‘बिना पर्ची, बिना खर्ची’ स्कीम पर दिया जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 12 जुलाई 2025 को 16वें रोजगार मेले में वर्चुअली भाग लेते हुए देश के 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। ये युवा अब विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में काम करेंगे। इस पहल के तहत अब तक देशभर में 10 लाख से अधिक नियुक्तियाँ की जा चुकी हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार युवाओं को पक्की सरकारी नौकरियाँ देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने इस प्रक्रिया को ‘बिना पर्ची, बिना खर्ची’ वाली पारदर्शी प्रणाली बताया, जिससे भ्रष्टाचारमुक्त और योग्यता आधारित भर्ती सुनिश्चित की गई है। मोदी ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण का भागीदार बताते हुए कहा,
“आप सभी नए भारत के निर्माण में बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं।”
केंद्र सरकार में युवाओं को पक्की नौकरी देने का हमारा अभियान निरंतर जारी है।
हमारी पहचान भी है – बिना पर्ची, बिना खर्ची।
आज 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।
ऐसे रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक लाखों नौजवानों को भारत सरकार में परमानेंट जॉब मिल चुकी है।
अब ये… pic.twitter.com/rABQPF7RAQ
— BJP (@BJP4India) July 12, 2025
निजी क्षेत्र में भी नए अवसर
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार सिर्फ सरकारी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है। इसके लिए सरकार ने एक नई योजना शुरू की है –
‘इम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम’
- इस योजना के तहत निजी कंपनियों में पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15,000 की सहायता दी जाएगी।
- यह राशि सरकार द्वारा पहली सैलरी के रूप में दी जाएगी।
- स्कीम का कुल बजट ₹1 लाख करोड़ रखा गया है।
- इससे करीब 3.5 करोड़ नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
पीएम मोदी ने कहा कि यह स्कीम नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए एक सीधा आर्थिक प्रोत्साहन है और इससे निजी क्षेत्र में भर्ती बढ़ेगी।
The Government of India is focusing on creating new employment opportunities in the private sector.
Recently, the government approved a new scheme — the Employment Linked Incentive Scheme.
Under this scheme, the government will provide ₹15,000 to young individuals who get… pic.twitter.com/iMuChtW5Bx
— BJP (@BJP4India) July 12, 2025
प्रधानमंत्री ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह कदम विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। रोजगार मेले और योजनाएं मोदी सरकार की उस रणनीति का हिस्सा हैं, जिसमें युवा शक्ति को देश की सबसे बड़ी ताकत माना गया है।