झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक की अपील के बाद पानी ग्रहण किया है।
हालांकि, देवेंद्र नाथ महतो ने साफ किया है कि उन्होंने केवल निर्जला उपवास समाप्त किया है। परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर उनकी भूख हड़ताल तथा सत्याग्रह जारी रहेगा। आंदोलनकारी छात्रों ने भी कहा है कि मांगें पूरी होने तक उनका लोकतांत्रिक संघर्ष समाप्त नहीं होगा।
लगातार अनशन से बिगड़ी देवेंद्र महतो की तबीयत
लगातार भोजन और पानी नहीं लेने के कारण देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने लगी थी। स्वास्थ्य में गिरावट के बाद उन्होंने चिकित्सकीय निगरानी में सलाइन लेना स्वीकार किया। इसी दौरान सोनम वांगचुक ने उनसे फोन और वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की।
सोनम वांगचुक ने देवेंद्र महतो से स्वास्थ्य का ध्यान रखने और आंदोलन को लंबे समय तक जारी रखने के लिए पानी, नमक, नींबू अथवा शहद लेने की अपील की। उन्होंने समझाया कि आंदोलन का उद्देश्य स्वयं को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि सरकार तक छात्रों की आवाज पहुंचाना होना चाहिए।
वांगचुक की अपील स्वीकार करते हुए देवेंद्र ने पानी ग्रहण किया। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग पूरी होने तक भूख हड़ताल और सत्याग्रह जारी रहेगा।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम बना आंदोलन का केंद्र
रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन का प्रमुख केंद्र बन गया है। राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आंदोलन को समर्थन देने पहुंच रहे हैं।
छात्रों का आरोप है कि झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं के आयोजन, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परिणाम जारी करने की प्रक्रिया और परीक्षा एजेंसियों की भूमिका में गंभीर खामियां सामने आई हैं। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और कथित धांधली में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आंदोलनकारी छात्रों ने विरोध तेज करने के लिए तिरंगा मार्च और 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा के घेराव की भी घोषणा की है।
रांची छात्र आंदोलन की प्रमुख मांगें
14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि कथित अनियमितताओं से घिरी 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द किया जाए और पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा परीक्षा आयोजित कराई जाए।
TDPL एजेंसी की भूमिका की जांच
छात्रों ने TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि एजेंसी की भूमिका और परीक्षा संचालन से जुड़े निर्णयों की गंभीरता से समीक्षा होनी चाहिए।
CBI और ED से जांच की मांग
आंदोलनकारी छात्रों ने राज्य की भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय से कराने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि जांच केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए और पूरे नेटवर्क की भूमिका सामने आनी चाहिए।
क्या है 14वीं JPSC परीक्षा विवाद?
14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी। परीक्षा का परिणाम 2 जुलाई को जारी होने के बाद अभ्यर्थियों ने परिणाम और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाने शुरू किए।
विवाद बढ़ने के बाद सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय और मामले से जुड़े कई स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आयोग से जुड़े कर्मचारियों और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते ने भी पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफे को स्वैच्छिक बताया और जांच में सहयोग करने की बात कही थी।
मामले में गिरफ्तारी की संख्या लगातार बढ़ी है। 4 अगस्त 2026 तक प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, सीआईडी की कार्रवाई में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 14 तक पहुंच गई थी। इससे पहले की रिपोर्टों में परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता सहित 11 गिरफ्तारियों की जानकारी दी गई थी।
नौ परीक्षाएं स्थगित होने से अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता
जेपीएससी परीक्षा विवाद के बाद आयोग की निर्धारित नौ परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया। परीक्षाएं स्थगित होने के कारण हजारों अभ्यर्थियों की तैयारी और भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
छात्रों का कहना है कि सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में कई वर्ष लगाने के बावजूद उन्हें बार-बार पेपर लीक, परीक्षा स्थगन और परिणाम विवाद जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी नाराजगी ने रांची में चल रहे आंदोलन को व्यापक रूप दिया है।
देवेंद्र महतो बोले—मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा
पानी ग्रहण करने के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि छात्रों की मांगों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और संबंधित आयोग को भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी।
उनका कहना है कि जब तक कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली की गारंटी नहीं दी जाती, तब तक आंदोलन अलग-अलग लोकतांत्रिक तरीकों से जारी रहेगा।
सोनम वांगचुक की अपील के बाद पानी ग्रहण करने से देवेंद्र महतो के स्वास्थ्य को लेकर बनी चिंता कुछ कम हुई है, लेकिन जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन फिलहाल समाप्त नहीं हुआ है।
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