महाराष्ट्र के पालघर जिले के डहाणू क्षेत्र में कथित ‘लव जिहाद’ और यौन शोषण के एक मामले को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है। मामले में एक मुस्लिम युवक पर दो सगी बहनों को प्रेमजाल में फंसाकर उनका कथित यौन शोषण करने, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और मानसिक उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने आरोपी को गुजरात के भरूच से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं।
हिंदू संगठनों ने घटना के विरोध में डहाणू बंद का आह्वान किया, जिसका असर बाजारों और व्यावसायिक गतिविधियों पर भी देखने को मिला। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 1 जून 2026 को पालघर जिले के डहाणू क्षेत्र में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी युवक ने पहले 24 वर्षीय युवती से दोस्ती कर उसे अपने जाल में फंसाया और बाद में उसका कथित यौन शोषण किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी ने बाद में उसकी नाबालिग छोटी बहन को भी निशाना बनाया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी ने दोनों बहनों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें लगातार ब्लैकमेल किया। लंबे समय तक दबाव और डर के माहौल में रहने के बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद मामला सामने आया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। चूंकि पीड़िताओं में से एक नाबालिग बताई जा रही है, इसलिए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
डहाणू बंद का असर, हिंदू संगठनों का विरोध
मामले के सामने आने के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। संगठनों का आरोप है कि यह कोई सामान्य आपराधिक घटना नहीं बल्कि सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा हो सकती है।
डहाणू बंद के दौरान कई बाजार बंद रहे और स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच की जाएगी।
बीजेपी MLC चित्रा वाघ का बड़ा दावा
महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य (MLC) और भाजपा नेता Chitra Wagh ने मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने दावा किया कि यह केवल एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि संभावित अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
चित्रा वाघ के अनुसार, कुछ गिरोह छात्र वीजा दिलाने के नाम पर महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों की युवतियों को विदेश भेजने का लालच देते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे मामले के तार ऐसे किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं, जिसकी गहन जांच आवश्यक है।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक मानव तस्करी रैकेट से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
मुख्यमंत्री फडणवीस के निर्देश पर SIT गठित
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis से भी इस संबंध में मुलाकात की गई। इसके बाद राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्णय लिया।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, SIT पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि क्या घटना किसी बड़े नेटवर्क या संगठित गिरोह से जुड़ी हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
पुलिस की अपील
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि की जा सकेगी।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel