अहमदाबाद (गुजरात):
गुजरात के अहमदाबाद के पालडी इलाके में अशांत क्षेत्र अधिनियम के उल्लंघन को लेकर हुए विवाद के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नूतन सर्वोदय सोसाइटी में स्थित एक आलीशान बंगले को अहमदाबाद नगर निगम (AMC) की टीम ने भारी पुलिस सुरक्षा के बीच ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई इलाके में संपत्ति हस्तांतरण की वैधता को लेकर चल रहे विवाद के मद्देनजर की गई है। गौरतलब है कि पालडी क्षेत्र में अशांत धारा लागू है।
सूत्रों के अनुसार, AMC ने इस मामले में पहले ही संपत्ति मालिकों को कानूनी नोटिस जारी किया था। नोटिस का कोई जवाब या अनुपालन न होने के बाद अंततः प्रशासन ने तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
૨૦૨૩ થી નૂતન સર્વોદય સોસાયટી પાલડી કોચરબ ગામ ખાતે અશાંત ધારા હેઠળની લડત માં મુસ્તુફા માણેકચંદ સામે જીત થઈ.
સંધર્ષ કરીને વિજય પ્રાપ્ત કર્યા નો અનુભુતિ નો એહસાસ કેવો હોય છે આજે ફરી જોયું.
આ શક્ય બન્યું તો ભાજપ ની સરકાર છે એટલેજ.
જે લોકો એ આ લડત માં સાથ સહકાર આપ્યો સૌ નો આભાર… pic.twitter.com/V5jSb0K4On
— Amit Shah (@AmitShah4BJP) January 16, 2026
इस मामले को लेकर एलिसब्रिज से भाजपा विधायक अमित शाह ने पहले आपत्ति जताई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों द्वारा नूतन सर्वोदय सोसाइटी में आलीशान बंगला खरीदा जाना अशांत क्षेत्र अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। विधायक ने पत्र में क्षेत्र में हो रहे कथित जनसांख्यिकीय बदलावों पर चिंता जताते हुए कहा था कि वे पालडी को जमालपुर या जुहापुरा जैसा बनने से रोकना चाहते हैं।
विधायक अमित शाह ने यह भी बताया था कि इसी वजह से गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय और कोचरब आश्रम के बीच स्थित कई संपत्तियों और निर्माण कार्यों की जांच चल रही है। प्रशासन ने इस पूरे मामले की गहन समीक्षा शुरू की थी।
प्रशासनिक रिकॉर्ड के मुताबिक, अहमदाबाद शहर के पश्चिमी उप-कलेक्टर ने पिछले वर्ष पालडी क्षेत्र की नूतन सर्वोदय सोसाइटी में नौ बंगलों की बिक्री को अशांत क्षेत्र अधिनियम के उल्लंघन के चलते अवैध घोषित किया था। मामलतदार द्वारा सुनवाई और जांच के बाद इन संपत्ति हस्तांतरणों को आधिकारिक रूप से गैरकानूनी ठहराया गया।
जारी आदेश के अनुसार, इन सभी संपत्तियों को छह महीने के भीतर मूल मालिकों को वापस किया जाना है। साथ ही खरीदारों द्वारा दी गई पूरी मुआवजा राशि लौटाने का भी निर्देश दिया गया है। विधायक अमित शाह के अनुसार, इन नौ बंगलों को गुजरात के गुटखा कारोबार से जुड़े एक बड़े नाम और ‘मुस्तफा मानेकचंद’ के नाम से मशहूर मुस्तफामियां हुसैनमियां शेख ने खरीदा था।
संपत्ति की खरीद-बिक्री के बाद अशांत क्षेत्र अधिनियम के उल्लंघन को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद कलेक्टर ने संपत्ति हस्तांतरण को अवैध करार देते हुए मूल स्थिति बहाल करने और भुगतान की गई पूरी राशि वापस करने का आदेश जारी किया था।
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