महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी महाराष्ट्र TET 2026 के कथित पेपर लीक मामले को लेकर राज्य की राजनीति तेज हो गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी महा विकास अघाड़ी पर पलटवार किया है।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि पुलिस ने परीक्षा से ठीक पहले कार्रवाई करते हुए पेपर लीक से जुड़े आरोपियों को पकड़ लिया और पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में कदम उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों और देश के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
शिंदे ने कहा, “पेपर लीक होने से तुरंत पहले पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पूरा गठजोड़ तोड़ दिया गया है। जो देश के भविष्य से खिलवाड़ करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए दावा किया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार के दौरान भी महाराष्ट्र में तीन प्रमुख भर्ती और पात्रता परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक के मामले सामने आए थे।
#WATCH मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, "पेपर लीक होने से तुरंत पहले पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया है। पूरा गठजोड़ तोड़ दिया गया है। जो देश के भविष्य से खिलवाड़ करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मैं राहुल गांधी को याद दिलाना चाहता हूं कि जब महा विकास अघाड़ी की… pic.twitter.com/o4TaLdvC98
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 14, 2026
राहुल गांधी ने सरकार पर उठाए थे सवाल
महाराष्ट्र TET परीक्षा स्थगित किए जाने के बाद राहुल गांधी ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने की मांग की थी। कांग्रेस और महा विकास अघाड़ी के नेताओं ने इसे परीक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
इसके जवाब में शिंदे ने पिछली MVA सरकार के कार्यकाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष को आरोप लगाने से पहले अपने शासनकाल का रिकॉर्ड भी देखना चाहिए।
परीक्षा से एक दिन पहले स्थगित हुई महाराष्ट्र TET
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा 28 जून 2026 को राज्यभर में आयोजित की जानी थी। हालांकि, परीक्षा से लगभग 24 घंटे पहले ठाणे जिले के भिवंडी क्षेत्र में कथित रूप से प्रश्नपत्र बेचने की कोशिश की सूचना मिलने के बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई।
पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग TET के प्रश्नपत्र का सौदा करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद कोंगांव इलाके में जाल बिछाकर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियों ने आरोपियों से प्रश्नपत्रों के चार सेट बरामद करने का दावा किया। पुलिस के अनुसार, कथित प्रश्नपत्रों का सौदा लगभग 1.5 करोड़ रुपये में करने की कोशिश की जा रही थी।
इस मामले के कारण राज्य के करीब छह लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा प्रभावित होने की खबर सामने आई। सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है।
आरोपियों पर MCOCA लगाने पर विचार
एकनाथ शिंदे ने कथित पेपर लीक को संगठित अपराध करार देते हुए कहा कि इसके मुख्य आरोपियों और मास्टरमाइंड के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी MCOCA के तहत कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है।
राज्य सरकार का कहना है कि जांच केवल गिरफ्तार किए गए आरोपियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग, परिवहन, भंडारण और वितरण से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई कि पेपर उत्तर प्रदेश स्थित प्रिंटिंग इकाई से महाराष्ट्र के वाशिम, जालना और लातूर स्थित परीक्षा केंद्रों तक ले जाते समय लीक हुआ हो सकता है।
MVA सरकार के दौरान सामने आए तीन प्रमुख मामले
एकनाथ शिंदे ने जिन तीन पुराने मामलों का उल्लेख किया, उनमें महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा, म्हाडा भर्ती परीक्षा और स्वास्थ्य विभाग की भर्ती परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक एवं अनियमितताओं के मामले शामिल हैं।
1. महाराष्ट्र TET परीक्षा मामला
साल 2021 की महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा में अंकों में हेरफेर और अयोग्य अभ्यर्थियों को पास कराने से जुड़े आरोप सामने आए थे। जांच के दौरान परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, एजेंटों और निजी कंपनियों की भूमिका की जांच की गई थी।
2. MHADA भर्ती परीक्षा मामला
महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी MHADA की भर्ती परीक्षा को पेपर लीक की जानकारी मिलने के बाद परीक्षा से कुछ घंटे पहले रद्द करना पड़ा था। इस मामले में परीक्षा आयोजित करने वाली निजी कंपनी से जुड़े लोगों सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, MHADA भर्ती पेपर लीक मामले में निजी परीक्षा एजेंसी के निदेशक सहित कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और पुलिस ने मामले में आरोपपत्र भी दाखिल किया था।
3. स्वास्थ्य विभाग भर्ती परीक्षा मामला
महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग की ग्रुप-C भर्ती परीक्षा में भी प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। इस मामले में अधिकारियों, कर्मचारियों और एजेंटों सहित कुल 17 लोगों की गिरफ्तारी की गई थी। बाद में पुलिस ने मामले में आरोपपत्र दाखिल किया।
पेपर लीक को लेकर महाराष्ट्र में सियासी घमासान
नए TET मामले के बाद महा विकास अघाड़ी के विधायकों ने महाराष्ट्र विधानमंडल परिसर में प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि बार-बार परीक्षा संबंधी अनियमितताएं सामने आने से सरकारी भर्ती प्रणाली पर अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर हो रहा है।
दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ महायुति सरकार का कहना है कि पुलिस की सतर्कता के कारण परीक्षा आयोजित होने से पहले ही संदिग्धों को पकड़ लिया गया। सरकार इसे कार्रवाई की सफलता बताते हुए दावा कर रही है कि किसी भी बड़े पेपर लीक नेटवर्क को राजनीतिक संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
निष्पक्ष जांच और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली की चुनौती
महाराष्ट्र TET मामले ने एक बार फिर प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा के प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया में कई एजेंसियां शामिल होती हैं। ऐसे में गोपनीय दस्तावेजों की डिजिटल ट्रैकिंग, सुरक्षित परिवहन, अधिकारियों की जवाबदेही और निजी परीक्षा एजेंसियों की नियमित जांच को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
अब जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि कथित प्रश्नपत्र आरोपियों तक कैसे पहुंचा, नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है और क्या इसमें परीक्षा व्यवस्था से जुड़े किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका थी।
सरकार ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया है, जबकि विपक्ष निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग पर अड़ा हुआ है। मामले की SIT जांच के नतीजे ही स्पष्ट करेंगे कि कथित पेपर लीक नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन लोगों की संलिप्तता थी।
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