दुनिया की सबसे प्रभावशाली और चर्चित खुफिया एजेंसियों में गिनी जाने वाली इजरायल की मोसाद (Mossad) को नया प्रमुख मिल गया है। मेजर जनरल रोमन गोफमैन ने मंगलवार (2 जून 2026) को मोसाद के 14वें निदेशक के रूप में शपथ ली। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार वैश्विक सुर्खियों में बना हुआ है।
रोमन गोफमैन ने निवर्तमान मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया का स्थान लिया है। उनकी नियुक्ति को लेकर पिछले कई महीनों से कानूनी विवाद चल रहा था, लेकिन इजरायल की हाई कोर्ट द्वारा सभी याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद उनके पदभार ग्रहण का रास्ता साफ हो गया।
शपथ ग्रहण समारोह में ईरान पर फोकस
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रोमन गोफमैन की जमकर सराहना की और उन्हें देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण नियुक्ति बताया।
नेतन्याहू ने कहा कि मोसाद की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में ईरान से उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करना शामिल होगा। उन्होंने दोहराया कि इजरायल किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जो भी ताकत इजरायल की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगी, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
रोमन गोफमैन का पहला संदेश
मोसाद प्रमुख का पद संभालने के बाद रोमन गोफमैन ने कहा कि हाल के वर्षों में इजरायल ने ईरान और उसके सहयोगी संगठनों के खिलाफ कई रणनीतिक और सैन्य अभियान चलाए हैं, जिससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन प्रभावित हुआ है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सुरक्षा चुनौतियां अभी समाप्त नहीं हुई हैं और मोसाद अपने गुप्त अभियानों और खुफिया अभियानों के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा लक्ष्यों को आगे बढ़ाता रहेगा।
कौन हैं रोमन गोफमैन?
रोमन गोफमैन इजरायल रक्षा बल (IDF) के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और हाल तक प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सैन्य सचिव के रूप में कार्य कर रहे थे।
उनका जन्म पूर्व सोवियत संघ के उस क्षेत्र में हुआ था जो आज बेलारूस का हिस्सा है। बाद में उनका परिवार इजरायल में बस गया, जहां उन्होंने सैन्य सेवा में प्रवेश किया और धीरे-धीरे शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे।
7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले में हुए थे घायल
रोमन गोफमैन का नाम 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए बड़े हमले के दौरान भी चर्चा में आया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले की जानकारी मिलने के बाद वे दक्षिणी इजरायल की ओर रवाना हुए थे। रास्ते में उनकी मुठभेड़ हमास आतंकियों से हुई, जिसमें उन्होंने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन इस दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए।
लंबे इलाज के बाद उन्होंने दोबारा सक्रिय सेवा में वापसी की और बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में महत्वपूर्ण सुरक्षा जिम्मेदारियां संभालीं।
क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है यह नियुक्ति?
विशेषज्ञों का मानना है कि रोमन गोफमैन की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब इजरायल कई मोर्चों पर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।
- ईरान के साथ बढ़ता तनाव
- क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियां
- मध्य पूर्व में बदलते रणनीतिक समीकरण
- आतंकवादी संगठनों की गतिविधियां
- साइबर और खुफिया युद्ध
जैसे मुद्दों के बीच मोसाद की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मोसाद की वैश्विक पहचान
मोसाद को दुनिया की सबसे प्रभावशाली खुफिया एजेंसियों में गिना जाता है। एजेंसी विदेशों में खुफिया जानकारी जुटाने, आतंकवाद-रोधी अभियानों और रणनीतिक सुरक्षा अभियानों के लिए जानी जाती है।
इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में मोसाद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसके प्रमुख की नियुक्ति को वैश्विक सुरक्षा जगत में विशेष महत्व दिया जाता है।
रोमन गोफमैन के नेतृत्व में अब मोसाद के सामने सबसे बड़ी चुनौती ईरान से जुड़े सुरक्षा खतरों, क्षेत्रीय तनाव और भविष्य की रणनीतिक चुनौतियों से निपटना होगा।
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