दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर कथित हमले के आरोपी ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी (Hamam al-Hammami) के सोशल मीडिया अकाउंट्स जांच के दायरे में आ गए हैं। जांचकर्ता उसकी ऑनलाइन गतिविधियों, डिलीट किए जा चुके सोशल मीडिया अकाउंट्स और घटना के करीब नौ घंटे बाद LinkedIn प्रोफाइल पर सामने आई दो पोस्ट की पड़ताल कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अल-हम्मामी से जुड़े LinkedIn अकाउंट पर घटना के कुछ घंटों बाद दो पोस्ट सामने आई थीं। इनमें Boeing 737 MAX के कॉकपिट की फुटेज, इजरायली एयरलाइंस के विमान और अल-कायदा से जुड़े दो चर्चित चेहरों की तस्वीरें शामिल थीं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि पोस्ट खुद अल-हम्मामी ने प्रकाशित की थीं, किसी अन्य व्यक्ति ने उसके अकाउंट से पोस्ट कीं या वे पहले से शेड्यूल थीं।
LinkedIn प्रोफाइल को बाद में डिलीट कर दिया गया। इसी नाम और तस्वीरों वाला एक Instagram अकाउंट भी हटाया जा चुका है।
Boeing 737 MAX के कॉकपिट से जुड़े वीडियो
रिपोर्ट्स के मुताबिक पहली LinkedIn पोस्ट में Boeing 737 MAX के कॉकपिट में रिकॉर्ड की गई कई वीडियो क्लिप शामिल थीं। यह तथ्य इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जिस Flydubai फ्लाइट में कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला हुआ, वह भी Boeing 737 MAX 8 विमान था।
एक वीडियो को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रिकॉर्ड किया गया बताया गया है। इसमें वीडियो बनाने वाला व्यक्ति इजरायल की एयरलाइन El Al के एक विमान पर कैमरा जूम करता दिखाई देता है।
कॉकपिट स्क्रीन पर 11 अक्टूबर 2023 की तारीख और OMA624 फ्लाइट नंबर दिखाई देने की बात रिपोर्ट्स में कही गई है। यह वह समय था जब अल-हम्मामी कथित तौर पर Oman Air के साथ काम कर रहा था।
El Al और Arkia के विमानों पर कैमरा
अन्य फुटेज में भी इजरायली विमानों को दिखाया गया था। इसमें El Al के अलावा इजरायल की एक अन्य एयरलाइन Arkia का विमान भी नजर आने की बात कही गई है।
जांच के लिहाज से इन वीडियो की टाइमिंग और संदर्भ महत्वपूर्ण हो गए हैं। अधिकारी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इन पुरानी क्लिप को घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने लाने के पीछे क्या कारण था।
वीडियो के अंत में अल-जवाहिरी की तस्वीर
पहली पोस्ट से जुड़ा सबसे गंभीर पहलू वीडियो के अंत में दिखाई देने वाली तस्वीरें हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें अल-कायदा के पूर्व सरगना अयमान अल-जवाहिरी और हुमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीरें दिखाई गई थीं।
अयमान अल-जवाहिरी ने ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अल-कायदा का नेतृत्व संभाला था।
वहीं अल-बलावी 2009 में अफगानिस्तान स्थित एक CIA बेस पर हुए आत्मघाती हमले के लिए जिम्मेदार था। उस हमले में नौ लोगों की मौत हुई थी, जिनमें CIA से जुड़े सात अधिकारी और कॉन्ट्रैक्टर शामिल थे।
हालांकि इन तस्वीरों का अल-हम्मामी से जुड़े अकाउंट पर दिखाई देना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि उसका अल-कायदा के साथ कोई प्रत्यक्ष संबंध था। जांच एजेंसियां उसके संभावित वैचारिक प्रभाव, संपर्कों और हमले के मकसद की जांच कर रही हैं।
दूसरी पोस्ट में मक्का, मदीना और यरुशलम की AI तस्वीर
LinkedIn अकाउंट पर सामने आई दूसरी पोस्ट में एक AI-generated तस्वीर होने की बात कही गई है।
इसमें मक्का, मदीना और यरुशलम को एक चमकती हुई लगातार लकीर से जोड़ा गया था। इसके बैकग्राउंड में एक कविता सुनाई दे रही थी, जिसमें कथित तौर पर अपमान स्वीकार न करने, मौत से न डरने और गरिमा की रक्षा करने जैसे विषय शामिल थे।
यह पोस्ट भी पहली पोस्ट के आसपास ही सामने आई थी।
सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि दोनों पोस्ट घटना के लगभग नौ घंटे बाद क्यों सामने आईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी यह स्थापित नहीं हो पाया है कि उन्हें किसने पोस्ट किया या वे पहले से शेड्यूल की गई थीं।
Instagram पर भी सामने आए वही वीडियो
अल-हम्मामी के नाम और तस्वीरों वाले एक Instagram अकाउंट पर भी कथित तौर पर वही वीडियो पोस्ट किए गए थे।
बाद में यह Instagram अकाउंट भी डिलीट हो गया। LinkedIn और Instagram दोनों अकाउंट्स हटाए जाने के बाद जांचकर्ता उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों के जरिए अल-हम्मामी की ऑनलाइन गतिविधियों को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
X अकाउंट पर महिलाओं को लेकर क्या लिखता था अल-हम्मामी?
अल-हम्मामी से जुड़े बताए जा रहे एक X अकाउंट की पुरानी पोस्ट भी जांच और मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई हैं। इन पोस्टों में महिलाओं, धार्मिक जीवन और पुरुष-महिला के साथ काम करने को लेकर बेहद रूढ़िवादी विचार व्यक्त किए जाने की बात कही गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ पोस्ट में महिलाओं के नकाब पहनने की वकालत की गई थी। शादी के बाद महिलाओं के नौकरी करने को लेकर भी आपत्ति जताई गई थी।
इसके अलावा पुरुषों और महिलाओं के एक साथ काम करने की आलोचना करने वाली पोस्ट भी उससे जुड़े अकाउंट से सामने आने का दावा किया गया है।
कट्टरपंथी विचारों के आरोपों की भी जांच
अल-हम्मामी की पुरानी सोशल मीडिया गतिविधियों के साथ उसके पेशेवर इतिहास की भी जांच की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि Oman Air में रहने के दौरान उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर पहले भी चिंताएं सामने आई थीं और उसे फ्लाइंग ड्यूटी से हटाया गया था।
अब बड़ा सवाल यह है कि अगर उसके बारे में पहले ऐसी सुरक्षा चिंताएं थीं, तो वह बाद में Flydubai में कैसे पहुंचा और उसे तेल अवीव जैसे संवेदनशील रूट पर कैसे तैनात किया गया।
UAE ने घटना को बताया कथित आतंकी हमला
30 सितंबर को Flydubai की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। UAE के अटॉर्नी जनरल के अनुसार अल-हम्मामी ने कॉकपिट में कैप्टन पर क्रैश एक्स से हमला किया और विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की।
घटना के दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से कम हुई। आखिरकार क्रू और यात्रियों की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया और विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
UAE अधिकारियों ने घटना को कथित आतंकवादी हमला बताया है। अब जांच में अल-हम्मामी के मकसद, उसके संभावित संपर्कों और डिजिटल तथा भौतिक सबूतों की पड़ताल की जा रही है।
क्या किसी आतंकी संगठन से था संबंध?
सोशल मीडिया अकाउंट पर अल-जवाहिरी और अल-बलावी जैसी शख्सियतों की तस्वीरें मिलने के बाद यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठ रहा है कि क्या आरोपी किसी आतंकी संगठन से प्रभावित या जुड़ा हुआ था।
हालांकि अब तक सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई निर्णायक सबूत सामने नहीं आया है जो यह स्थापित करता हो कि अल-हम्मामी अल-कायदा का सदस्य था या संगठन ने इस कथित हमले का निर्देश दिया था।
यही कारण है कि जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि आरोपी ने अकेले काम किया या उसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति अथवा नेटवर्क की भूमिका थी। उसके डिलीट किए गए सोशल मीडिया अकाउंट इस जांच में अहम डिजिटल सुराग साबित हो सकते हैं।
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