रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा बेहद सफल रही है। इस दौरे ने भारत और रूस के राजनीतिक, आर्थिक तथा रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत किया है। दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और अंतरिक्ष जैसे अहम क्षेत्रों में नई साझेदारियों की रूपरेखा तैयार की है। पुतिन के बयानों ने अफगानिस्तान की स्थिति पर भी वैश्विक ध्यान आकर्षित किया। कुल मिलाकर यह यात्रा भारत-रूस संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
अफगानिस्तान को लेकर पुतिन ने इस दौरे में बड़ा बयान दिया। उन्होंने तालिबान सरकार को “सही दिशा में काम करने वाला” बताया और कहा कि तालिबान आतंकवाद को रोकने तथा अफीम उत्पादन कम करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है। रूस पहले ही तालिबान को आधिकारिक मान्यता देने वाला पहला बड़ा देश बन चुका है। पुतिन ने कहा कि तालिबान ने दशकों के संघर्ष के बाद अफगानिस्तान को स्थिर किया है। उनका यह बयान पाकिस्तान की उस आलोचना के जवाब के रूप में भी देखा गया, जिसमें पाकिस्तान तालिबान को आतंकवाद बढ़ाने के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा था।
भारत और रूस ने ऊर्जा सहयोग को और गहरा करने का फैसला लिया। रूस भारत को कच्चा तेल, गैस और न्यूक्लियर तकनीक उपलब्ध कराता रहेगा।
#WATCH दिल्ली: इंडिया-रूस बिज़नेस फोरम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, "…रूसी प्रतिनिधि मंडल सिर्फ़ एनर्जी के मामलों पर बात करने और तेल और गैस की सप्लाई के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन करने नहीं आया था। हम चाहते हैं कि भारत के साथ अलग-अलग क्षेत्र में हमारे कई तरह के… pic.twitter.com/A7anHZ0pXU
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 5, 2025
भारत 2047 तक छोटे न्यूक्लियर रिएक्टरों से 100 गीगावॉट बिजली उत्पन्न करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है, जिसमें रूस तकनीकी सहायता देगा। दोनों देशों ने व्यापार को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। रूस ने यह भी कहा कि उसकी कम होती आबादी के कारण भारत के युवाओं के लिए रूस में रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय उत्तरी-दक्षिणी परिवहन कॉरिडोर (INSTC) को तेज करने पर सहमति बनी, जिससे दोनों देशों के बीच माल परिवहन की अवधि आधी हो जाएगी।
#WATCH दिल्ली | इंडिया-रूस बिज़नेस फोरम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, "मैं इस बात पर ज़ोर देना चाहूंगा कि PM मोदी के नेतृत्व में भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु नीति पर चल रहा है और साथ ही बहुत अच्छे रिज़ल्ट भी पा रहा है। आज, भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज़ी… pic.twitter.com/7rumnxsxyh
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 5, 2025
रक्षा साझेदारी भी इस दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। भारत और रूस अब मिलकर हथियारों के शोध, निर्माण और उत्पादन में सहयोग बढ़ाएँगे, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा पहल को मजबूती मिलेगी। अंतरिक्ष क्षेत्र में भी मानव मिशन, नेविगेशन और गहरे अंतरिक्ष अनुसंधान में संयुक्त प्रयासों पर सहमति बनी।
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