पश्चिम बंगाल में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी सफलता मिली है। संदेशखाली और दक्षिण 24 परगना के विभिन्न इलाकों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने 29 आग्नेयास्त्र और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को राज्य में सक्रिय अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई निलंबित TMC नेता और पहले से गिरफ्तार शाहजहाँ शेख से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के बाद सामने आई अहम जानकारियों के आधार पर की गई। जांच एजेंसियों का मानना है कि बरामद हथियार लंबे समय से छिपाकर रखे गए थे और इनका इस्तेमाल विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता था।
Kudos to the West Bengal Police for a Major Breakthrough.
On precise intelligence inputs, the Special Task Force (STF) conducted extensive raids across multiple locations near Sarberia Bazaar in Kumrakhali, Basanti, and Sandeshkhali areas.
Forces have successfully seized a… pic.twitter.com/pPZhT4VwQd
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) June 6, 2026
शाहजहाँ शेख के करीबी सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद मिला सुराग
STF ने शाहजहाँ शेख के तीन करीबी सहयोगियों लुत्फार मोल्ला, खोकोन मोल्ला और रमजान अली मोल्ला को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान इन आरोपियों से मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर जांच एजेंसियों ने दक्षिण 24 परगना के कुमरोखाली इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।
इस अभियान के दौरान पुलिस को एक स्थानीय तालाब में हथियार छिपाए जाने की सूचना मिली। इसके बाद STF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया और पानी में डूबे बैगों को बाहर निकाला। इन बैगों में कई राइफलें, आग्नेयास्त्र और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ।
तालाब से निकाले गए हथियारों का वीडियो आया सामने
कार्रवाई के दौरान सामने आए वीडियो में STF के जवान तालाब के पानी में उतरकर बैगों को बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। इन बैगों में छिपाए गए हथियारों की बरामदगी ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है। अधिकारियों का कहना है कि हथियारों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बेहद सुनियोजित तरीके से छिपाया गया था।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन हथियारों की आपूर्ति कहां से हुई, इन्हें किस नेटवर्क के जरिए लाया गया और इनके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की भी संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी हुए तेज
इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने STF, पश्चिम बंगाल पुलिस और बशीरहाट पुलिस जिले की टीम को बधाई देते हुए इस अभियान की सराहना की।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अतीत में अवैध हथियारों का इस्तेमाल राजनीतिक हिंसा फैलाने और आम लोगों को डराने-धमकाने के लिए किया जाता रहा है। हालांकि इस मामले पर सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी बरामदगियां
पश्चिम बंगाल में अवैध हथियारों की बरामदगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले उत्तर 24 परगना जिले में भी एक बड़ी कार्रवाई के दौरान TMC नेता सुजीत साहा की जमीन से तीन डबल बैरल बंदूकें और कई कारतूस बरामद किए गए थे।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने राज्य में अवैध हथियारों के नेटवर्क और उनकी संभावित गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
राज्य की सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस बरामदगी से अवैध हथियारों की सप्लाई चेन और उससे जुड़े लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है, जिससे आगे की जांच को नई दिशा मिलेगी।
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