पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलकोट क्षेत्र में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, महंगाई, बिजली संकट और बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर आयोजित एक बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। दावा किया जा रहा है कि इस दौरान हुई गोलीबारी में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 37 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, रावलकोट के ईदगाह मैदान में हजारों लोग बढ़ती महंगाई, महंगी बिजली, खाद्य वस्तुओं की कीमतों और नागरिक अधिकारों के मुद्दे पर एकत्र हुए थे। प्रदर्शन में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल थे।
महंगाई और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सड़कों पर उतरे लोग
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में सस्ती बिजली, किफायती खाद्यान्न, रोजगार के अवसर और क्षेत्र में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था शामिल थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि रावलकोट में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उन्होंने पाकिस्तान सरकार तथा सुरक्षा बलों के खिलाफ नारेबाजी की।
Rawalakot in PoJK witnessed a horrific crackdown after Pakistani Army personnel & Rangers opened fire on 60,000-70,000 unarmed protesters gathered at Eidgah Ground. Citizens demanding affordable flour, rice, electricity & basic rights came under indiscriminate gunfire. pic.twitter.com/CE2vUq8gRk
— Songs of Chinar (@SongsOfChinar) June 11, 2026
पहले भी हुई थी हिंसक झड़प
बताया जा रहा है कि इससे पहले 9 जून 2026 को भी क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं। उन घटनाओं में भी कई लोगों के मारे जाने और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की खबरें सामने आई थीं।
ताजा प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कथित रूप से पिछली घटनाओं में प्रभावित परिवारों के लिए न्याय की मांग भी उठाई। घटना के बाद कई इलाकों में बाजार बंद रहे और स्थानीय लोगों ने विरोध मार्च निकाले।
मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंता
घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भी चिंता व्यक्त की है। कुछ संगठनों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित अत्यधिक बल प्रयोग और नागरिक अधिकारों के हनन के आरोप लगाए हैं। साथ ही घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार और प्रशासन ने प्रदर्शन से जुड़े कुछ संगठनों पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और अशांति फैलाने के आरोप लगाए हैं।
क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा
फायरिंग और हिंसा की खबरों के बाद रावलकोट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, जबकि प्रभावित परिवार अपने परिजनों की तलाश और घायलों के इलाज में जुटे हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि PoK में आर्थिक संकट, महंगाई और प्रशासनिक असंतोष जैसे मुद्दे आने वाले समय में और बड़े राजनीतिक व सामाजिक आंदोलनों को जन्म दे सकते हैं।
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