राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार प्रदर्शन किया है। सोमवार को पांच नगर निगमों के मेयर और 268 नगरीय निकायों के अध्यक्ष पदों के नतीजे सामने आए। अजमेर, पाली, अलवर और उदयपुर नगर निगम में बीजेपी उम्मीदवारों ने मेयर पद पर जीत दर्ज की। इन नतीजों के बाद कई शहरों में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया।
राजस्थान में कुल 10 नगर निगम हैं, जिनमें से सात में मेयर की तस्वीर साफ हो चुकी है। बीकानेर, अजमेर, पाली, अलवर और उदयपुर में सोमवार को मेयर चुनाव हुआ, जबकि भरतपुर और भीलवाड़ा में पहले ही निर्विरोध मेयर चुने जा चुके हैं। अब जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम पर नजर है, जहां 25 सितंबर को मेयर का चुनाव होना है।
अजमेर में 36 साल बाद BJP की मेयर
अजमेर नगर निगम के मेयर चुनाव में बीजेपी की अनामिका सोनी ने जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार किरण गढ़वाल को छह वोटों के अंतर से हराया। अनामिका सोनी को 43 वोट मिले, जबकि किरण गढ़वाल के पक्ष में 37 वोट पड़े।
बीजेपी के मुताबिक, अजमेर में करीब 36 साल बाद पार्टी का मेयर चुना गया है। इस जीत को पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नतीजे घोषित होने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला और समर्थकों ने नारेबाजी कर जीत का जश्न मनाया।
अजमेर के नतीजे में मुकाबला करीबी रहा, लेकिन आखिरकार बीजेपी उम्मीदवार ने बहुमत हासिल कर मेयर की कुर्सी अपने नाम कर ली।
पाली में बड़ा उलटफेर, BJP की नमिता बुबकिया बनीं मेयर
पाली नगर निगम का चुनाव सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। यहां बीजेपी के पास अपने दम पर स्पष्ट बहुमत नहीं होने के बावजूद पार्टी की नमिता बुबकिया मेयर बनने में सफल रहीं।
बीजेपी के केवल 21 पार्षद चुनाव जीतकर आए थे, लेकिन मेयर चुनाव में नमिता बुबकिया को 33 वोट मिले। उन्हें 12 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिलने की बात सामने आई है।
दूसरी तरफ कांग्रेस की सुमित्रा जैन को केवल तीन वोट मिले। पाली के इस परिणाम ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। बीजेपी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं होने के बावजूद मेयर पद जीतना पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है।
अलवर में BJP की सुमन लता की बड़ी जीत
अलवर नगर निगम में भी बीजेपी ने मेयर पद पर जीत हासिल की है। पार्टी उम्मीदवार सुमन लता अग्रवाल ने कांग्रेस की कमलेश शर्मा को बड़े अंतर से हराया।
सुमन लता को 42 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश शर्मा को 23 वोट हासिल हुए। इस तरह बीजेपी उम्मीदवार ने 19 वोट के अंतर से मेयर चुनाव अपने नाम किया।
मेयर बनने के बाद सुमन लता ने अलवर शहर के विकास को अपनी प्राथमिकता बताया। जीत के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।
जीत के बाद भावुक हुए वन मंत्री संजय शर्मा
अलवर में बीजेपी की जीत के बाद राजस्थान सरकार में वन मंत्री संजय शर्मा भावुक नजर आए। उन्होंने अपने पुराने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए इस जीत को पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत से जोड़ा।
संजय शर्मा ने कहा कि पिछली बार उन्हें इसी जगह से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब उनकी पार्टी की महिला उम्मीदवार मेयर बनी हैं। उन्होंने इसे बीजेपी कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास की जीत बताया।
उदयपुर में पारस सिंघवी की जीत
उदयपुर नगर निगम में बीजेपी के पारस सिंघवी ने मेयर पद पर जीत हासिल की। चुनाव में सिंघवी को 55 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की पूनम कुंवर राठौड़ को 25 वोट हासिल हुए।
उदयपुर में बहुमत के लिए 41 वोटों की जरूरत थी, लेकिन पारस सिंघवी को बहुमत के आंकड़े से 14 वोट ज्यादा मिले। जानकारी के मुताबिक, उन्हें दो निर्दलीय पार्षदों का भी समर्थन मिला।
इस जीत के साथ पारस सिंघवी पांचवीं बार मेयर बने हैं। उदयपुर नगर निगम का यह सातवां बोर्ड है। बीजेपी की इस बड़ी जीत ने शहर में पार्टी की मजबूत स्थिति को एक बार फिर सामने रखा है।
चार बड़े शहरों में BJP के मेयर
सोमवार को आए नतीजों में अजमेर, पाली, अलवर और उदयपुर जैसे प्रमुख शहरों में बीजेपी ने मेयर पद जीतकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
अजमेर में अनामिका सोनी, पाली में नमिता बुबकिया, अलवर में सुमन लता अग्रवाल और उदयपुर में पारस सिंघवी मेयर चुने गए हैं। अलग-अलग शहरों में जीत के समीकरण अलग रहे, लेकिन चारों जगह मेयर की कुर्सी बीजेपी के खाते में गई।
खास तौर पर पाली का परिणाम महत्वपूर्ण रहा, जहां अपने दम पर बहुमत नहीं होने के बावजूद बीजेपी उम्मीदवार को निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला और पार्टी मेयर पद हासिल करने में सफल रही।
10 में से 7 नगर निगमों की तस्वीर साफ
राजस्थान में कुल 10 नगर निगम हैं। इनमें सात नगर निगमों में मेयर की तस्वीर अब साफ हो चुकी है। पांच नगर निगमों में सोमवार को चुनाव हुए, जबकि भरतपुर और भीलवाड़ा में मेयर पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं।
अब राज्य की सियासी नजरें जयपुर, जोधपुर और कोटा पर टिक गई हैं। इन तीन नगर निगमों में 25 सितंबर को मेयर चुनाव होना है। कुछ वार्डों में दोबारा मतदान की वजह से इन नगर निगमों में मेयर चुनाव बाद में कराया जा रहा है।
जयपुर, जोधपुर और कोटा के नतीजों पर अब नजर
अजमेर, पाली, अलवर और उदयपुर में बीजेपी की जीत के बाद अब जयपुर, जोधपुर और कोटा के मेयर चुनाव महत्वपूर्ण हो गए हैं। ये तीनों राजस्थान के बड़े शहरी और राजनीतिक केंद्र हैं।
25 सितंबर को होने वाले इन चुनावों के नतीजे राजस्थान के 10 नगर निगमों की पूरी राजनीतिक तस्वीर साफ कर देंगे। बीजेपी अपने मौजूदा प्रदर्शन को इन शहरों में भी दोहराना चाहेगी, जबकि कांग्रेस के सामने बाकी नगर निगमों में अपनी स्थिति मजबूत करने की चुनौती रहेगी।
सोमवार के नतीजों ने फिलहाल राजस्थान की शहरी राजनीति में बीजेपी को बढ़त दी है। खासकर अजमेर में लंबे अंतराल के बाद मेयर पद हासिल करना और पाली में बहुमत न होने के बावजूद जीत दर्ज करना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण नतीजे माने जा रहे हैं।