कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान के साथ बातचीत और शांति बहाली को लेकर दिए गए बयान पर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को अय्यर पर तीखा हमला बोला। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके बयान की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता एक बार फिर पाकिस्तान जाकर भारत सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की बात कर रहे हैं।
यह विवाद मणिशंकर अय्यर के उस बयान के बाद बढ़ा, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के साथ बातचीत नहीं करने को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना की थी। अय्यर ने भारत-पाकिस्तान के बीच लंबित मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने की वकालत की थी।
संबित पात्रा का मणिशंकर अय्यर पर हमला
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि यह वही मणिशंकर अय्यर हैं जो पहले पाकिस्तान गए थे और वहां नरेंद्र मोदी सरकार को लेकर बयान दे चुके हैं। पात्रा ने दावा किया कि अय्यर अब एक बार फिर पाकिस्तान जाकर इंटरव्यू देना चाहते हैं।
संबित पात्रा ने कहा कि अय्यर भारत में होने वाली रैलियों और विरोध प्रदर्शनों से संतुष्ट नहीं हैं और अब पाकिस्तान में भी भारत सरकार के खिलाफ विरोध की अपील करना चाहते हैं। भाजपा ने अय्यर के पाकिस्तान के साथ जल्द शांति स्थापित करने संबंधी बयान को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए।
‘पाकिस्तान जाकर फिर इंटरव्यू देना चाहते हैं’
संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि मणिशंकर अय्यर एक बार फिर पाकिस्तान जाकर इंटरव्यू देना चाहते हैं। उन्होंने अय्यर के पुराने पाकिस्तान दौरे का जिक्र करते हुए उनके बयानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के विरोध से जोड़ा।
पात्रा ने कहा कि अय्यर भारत में विरोध प्रदर्शनों तक सीमित नहीं रहना चाहते और पाकिस्तान जाकर वहां भी भारत सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की बात कर रहे हैं। हालांकि ये दावे भाजपा की ओर से मणिशंकर अय्यर के बयान की राजनीतिक व्याख्या के रूप में किए गए हैं।
पाकिस्तान से बातचीत को लेकर क्या बोले थे मणिशंकर अय्यर?
इससे पहले रविवार को कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने पाकिस्तान के साथ बातचीत नहीं करने की केंद्र सरकार की नीति की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार सर्जिकल स्ट्राइक कर सकती है, लेकिन दोनों देशों के बीच समस्याओं को बातचीत के माध्यम से सुलझाने की इच्छाशक्ति नहीं दिखा रही है।
श्रीनगर में आयोजित पांचवें ‘हल्ला बोल’ सम्मेलन में अय्यर ने भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद शुरू करने की वकालत की। उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों देशों को अटारी-वाघा सीमा पर बातचीत करनी चाहिए।
अय्यर का तर्क था कि पुराने विवादों पर लगातार बहस करना विदेश नीति का विकल्प नहीं हो सकता और भारत-पाकिस्तान संबंधों में आगे बढ़ने के लिए संवाद की आवश्यकता है।
‘यह युद्ध का दौर नहीं’ वाले संदेश का किया जिक्र
मणिशंकर अय्यर ने अपने संबोधन में भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया से कहता है कि यह युद्ध का दौर नहीं है, लेकिन पाकिस्तान के मामले में अलग नीति अपनाता है। इसी संदर्भ में उन्होंने भारत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कथित तौर पर ‘दोमुंही’ धारणा बनने की बात कही।
अय्यर के इन बयानों के बाद भाजपा ने उन पर हमला तेज कर दिया है। संबित पात्रा ने उनके बयान को पाकिस्तान के प्रति कांग्रेस की सोच से जोड़ते हुए सवाल उठाए।
अय्यर के बयान पर फिर गरमाई सियासत
भारत-पाकिस्तान संबंध लंबे समय से देश की राजनीति में संवेदनशील मुद्दा रहे हैं। ऐसे में मणिशंकर अय्यर की पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत ने एक बार फिर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
एक तरफ अय्यर बातचीत को दोनों देशों के बीच विवाद सुलझाने का रास्ता बता रहे हैं, वहीं भाजपा उनके बयान को लेकर कांग्रेस को घेर रही है। संबित पात्रा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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