उत्तर प्रदेश के झांसी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के प्रदेश उपाध्यक्ष भरत व्यास की पत्नी प्रिया मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रिया का शव उनके ससुराल में फांसी के फंदे से लटका मिला, जिसके बाद परिवार ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए दहेज हत्या का आरोप लगाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना 31 मई 2026 की रात की बताई जा रही है। मृतका के पिता विनोद मिश्रा का कहना है कि उनकी बेटी ने रात करीब 12 बजे उन्हें फोन किया था, लेकिन देर रात होने के कारण वह कॉल रिसीव नहीं कर सके। अगले दिन सुबह ससुराल पक्ष की ओर से फोन आया, जिसमें प्रिया की मौत की सूचना दी गई।
परिवार ने लगाए दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप
प्रिया मिश्रा के परिजनों का आरोप है कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ समय बाद भरत व्यास और उनके परिवार के सदस्य अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। परिवार का दावा है कि कई बार नकद और ऑनलाइन माध्यम से पैसे भी दिए गए, लेकिन इसके बावजूद प्रिया को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा।
परिजनों ने भरत व्यास और उनके परिवार के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिनांक 01.06.2026 को थाना समथर पर सूचना प्राप्त हुई कि एक 25 वर्षीय महिला द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गयी है। सूचना पर थाना समथर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुँचकर महिला के शव को कब्जे में लेकर साक्ष्य संकलन की कार्यवाही कर शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमॉर्टम हेतु भिजवाया… pic.twitter.com/rLEZJNjajc
— Jhansi Police (@jhansipolice) June 2, 2026
फरवरी 2025 में हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार, भरत व्यास और प्रिया मिश्रा का विवाह 14 फरवरी 2025 को हुआ था। भरत व्यास कांग्रेस की छात्र राजनीति में सक्रिय माने जाते हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहते हैं। उनके कई राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीरें और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े पोस्ट सोशल मीडिया पर मौजूद हैं।
कांग्रेस नेताओं से जुड़े पुराने चर्चित अपराध मामलों की फिर चर्चा
झांसी की इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस से जुड़े कुछ पुराने चर्चित मामलों की भी चर्चा होने लगी है। इनमें सबसे अधिक चर्चा 1995 के बहुचर्चित नैना साहनी हत्याकांड की हो रही है, जिसे “तंदूर कांड” के नाम से जाना जाता है।
इस मामले में मुख्य आरोपी सुशील शर्मा था, जो उस समय दिल्ली युवा कांग्रेस का एक प्रमुख नेता माना जाता था। आरोप था कि उसने नैना साहनी की हत्या करने के बाद शव को दिल्ली के एक रेस्तरां के तंदूर में जलाने का प्रयास किया था।
कैसे खुला था नैना साहनी हत्याकांड?
2 जुलाई 1995 की रात दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल अब्दुल नजीर कुंजू और होमगार्ड चंदर पाल गश्त पर थे। इस दौरान उन्होंने होटल अशोक यात्री निवास परिसर स्थित बगिया रेस्टोरेंट से धुआं और आग निकलते देखा। पूछताछ करने पर बताया गया कि पुराने राजनीतिक बैनर और पोस्टर जलाए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस को संदेह हुआ।
इसके बाद फायर ब्रिगेड और अन्य पुलिस अधिकारियों को बुलाया गया। जांच में सामने आया कि तंदूर के अंदर एक महिला का शव जलाया जा रहा था। बाद में शव की पहचान नैना साहनी के रूप में हुई। जांच आगे बढ़ी तो मामला देश के सबसे चर्चित हत्याकांडों में शामिल हो गया।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल झांसी में प्रिया मिश्रा की मौत के मामले में पुलिस जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी। वहीं, परिवार न्याय की मांग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता से की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
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