उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में धर्मांतरण और हिंदू युवतियों को निशाना बनाए जाने के दो अलग-अलग मामलों ने सनसनी फैला दी है। पहला मामला पीजीआई क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ एक 21 वर्षीय हिंदू युवती के लापता होने के बाद परिवार ने इरशाद अली नामक युवक पर उसे बहला-फुसलाकर ले जाने, धर्मांतरण कराने और सीरिया भेजने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरा मामला पारा थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक युवती ने जुबैर अंसारी और उसके परिवार पर पहचान छिपाकर संबंध बनाने, ब्लैकमेल करने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
PGI क्षेत्र से युवती लापता, इरशाद अली पर आरोप
जानकारी के अनुसार, SGPGI आवासीय परिसर में रहने वाली 21 वर्षीय युवती 21 मई को नौकरी के सिलसिले में तेलीबाग गई थी, लेकिन उसके बाद घर वापस नहीं लौटी। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए इरशाद अली को मुख्य आरोपी बताया है।
परिवार का कहना है कि इरशाद का घर में नियमित आना-जाना था और उसने परिवार का विश्वास जीतने के लिए युवती से राखी भी बंधवाई थी। आरोप है कि बाद में उसने युवती को परेशान करना शुरू कर दिया और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें भी बना लीं।
परिजनों के अनुसार, विरोध करने पर इरशाद युवती को सीरिया भेजने की धमकी देता था। मामले में एक डॉक्टर पर भी आरोपी की मदद करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवती की तलाश शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पारा क्षेत्र में जुबैर अंसारी पर धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप
राजधानी के पारा थाना क्षेत्र में दर्ज एक अन्य मामले में एक हिंदू युवती ने जुबैर अंसारी और उसके परिवार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, जुबैर ने अपनी पहचान छिपाकर युवती से दोस्ती की और बाद में शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए।
पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान उसकी निजी वीडियो रिकॉर्ड की गईं और बाद में उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया। युवती ने आर्थिक शोषण के आरोप भी लगाए हैं।
एफआईआर के अनुसार, बाद में उस पर इस्लाम स्वीकार करने, कलमा पढ़ने और नियमित नमाज अदा करने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकियां भी दी गईं।
पुलिस जांच में जुटी
दोनों मामलों में पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड और पीड़ित पक्ष के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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