पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में नाबालिग बच्ची से कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल प्रभास मंडल की पुलिस फायरिंग में मौत हो गई है। पुलिस का दावा है कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान प्रभास मंडल ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस गन छीन ली, पुलिस टीम पर गोली चलाई और भागने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की।
पुलिस के अनुसार, गोली लगने से गंभीर रूप से घायल प्रभास मंडल को तत्काल बारुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में आगे की कानूनी और वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रात 12:45 बजे क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए ले गई थी पुलिस
पुलिस के मुताबिक, बुधवार, 8 जुलाई 2026 की रात करीब 12:45 बजे बारुईपुर थाना कांड संख्या 1350/26 के जांच अधिकारी पुलिस टीम के साथ प्रभास मंडल को सूर्यपुर स्थित घटनास्थल पर लेकर पहुंचे थे।
वहां जांच के लिए घटनाक्रम का पुनर्निर्माण यानी क्राइम सीन रीक्रिएशन किया जाना था। पुलिस का कहना है कि इससे पहले कि रीक्रिएशन की प्रक्रिया शुरू होती, प्रभास मंडल ने अचानक ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिसकर्मी का सर्विस हथियार छीन लिया।
पुलिस का दावा- सर्विस गन छीनकर टीम पर चलाई गोली
पुलिस के अनुसार, हथियार छीनने के बाद प्रभास मंडल ने पुलिस टीम की ओर एक राउंड फायर किया और मौके से भागने की कोशिश की।
पुलिस का दावा है कि आरोपी की ओर से गोली चलाए जाने के बाद टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। गोली लगने से प्रभास मंडल गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।
इसके बाद उसे तत्काल बारुईपुर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कहा है कि घटना के संबंध में आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
क्या है बारुईपुर नाबालिग रेप-मर्डर केस?
यह मामला दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर इलाके का है। नाबालिग बच्ची 4 जुलाई 2026 को घर से बाहर निकलने के बाद लापता हो गई थी। अगले दिन उसका शव सूर्यपुर हाट इलाके के पास एक तालाब से बरामद हुआ।
शव एक बोरी में मिला था। बच्ची की मौत की खबर सामने आने के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। पुलिस ने मामले में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या से जुड़ी धाराओं के तहत जांच शुरू की तथा छह सदस्यीय विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया।
मामले में कुल चार गिरफ्तारियां, जांच जारी
मामले में पुलिस ने प्रभास मंडल के अलावा आनंद सरदार और दिवाकर सरदार समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार एक और आरोपी कबीर मोल्ला की गिरफ्तारी के बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या चार हो गई। प्रभास मंडल की बाद में पुलिस फायरिंग में मौत हो गई।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
बच्ची का शव मिलने के बाद भड़क उठा था बारुईपुर
नाबालिग का शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा था। प्रदर्शनकारियों ने बारुईपुर-जयनगर मार्ग पर टायर जलाकर सड़क जाम कर दी और कुछ पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की।
सूर्यपुर रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाके में भी प्रदर्शन हुए। रेल यातायात बाधित हुआ और हिंसक प्रदर्शन के दौरान पुलिस तथा सुरक्षा बलों के जवानों पर हमले की घटनाएं भी सामने आईं।
स्थिति बिगड़ने के बाद बारुईपुर, नरेंद्रपुर और सोनारपुर थाना क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लगाए गए थे।
शक के आधार पर युवक की पीट-पीटकर हत्या
नाबालिग का शव मिलने के बाद हिंसा के दौरान भीड़ ने 26 वर्षीय एक युवक को मामले में शामिल होने के शक में पीट-पीटकर मार डाला था।
बाद में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भीड़ की हिंसा में मारा गया युवक निर्दोष था। उन्होंने रेप-हत्या मामले और मॉब लिंचिंग, दोनों में न्याय सुनिश्चित करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने पुलिस की संभावित लापरवाही पर भी रिपोर्ट मांगी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने परिवार को दिया न्याय का भरोसा
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवार से संपर्क कर न्याय का भरोसा दिया। बाद में उन्होंने बारुईपुर जाकर परिवार के सदस्यों से मुलाकात भी की।
मुख्यमंत्री ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को मामले की जांच की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी पुलिस अधिकारी की लापरवाही सामने आने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय SIT गठित की है।
ममता बनर्जी के आरोपों से छिड़ा राजनीतिक विवाद
नाबालिग की कथित रेप और हत्या की घटना ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी तथा उनकी पार्टी ने आरोप लगाया कि उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने के लिए बारुईपुर जाने से रोकने के उद्देश्य से उनके कालीघाट स्थित आवास के आसपास भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बल तैनात किए गए।
TMC नेताओं ने इसे ममता बनर्जी की आवाजाही रोकने की कोशिश बताया। हालांकि भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों की तैनाती Z-प्लस सुरक्षा प्राप्त नेता की सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा थी।
दिलीप घोष का ममता बनर्जी पर पलटवार
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री और भाजपा नेता दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के आरोपों पर पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की गई थी। दिलीप घोष ने तंज कसते हुए कहा कि ममता बनर्जी को अंडे फेंके जाने का डर है, इसलिए उनके आवास के बाहर पुलिस की तैनाती की गई।
भाजपा ने यह भी दावा किया कि बारुईपुर मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
प्रभास मंडल की मौत के बाद उठे नए सवाल
मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस फायरिंग में मौत के बाद बारुईपुर रेप-मर्डर केस ने नया मोड़ ले लिया है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर टीम पर गोली चलाई और भागने का प्रयास किया, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग हुई।
अब जांच एजेंसियों के सामने नाबालिग की हत्या के पूरे घटनाक्रम, अन्य आरोपियों की भूमिका और कथित सामूहिक दुष्कर्म से जुड़े सबूतों को सामने लाने की चुनौती है।
फिलहाल SIT की जांच जारी है। गिरफ्तार अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपों का अंतिम कानूनी निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel