प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC 2026) का विधिवत उद्घाटन किया। 7 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस चार दिवसीय वैश्विक टेक्नोलॉजी कार्यक्रम में भारत समेत दुनिया के कई देशों की प्रमुख टेलीकॉम और आईटी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इस साल इंडिया मोबाइल कांग्रेस में 6G टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सैटेलाइट कम्युनिकेशन, साइबर सुरक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत की डिजिटल प्रगति, टेलीकॉम सेक्टर में हुए सुधारों और भविष्य की तकनीकी संभावनाओं का उल्लेख करते हुए देश को वैश्विक टेक्नोलॉजी हब बनाने के संकल्प को दोहराया।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के मंच से पीएम मोदी ने नाना पाटेकर को दी श्रद्धांजलि
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को भी याद किया। प्रधानमंत्री ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए भारतीय सिनेमा में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर एक प्रतिभाशाली कलाकार थे, जिन्होंने अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व और दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में विशेष स्थान बनाया।
प्रधानमंत्री ने हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर के योगदान को याद करते हुए उनके निधन को फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर के यादगार किरदार और उनकी अनूठी अभिनय शैली लंबे समय तक दर्शकों के बीच जीवित रहेगी।
श्री नाना पाटेकरजी हांचे अभिनयातले वेगळेपण, तीव्रता आनी प्रभावी व्यक्तिमत्त्व हे थोड्याच कलाकारां कडेन आशिल्ले. नाना पाटेकर हाणी आपल्या दरेका भुमिकेंत तुस्त करपासारकी भौमुखी प्रतिभा आनी सृजनशीलताय हाडली तशेच आमकां पिळग्यान पिळग्यो याद उरतली, अशी पात्रां तांणी सिनेमामळार साकारली.…
— Narendra Modi (@narendramodi) October 8, 2026
भारत के हर जिले तक पहुंचा 5G नेटवर्क, देशभर में 5.5 लाख से अधिक बेस स्टेशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भारत में 5G नेटवर्क के तेजी से हुए विस्तार को डिजिटल क्रांति की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के मंच से ही भारत में 5G सेवाओं की शुरुआत की गई थी। इसके बाद महज चार वर्षों में देश के प्रत्येक जिले तक 5G नेटवर्क का विस्तार किया गया है।
पीएम मोदी के अनुसार, भारत में वर्तमान समय में 5.5 लाख से अधिक 5G बेस स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इससे न केवल बड़े शहरों, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी तेज इंटरनेट और आधुनिक डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ी है। उन्होंने कहा कि मजबूत टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण भारत दुनिया के प्रमुख डिजिटल बाजारों में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
5G के बाद अब 6G टेक्नोलॉजी पर भारत का फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अब 5G के विस्तार के साथ अगली पीढ़ी की संचार तकनीक यानी 6G पर भी तेजी से काम कर रहा है। भविष्य में 6G टेक्नोलॉजी डिजिटल कनेक्टिविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट सिटी, ऑटोमेशन, हेल्थकेयर और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को केवल नई तकनीकों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उनका विकास करने वाला अग्रणी देश बनना चाहिए। इसके लिए रिसर्च, इनोवेशन और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना जरूरी है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस जैसे वैश्विक मंच भारतीय कंपनियों, स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय तकनीकी संस्थानों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
Addressing the India Mobile Congress. It is encouraging to see India's telecom sector steadily moving towards greater self-reliance. https://t.co/tIuohkURIE
— Narendra Modi (@narendramodi) October 8, 2026
कोरोना काल में डिजिटल क्रांति बनी लोगों का सहारा
प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान डिजिटल तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जब महामारी के कारण लोगों को अपने परिवार और प्रियजनों से दूर रहना पड़ा, तब डिजिटल कनेक्टिविटी ने उन्हें एक-दूसरे से जोड़े रखा।
ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान, वीडियो कॉलिंग और इंटरनेट आधारित सेवाओं ने उस कठिन समय में लोगों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने डिजिटल तकनीक को केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने वाले साधन के रूप में विकसित किया है।
पीएम किसान सम्मान निधि से किसानों को मिल रहा डिजिटल तकनीक का लाभ
पीएम मोदी ने डिजिटल इंडिया के अंतर्गत सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक सीधे सहायता पहुंचाने की व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है।
डिजिटल भुगतान और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसी व्यवस्थाओं ने सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से किसानों, छोटे व्यापारियों, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को नई सुविधाएं मिल रही हैं।
भारत में तेजी से बढ़ रहा गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स सेक्टर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरान भारत में तेजी से विकसित हो रहे गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स उद्योग की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज भारतीय युवा केवल ऑनलाइन गेम खेलने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गेम डेवलपमेंट, ई-स्पोर्ट्स, एनीमेशन और डिजिटल कंटेंट क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि सस्ते इंटरनेट डेटा और आधुनिक संचार सुविधाओं के कारण देश में डिजिटल मनोरंजन उद्योग का तेजी से विस्तार हुआ है। भारतीय गेमिंग क्रिएटर्स और ई-स्पोर्ट्स से जुड़े युवा वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने ऑडियो-विजुअल और गेमिंग सेक्टर को रोजगार तथा उद्यमिता के नए अवसर पैदा करने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से कंटेंट क्रिएशन इंडस्ट्री भी हजारों करोड़ रुपये के कारोबार की दिशा में आगे बढ़ रही है।
साइबर फ्रॉड रोकने के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क की जरूरत: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा को एक गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि इंटरनेट, मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल भुगतान सेवाओं के विस्तार के कारण साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीके सामने आ रहे हैं।
पीएम मोदी ने नागरिकों से अनजान फोन कॉल, संदिग्ध मैसेज, फर्जी लिंक और डिजिटल भुगतान से जुड़े धोखाधड़ी के प्रयासों को लेकर सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए केवल राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने साइबर फ्रॉड की रोकथाम के लिए एक प्रभावी वैश्विक ढांचा विकसित करने की जरूरत बताई। उन्होंने GSMA, दुनिया की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों और संबंधित हितधारकों से मिलकर साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
टेलीकॉम सेक्टर में बड़े सुधारों का पीएम मोदी ने किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में पिछले एक दशक के दौरान भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में लागू किए गए नीतिगत सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र में निवेश, बुनियादी ढांचे के विकास और कारोबारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
पीएम मोदी ने गति शक्ति संचार पोर्टल और एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) से संबंधित नीतिगत सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने से देश में डिजिटल सेवाओं की पहुंच मजबूत हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का टेलीकॉम सेक्टर अब केवल मोबाइल कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डिजिटल अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और तकनीकी नवाचार का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है।
सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भारत
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अब सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में अपनी क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
सेमीकंडक्टर चिप्स का इस्तेमाल स्मार्टफोन, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक वाहन, टेलीकॉम उपकरण और विभिन्न आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में किया जाता है। ऐसे में घरेलू स्तर पर चिप निर्माण की क्षमता विकसित करना भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में निवेश, रिसर्च और तकनीकी विकास को प्रोत्साहन देने से भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में अपनी भूमिका मजबूत कर सकता है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस को ग्लोबल इनोवेशन हब बनाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस को केवल टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी तक सीमित न रखते हुए इसे रिसर्च, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि इस मंच के माध्यम से भारतीय स्टार्टअप्स, टेक्नोलॉजी कंपनियों, शोध संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलना चाहिए। इससे नई तकनीकों के विकास के साथ निवेश और रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत की युवा प्रतिभा, तेजी से विकसित हो रहा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी नवाचार की क्षमता देश को भविष्य की संचार क्रांति में महत्वपूर्ण स्थान दिला सकती है।
6G, AI और साइबर सुरक्षा से तय होगी भारत की डिजिटल भविष्य की दिशा
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर जैसी तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में होने वाला विकास आने वाले वर्षों में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से स्पष्ट हुआ कि सरकार का उद्देश्य डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार करने के साथ भारत को रिसर्च, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस का 10वां संस्करण इसी दिशा में उद्योग, सरकार और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है।
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