ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों से जुड़े जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों को लेकर भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से सीधे बातचीत कर भारत की गंभीर चिंता व्यक्त की, जबकि विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजनयिक को दो बार तलब कर आधिकारिक विरोध दर्ज कराया।
MT Settebello पर हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत
10 जून 2026 को ओमान की खाड़ी में पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर MT Settebello पर अमेरिकी कार्रवाई हुई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार जहाज ने सुरक्षा चेतावनियों का पालन नहीं किया, जिसके बाद कार्रवाई की गई। हमले में जहाज के इंजन रूम में विस्फोट हुआ और तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई।
इसके बाद MT Marivex और MT Jalveer जैसे अन्य जहाजों पर भी अमेरिकी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। MT Jalveer पर लगभग 20 भारतीय नाविक सवार थे। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
#WATCH | Delhi: US Chargé d’Affaires Jason Meeks leaves from the MEA after about 45 minutes.
MEA summons him to lodge a protest against attacks on commercial vessels off the coast of Oman. Yesterday, yet another vessel with 20 Indian crew on board came under attack. The US… pic.twitter.com/3P1V45fozo
— ANI (@ANI) June 12, 2026
भारत ने दो बार तलब किया अमेरिकी राजनयिक
घटना के बाद भारत ने अमेरिकी चार्ज डी’एफेयर्स जेसन मीक्स को तलब कर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है।
इसके बाद 12 जून को एक बार फिर अमेरिकी राजनयिक को विदेश मंत्रालय बुलाया गया। करीब 45 मिनट चली बैठक में भारत ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई।
Iran launched multiple one-way attack drones in an attempt to strike commercial ships transiting the Strait of Hormuz. U.S. forces have downed all of them in recent hours as traffic flow through the strait continues unimpeded. The international trade corridor remains open for…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 13, 2026
जयशंकर ने मार्को रुबियो से की सीधी बातचीत
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत की और भारतीय नाविकों की मौत को लेकर भारत की नाराज़गी जाहिर की।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में भारतीय नागरिकों की मौत बेहद गंभीर विषय है और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना उचित नहीं माना जा सकता।
Spoke to US Secretary of State Marco Rubio this evening. I reiterated India’s strong protest at the attacks by the US Navy in the Gulf that killed three Indian mariners. Such lethal actions against commercial shipping are not justified.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 12, 2026
ट्रंप ने किया नया दावा
भारतीय विरोध के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर ईरानी ड्रोन हमलों को विफल किया है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी, जिसे अमेरिकी सेना ने नाकाम कर दिया। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा का मामला बताया।
ईरान ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत स्थित ईरानी दूतावास ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। ईरान ने कहा कि अमेरिका भारतीय जहाजों पर हुई अपनी सैन्य कार्रवाई और भारतीय नाविकों की मौत से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
ईरानी दूतावास ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर भारतीय क्रू वाले कई जहाजों पर अमेरिकी कार्रवाई हुई और तीन भारतीय नागरिकों की जान चली गई, जो बेहद गंभीर मामला है।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी दिखाई दे रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है, जहाँ किसी भी प्रकार का सैन्य टकराव वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार को प्रभावित कर सकता है।
भारत ने स्पष्ट किया है कि किसी भी देश के बीच चल रहे संघर्ष में भारतीय नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे हमलों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
The U.S. president's accusation against Iran regarding an Indian vessel in the Strait of Hormuz is simply baseless. It is an attempt to divert public attention from the brutal fact that the U.S. has attacked 3 Indian vessels in less than a week and killed 3 innocent Indian… https://t.co/2UiXWAMulM
— Iran in India (@Iran_in_India) June 12, 2026
निष्कर्ष
भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अमेरिका के सामने स्पष्ट संदेश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। अब पूरी दुनिया की नजर अमेरिका, ईरान और भारत के बीच बन रहे इस नए कूटनीतिक समीकरण पर टिकी हुई है।
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