पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों पर धार्मिक दबाव को लेकर एक बार फिर चिंताजनक मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सिंध प्रांत के मीरपुर सकरो स्थित एक सरकारी हाई स्कूल में हिंदू छात्राओं को पढ़ाई जारी रखने के लिए इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया जा रहा है।
नवंबर के अंत में कुछ हिंदू छात्राओं के अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई कि स्कूल की प्रिंसिपल ने उनकी बेटियों से कहा कि यदि उन्हें शिक्षा प्राप्त करनी है तो उन्हें इस्लाम कबूल करना होगा। यह आरोप भी लगाया गया कि छात्राओं को कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया गया और स्कूल में उनके धर्म का मज़ाक उड़ाया गया। धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर कुछ छात्राओं को स्कूल से घर भेज दिया गया।
इस मामले पर सिंध शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है। विभाग के एक प्रवक्ता के अनुसार, एक विशेष जांच समिति स्कूल का दौरा कर रही है और छात्राओं, उनके अभिभावकों तथा शिक्षकों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालना कानूनन अपराध है और किसी भी स्तर पर ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सिंध पाकिस्तान का वह प्रांत है जहाँ हिंदू आबादी सर्वाधिक है। इसके बावजूद यहाँ अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर लड़कियों, के जबरन धर्मांतरण के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि पाकिस्तान में हर साल 1,000 से अधिक अल्पसंख्यक लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता है, जिससे समुदायों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ती है।
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