अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर खूनी रूप ले चुका है। मंगलवार (14 अक्टूबर 2025) की रात कुर्रम जिले में दोनों देशों की सेनाओं के बीच भीषण झड़प हुई। कुछ घंटों की शांति के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और टैंकों से गोलाबारी शुरू हो गई। सीमा चौकियों पर कब्जे के दावे किए जा रहे हैं, जबकि 7 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है। यह संघर्ष अब धीरे-धीरे खुली जंग का रूप लेता दिखाई दे रहा है।
तालिबान का ड्रोन हमला
अफगान समर्थक सोशल मीडिया हैंडल्स ने दो वीडियो जारी किए हैं, जिनमें तालिबान के ड्रोन हमलों के दृश्य देखे जा सकते हैं। एक वीडियो में ड्रोन पाकिस्तानी सैन्य अड्डे पर विस्फोट करता दिख रहा है, जबकि दूसरे में पाकिस्तानी पोस्ट पर हमला किया गया है। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वे पाकिस्तान के उन ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, जहाँ से अफगानिस्तान की सुरक्षा को खतरा है।
⚠️Afghan Taliban Social Media accounts have leaked a video which apparantly shows a Taliban drone drop an explosive on a Pakistani Military Base somewhere in the border areas of Pakhtunkhwa🇵🇰 #ttp #pakarmy #pakistan #afghanistan pic.twitter.com/K8nDChLMe5
— ☣️𝐖𝐀𝐑 𝐆𝐋𝐎𝐁𝐄 𝐍𝐄𝐖𝐒 (@WarGlobeNews) October 14, 2025
ISIS-खुरासान को लेकर अफगानिस्तान की माँग
अफगान सरकार ने पाकिस्तान से चार प्रमुख ISIS-खुरासान नेताओं को सौंपने की माँग की है। इन पर अफगान क्षेत्र में हमलों की साजिश रचने का आरोप है। अफगान प्रवक्ता ने यह माँग सार्वजनिक रूप से रखी, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
इस बीच, अफगानिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के दो गुटों ने एकजुट होने की घोषणा कर दी है। इन गुटों का नेतृत्व कुर्रम और खैबर जिलों के कमांडरों के पास है, और दोनों ने TTP प्रमुख मुफ्ती नूर वली महसूद के प्रति निष्ठा जताई है। विश्लेषकों का मानना है कि इस एकीकरण से पाकिस्तान की सुरक्षा चुनौतियाँ और बढ़ जाएँगी, क्योंकि TTP अब अफगान तालिबान के समर्थन से और मजबूत हो सकता है।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि उसने अफगान चौकियों को तबाह कर दिया है और एक तालिबानी टैंक को नष्ट किया गया है। पाकिस्तानी फौज को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जबकि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मौजूदा हालात की जानकारी दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसे “राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला” बताते हुए कहा कि देश अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।
सीमा पर यह बढ़ता संघर्ष दोनों देशों के रिश्तों को एक नए टकराव के मोड़ पर ले जा रहा है, जहाँ आतंकी संगठनों, सीमा विवादों और रणनीतिक अविश्वास का मिश्रण दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।