ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई 2025 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित मरकज सुभानल्लाह पर एयरस्ट्राइक की थी। यह ठिकाना आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
अब हमले के करीब एक साल बाद इस परिसर में दोबारा निर्माण कार्य शुरू होने की खबर सामने आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
एयरस्ट्राइक में भारी नुकसान
एयरस्ट्राइक के दौरान परिसर के तीन गुंबद, मुख्य हॉल, मदरसा अल-साबिर और मसूद अजहर के परिवार से जुड़े रिहायशी हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा था।
हमले के बाद पूरा परिसर मलबे में तब्दील हो गया था।
पाकिस्तानी मदद से फिर खड़ा हो रहा ढांचा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार से अक्टूबर 2025 में मिले करीब 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपए की मदद से संगठन अब इस ठिकाने को फिर से खड़ा करने में जुटा है।
मरम्मत के दौरान गुंबदों को ईंट, सरिया और प्लास्टर से दोबारा बनाया जा रहा है, जबकि अस्थायी रूप से लकड़ी के ढांचे का सहारा लिया गया है।
मुख्य हॉल में बने गड्ढों को सीमेंट से भर दिया गया है और मलबे को पूरी तरह साफ कर दिया गया है।
सुरक्षा कड़ी, निर्माण सामग्री जुटाई गई
परिसर के बाहर बड़ी मात्रा में ईंट और अन्य निर्माण सामग्री देखी गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि मदरसा और रिहायशी भवनों का पुनर्निर्माण तेजी से चल रहा है।
सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके की जिम्मेदारी पंजाब पुलिस की विशेष इकाई ‘इलीट पुलिस’ को सौंपी गई है।
इसके अलावा, परिसर की बाहरी दीवार को पहले से ज्यादा ऊँचा कर दिया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई है।
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