दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले के मामले में ओमानी को-पायलट को लेकर नए दावे सामने आए हैं। इजरायली अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शुरुआती जांच में संदिग्ध को-पायलट के कथित कट्टरपंथी विचारों और उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़ी जानकारी मिली है। दावा है कि उसने सोशल मीडिया पर यहूदियों को मारने से संबंधित बातें पोस्ट की थीं।
ओमानी को-पायलट की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और उसके कथित मकसद तथा सोशल मीडिया गतिविधियों की विस्तार से जांच की जा रही है।
ओमानी को-पायलट को लेकर इजरायली अधिकारियों का बड़ा दावा
इजरायल की एक रिपोर्ट में स्थानीय अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि संदिग्ध को-पायलट कथित तौर पर जिहादी विचारधारा से प्रभावित होकर कट्टरपंथी बन चुका था। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों में यहूदियों की हत्या से संबंधित सामग्री सामने आई है।
हालांकि, ये शुरुआती जांच से जुड़े दावे हैं। संदिग्ध की पहचान और उसके कथित ऑनलाइन पोस्ट से जुड़े सभी विवरण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
क्या विमान को क्रैश करना था मकसद?
इजरायली अधिकारियों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रारंभिक जांच में घटना को संभावित आत्मघाती हमले के एंगल से भी देखा जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि संदिग्ध का कथित उद्देश्य विमान को क्रैश कराना था।
रिपोर्ट के मुताबिक जब कैप्टन स्मित मच्छार ने इसका विरोध किया तो उन पर हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने संघर्ष जारी रखा और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे।
यात्रियों और क्रू ने को-पायलट को किया काबू
कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद क्रू मेंबर्स और अन्य लोग अंदर पहुंच सके और संदिग्ध को-पायलट को काबू किया गया।
इजरायली अधिकारियों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि काबू किए जाने के बाद संदिग्ध ने एक यात्री से कथित तौर पर उसे मार देने की बात कही थी। जांच एजेंसियां इस कथित बयान को भी उसके संभावित मकसद को समझने के लिए देख रही हैं।
हजारों फीट नीचे आया था विमान
घटना 30 सितंबर को उस समय हुई जब फ्लाइट दुबई से तेल अवीव की ओर जा रही थी। घटनाक्रम के दौरान विमान के अचानक हजारों फीट नीचे आने की बात भी सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक कॉकपिट में गंभीर संघर्ष हुआ और विमान की कुछ प्रणालियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश किए जाने का भी दावा है। इसके बाद विमान में यात्री के रूप में मौजूद दो अन्य पायलटों ने कथित तौर पर नियंत्रण संभालने में सहायता की।
आखिरकार विमान की सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।
घायल होने के बावजूद लड़ते रहे कैप्टन स्मित
इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका की काफी चर्चा हो रही है। हमले में घायल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और कॉकपिट तक अन्य लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष किया।
घटना के बाद कैप्टन स्मित को इलाज के लिए सऊदी अरब के अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उनके आगे के उपचार की व्यवस्था की गई।
UAE को सौंपे जाने की तैयारी
रिपोर्ट के मुताबिक संदिग्ध ओमानी को-पायलट का भी इलाज चल रहा है। स्वस्थ होने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ किए जाने की संभावना है। उसे UAE के अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया पर भी काम किए जाने की बात कही गई है।
इजरायली अधिकारियों का कहना है कि उनकी एजेंसियां भी मामले की जांच में शामिल होंगी। जांच में संदिग्ध की सोशल मीडिया गतिविधियां, उसका संभावित मकसद और घटना से पहले की गतिविधियां महत्वपूर्ण पहलू हो सकती हैं।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel