्षा के बीच चला अभियान
ध्वस्तीकरण के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बुलडोजर कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियां दिखाई दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत चलाया गया।
#WATCH | Ghaziabad, Uttar Pradesh: DCP Rural Surendra Nath Tiwari says, "During an inspection conducted by the Revenue Department, it was discovered that an illegal madrasa had been constructed on government land… Despite the issuance of a notice, the structure was not removed… https://t.co/0bwUOPgMai pic.twitter.com/4X7QToMyMj
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 3, 2026
सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद बढ़ी सख्ती
गाजियाबाद प्रशासन ने हाल के दिनों में अपराधियों, अवैध कब्जों और बिना अनुमति संचालित संस्थानों के खिलाफ व्यापक सत्यापन और जांच अभियान शुरू किया है।
सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद खोड़ा, लोनी और आसपास के क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, दस्तावेज सत्यापन और अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है।
प्रशासन का क्या कहना है?
अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य किसी विशेष समुदाय या संस्था को निशाना बनाना नहीं बल्कि सरकारी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे, बिना अनुमति चल रहे संस्थान और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
जिला प्रशासन का कहना है कि राजस्व विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग से अवैध निर्माणों और कब्जों की पहचान की जा रही है।
आने वाले दिनों में ऐसे मामलों में और भी कार्रवाई होने की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी अवैध निर्माण या सरकारी जमीन पर कब्जे की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
फिलहाल खोड़ा और डासना में हुई कार्रवाई को लेकर जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
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