पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कामरहाटी से विधायक मदन मित्रा ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC गुट का दामन थाम लिया है।
मदन मित्रा लंबे समय तक ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में गिने जाते रहे हैं। पार्टी में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच भी वह लगातार ममता बनर्जी के समर्थन में दिखाई दे रहे थे। हालांकि, अब उन्होंने पार्टी से सभी पदों से इस्तीफा देकर अलग राह चुन ली है।
अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना
बागी गुट में शामिल होने के बाद मदन मित्रा ने अभिषेक बनर्जी पर खुलकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्होंने अभिषेक बनर्जी को सुझाव दिया था कि वे छह महीने या एक साल के लिए संगठन से पीछे हट जाएं ताकि पार्टी को फिर से मजबूत किया जा सके।
मदन मित्रा के अनुसार, उन्होंने अभिषेक से कहा था कि पहले पार्टी को संभालते हैं और उसके बाद वे दोबारा अपनी भूमिका निभा सकते हैं। लेकिन अभिषेक ने यह सुझाव ठुकरा दिया और कहा कि वे पार्टी नहीं छोड़ेंगे।
#WATCH | Kolkata, West Bengal: Madan Mitra resigns from Trinamool Congress (Mamata Banerjee) and joins rebel Trinamool Congress (TMC) faction led by Ritabrata Banerjee.
He says, "… I had suggested to Abhishek Banerjee that he step aside for six months or a year. I told him,… pic.twitter.com/QPvgW4n3BB
— ANI (@ANI) July 15, 2026
‘पार्टी डूब रही है, लेकिन सिर्फ अभिषेक को बचाया जा रहा’
मदन मित्रा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस गंभीर राजनीतिक संकट से गुजर रही है, लेकिन पार्टी का पूरा ध्यान केवल अभिषेक बनर्जी को बचाने पर केंद्रित है।
उन्होंने कहा,
“पार्टी डूब रही है, नाव डूब चुकी है। लोग मर रहे हैं। फिर भी ऐसा लगता है कि बाकी सब खत्म हो जाएं, लेकिन अभिषेक को बचाना सबसे जरूरी माना जा रहा है। पार्टी सभी की है, लेकिन अब ऐसा महसूस होता है कि यह केवल अभिषेक की सेवा तक सीमित होकर रह गई है।”
ममता बनर्जी से की भावुक अपील
मदन मित्रा ने ममता बनर्जी के लिए भी भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा,
“मैं ममता जी से गुजारिश करता हूं कि इसे एक मैराथन की तरह देखें। रास्ते में हम जरूर मिलेंगे। देखते हैं कौन सा घोड़ा आगे निकलता है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से जुड़े सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वह अभी भी विधायक हैं, लेकिन राजनीतिक रूप से अब खुद को तृणमूल कांग्रेस का विधायक नहीं मानते।
पहले भी सामने आ चुकी हैं बगावत की खबरें
गौरतलब है कि इससे पहले भी ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले नेता अनुब्रत मंडल के पार्टी से अलग होने की खबरों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी। ऐसे में मदन मित्रा का बागी गुट में शामिल होना आगामी विधानसभा चुनाव से पहले TMC के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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