कर्नाटक के बेलगावी जिले के रायबग क्षेत्र में लोकेश्वर स्वामी के मठ पर बुलडोजर कार्रवाई ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। यह कार्रवाई दो बड़े कारणों की पृष्ठभूमि में की गई — एक, नाबालिग से रेप का संगीन आरोप और दूसरा, अवैध रूप से सरकारी जमीन पर मठ का निर्माण।
मामले की पूरी जानकारी एक नजर में
रेप का आरोप और गिरफ्तारी
- 30 वर्षीय महंत लोकेश्वर स्वामी को पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार किया।
- आरोप:
- 17 वर्षीय किशोरी को उसके परिवार ने बीमारी से ठीक कराने के लिए स्वामी के पास भेजा था।
- लड़की ने शिकायत की कि स्वामी उसे दो अलग-अलग शहरों के होटलों में ले गया और वहां बलात्कार किया।
- गिरफ्तारी: तीन दिन पहले पुलिस ने कार्रवाई कर उन्हें हिरासत में लिया।
अवैध मठ निर्माण और प्रशासनिक कार्रवाई
- मठ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के तहत बनाया गया था।
- तहसीलदार ने 6 महीनों में 3 नोटिस जारी किए थे, लेकिन मठ खाली नहीं किया गया।
- 7 साल पहले एक छोटे शेड से शुरुआत कर स्वामी ने धीरे-धीरे मठ को फैलाया था।
बुलडोजर कार्रवाई
- गुरुवार सुबह रायबाग के तहसीलदार ने जेसीबी मशीनों के साथ मठ को गिरा दिया।
- कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मठ को पूरा खाली कर बुलडोजर से ध्वस्त किया गया।
- कार्रवाई से पहले 7 दिन का आखिरी नोटिस भी दिया गया था।
ग्रामीणों का आक्रोश
- स्वामी की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था।
- कई ग्रामीणों ने मठ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया।
क्या कहती है यह घटना?
- धार्मिक संस्थानों का दुरुपयोग: यह घटना बताती है कि कैसे कुछ तथाकथित संत समाज में धर्म के नाम पर शोषण कर रहे हैं।
- प्रशासन की सख्ती: तहसीलदार और प्रशासन ने लंबे समय से नोटिस देने के बाद कार्रवाई की, जिससे सरकारी तंत्र की सक्रियता दिखाई देती है।
- POCSO कानून की सख्ती: इस मामले में किशोरी की शिकायत पर त्वरित गिरफ्तारी, POCSO कानून की गंभीरता को दर्शाती है।
आगे क्या?
- पुलिस स्वामी से विस्तृत पूछताछ कर रही है।
- जांच में और भी पीड़ितों के सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
- प्रशासन भविष्य में सरकारी जमीन पर धार्मिक निर्माणों पर और निगरानी रख सकता है।