अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की आगामी रथयात्रा से पहले गुजरात की सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड यानी ATS ने रविवार, 12 जुलाई 2026 को पाटन जिले के सिद्धपुर में कई स्थानों पर छापेमारी की। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान पाँच संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित रूप से जुड़े नेटवर्क की जाँच के सिलसिले में की गई। ATS की अलग-अलग टीमों ने सिद्धपुर पुलिस के सहयोग से शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया।
सिद्धपुर के कई इलाकों में ATS की छापेमारी
जानकारी के अनुसार, ATS की टीमों ने सिद्धपुर के झामपलीपोल या जापालीपोल क्षेत्र सहित कई ठिकानों की तलाशी ली। टीम ने इलाके में स्थित एक कटलरी की दुकान पर भी जाँच की।
जाँच एजेंसी को कथित तौर पर जानकारी मिली थी कि नेटवर्क से जुड़े एक संदिग्ध ने इस दुकान से छोटे खिलौनों में इस्तेमाल होने वाली बैटरियाँ खरीदी थीं। इसके बाद दुकान संचालक से कई घंटे तक पूछताछ की गई। ATS ने दुकान में हुई खरीद-बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड और उपलब्ध अन्य जानकारियों की भी जाँच की।
हालाँकि, बैटरियों की खरीद के उद्देश्य या किसी आपराधिक गतिविधि में उनके इस्तेमाल को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
नूरानी टेलर्स से एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए ले गई टीम
छापेमारी के दौरान सिद्धपुर स्थित नूरानी टेलर्स से भी एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए साथ ले जाए जाने की सूचना है। ATS अब उसके संपर्कों, मोबाइल डेटा और हाल की गतिविधियों की जाँच कर सकती है।
सुरक्षा एजेंसियाँ यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हिरासत में लिए गए लोगों का पहले गिरफ्तार आरोपितों या कथित पाकिस्तानी हैंडलरों से कोई प्रत्यक्ष अथवा डिजिटल संपर्क था या नहीं।
अधिकारियों की ओर से हिरासत में लिए गए पाँचों व्यक्तियों की पहचान और उनके खिलाफ मिले संभावित साक्ष्यों को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान फिलहाल सामने नहीं आया है। हिरासत में लिया जाना गिरफ्तारी या अपराध सिद्ध होने के समान नहीं होता है।
छतावड़ा गाँव में मोहम्मद अमीन शेरा के घर पहुँची ATS
ATS की एक टीम सिद्धपुर तालुका के छतावड़ा गाँव भी पहुँची। यहाँ पहले गिरफ्तार किए गए आरोपित मोहम्मद अमीन शेरा के घर पर उसके परिजनों से पूछताछ की गई।
जाँच एजेंसी ने परिवार से शेरा के संपर्कों, हाल की गतिविधियों, बाहर से आने-जाने वाले लोगों और उसके डिजिटल नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई। ATS अब इस बात की जाँच कर रही है कि कथित नेटवर्क में अन्य स्थानीय लोग भी शामिल थे या नहीं।
पहले गुजरात और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार हुए थे आठ आरोपित
सिद्धपुर में हुई नई कार्रवाई से कुछ दिन पहले गुजरात ATS ने गुजरात और मध्य प्रदेश में संयुक्त छापेमारी कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। ATS के अनुसार, इनमें सात आरोपित गुजरात और एक मध्य प्रदेश के देवास का रहने वाला है।
गिरफ्तार लोगों में बनासकांठा के पालनपुर से अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला, इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा और मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला शामिल हैं।
पाटन जिले के सिद्धपुर से जकारिया दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा, मुफ्ती फौजान इस्माइल दाऊवा और मोहम्मद अमीन शेरा को गिरफ्तार किया गया था। नवसारी के चिखली से मोहम्मद अब्दुल रहमान सावदी और मध्य प्रदेश के देवास से बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा को पकड़ा गया था।
इन सभी पर जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने और गुजरात में संगठन का सक्रिय नेटवर्क तैयार करने की कोशिश करने का आरोप है।
‘दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद’ नाम से बनाया संगठन
गुजरात ATS का दावा है कि गिरफ्तार आरोपितों ने ‘दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद’ नाम से एक तंजीम बनाई थी। आरोप है कि इसके माध्यम से स्थानीय युवाओं को संगठन से जोड़ने और जैश-ए-मोहम्मद की विचारधारा का प्रचार करने की कोशिश की जा रही थी।
ATS के अनुसार, आरोपित अपने-अपने इलाकों में दूसरे लोगों से संपर्क कर उन्हें कथित संगठन में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे थे। एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तार लोग पाकिस्तान में मौजूद अब्दुल्ला और मोहम्मद उमर नामक हैंडलरों के संपर्क में थे।
इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी शेष है और आरोपितों को अदालत में अपना पक्ष रखने का अधिकार है।
गुजराती में अनुवाद की जा रही थी जैश की सामग्री
ATS की जाँच में सामने आए आरोपों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित पुस्तकों और दूसरी सामग्री का गुजराती भाषा में अनुवाद किया जा रहा था। इसका उद्देश्य संगठन की विचारधारा को गुजरात के स्थानीय लोगों तक पहुँचाना बताया गया है।
एजेंसी ने आरोप लगाया है कि नेटवर्क से जुड़े लोग नए सदस्यों की भर्ती, प्रचार सामग्री प्रसारित करने और आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने की कोशिश कर रहे थे।
ATS के मुताबिक, आरोपितों को करीब तीन लाख रुपये की फंडिंग मिली थी। इस रकम से एक पुरानी कार खरीदे जाने का भी आरोप है, जिसे कथित तौर पर आरोपितों के नाम पर ट्रांसफर नहीं कराया गया था।
डिजिटल सामग्री और जैश का झंडा बरामद करने का दावा
तलाशी अभियान के दौरान ATS ने बड़ी मात्रा में कथित आपत्तिजनक साहित्य और डिजिटल सामग्री बरामद करने का दावा किया है। इनमें किताबें, भाषणों की रिकॉर्डिंग, ऑडियो-वीडियो फाइलें, तस्वीरें और जैश-ए-मोहम्मद का झंडा शामिल बताया गया है।
सरकारी प्रसारक आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपितों से कुल 254 सामग्री बरामद की गईं। ATS ने मसूद अजहर के नाम उर्दू में टाइप किए गए आठ पत्र और उसकी पुस्तक ‘दर्स-ए-जिहाद’ का कथित गुजराती अनुवाद बरामद करने का दावा भी किया है।
जाँच एजेंसी इन डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जाँच कर रही है, ताकि संभावित विदेशी संपर्कों, फंडिंग के स्रोत और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
UAPA और BNS के तहत दर्ज हुआ मामला
गिरफ्तार आठ आरोपितों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम यानी UAPA की धारा 13, 17, 18, 38 और 39 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ये धाराएँ कथित गैरकानूनी गतिविधियों, आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने, साजिश रचने, प्रतिबंधित आतंकी संगठन की सदस्यता और उसे सहयोग देने से संबंधित हैं।
इसके अतिरिक्त भारतीय न्याय संहिता की धारा 61 और 148 भी लगाई गई हैं। अदालत ने गिरफ्तार आरोपितों को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा था।
रथयात्रा से पहले गुजरात में हाई अलर्ट
अहमदाबाद में 16 जुलाई 2026 को भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा निकाली जानी है। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित उपस्थिति को देखते हुए गुजरात पुलिस, क्राइम ब्रांच, ATS और अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं।
रथयात्रा मार्ग पर सघन पेट्रोलिंग, संदिग्ध व्यक्तियों की जाँच, सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन सर्विलांस और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।
सिद्धपुर में हुई ताजा कार्रवाई को पहले गिरफ्तार आरोपितों से जुड़े व्यापक नेटवर्क की जाँच के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में पूछताछ और डिजिटल फॉरेंसिक जाँच के आधार पर कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और अपुष्ट सूचनाओं अथवा अफवाहों को सोशल मीडिया पर साझा न करें।
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