कराची में 75 वर्षीय प्रसिद्ध भरतनाट्यम डांसर और महिला अधिकार कार्यकर्ता शीमा किरमानी के साथ हुई पुलिस कार्रवाई ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। सिंध पुलिस ने उन्हें कराची प्रेस क्लब के बाहर उस समय हिरासत में ले लिया, जब वह महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने पहुँची थीं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले ही रोका गया
बताया जा रहा है कि शीमा किरमानी औरत मार्च से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने पहुँची थीं। जैसे ही वह प्रेस क्लब के बाहर पहुँचीं, पुलिस ने उन्हें घेर लिया और बोलने का मौका दिए बिना हिरासत में ले लिया।
वायरल वीडियो में दिखी धक्का-मुक्की
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों द्वारा बुजुर्ग कलाकार के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार करते हुए देखा गया। इस घटना ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे।
सीमा किरमानी 71 साल की पाकिस्तान की हिंदू महिला जो सिंध में रहती हैं और जो पाकिस्तान की जानी-मानी ओडिसी भरतनाट्यम कत्थक और कथकली डांसर है
उन्हें कल गिरफ्तार किया गया क्योंकि कट्टरपंथी मुसलमानों ने आरोप लगाया कि यह पाकिस्तान में शिर्क फैला रही हैं महिला अधिकारों और महिला… pic.twitter.com/UHU5Z5VS9I
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) May 9, 2026
कट्टरपंथियों के निशाने पर रहती हैं
शीमा किरमानी पाकिस्तान में हिंदू शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती हैं। इसी वजह से वह लंबे समय से कट्टरपंथी तत्वों के निशाने पर रही हैं। इसके बावजूद वह महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक मुद्दों पर लगातार आवाज उठाती रही हैं।
जनता के दबाव में रिहाई, पुलिसकर्मी सस्पेंड
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पाकिस्तान में व्यापक विरोध देखने को मिला। बढ़ते जनदबाव के बीच पुलिस ने शीमा किरमानी को कुछ घंटों के भीतर रिहा कर दिया।
इसके साथ ही सिंध पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तीन पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया और जांच के आदेश दिए हैं।
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