अहमदाबाद में मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर फर्जी पहचान बनाकर महिलाओं को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाने वाले आरोपी करीम को लेकर जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने ‘आदित्य पटेल’ नाम से प्रोफाइल बनाकर कई हिंदू विधवाओं और महिलाओं से संपर्क स्थापित किया था। अब उसके मोबाइल फोन से लगभग 100 महिलाओं का डेटा, फोटो और वीडियो मिलने की जानकारी सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी का रिमांड लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह भी सक्रिय हो सकता है।
फर्जी पहचान बनाकर बनाता था भरोसा
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी करीम खुद को ‘आदित्य पटेल’ नामक हिंदू व्यक्ति बताकर मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय था। वह महिलाओं को खुद को विधुर बताकर भावनात्मक रूप से प्रभावित करता था और उनके साथ संबंध स्थापित करने की कोशिश करता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपनी पत्नी का कथित तौर पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) भी तैयार कराया था ताकि वह खुद को विधुर साबित कर सके और महिलाओं का विश्वास जीत सके।
मोबाइल से मिला 100 महिलाओं का डेटा
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन से करीब 100 महिलाओं से जुड़ा डेटा मिला है। इसमें फोटो, वीडियो, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सामग्री शामिल बताई जा रही है।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन महिलाओं से आरोपी का किस प्रकार का संपर्क था और क्या इनमें से किसी के साथ धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग या अन्य आपराधिक गतिविधि हुई है।
महंगे गिफ्ट और लग्जरी लाइफस्टाइल का दिखावा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी महिलाओं को प्रभावित करने के लिए महंगे उपहार देता था। इसके अलावा वह सोशल मीडिया के जरिए अपने कथित बंगले, महंगी कारों, खेतों और आलीशान जीवनशैली की तस्वीरें भेजकर खुद को संपन्न और सफल व्यक्ति के रूप में पेश करता था।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी द्वारा साझा की गई संपत्तियों और दस्तावेजों की वास्तविकता क्या थी और कहीं उनमें भी फर्जीवाड़ा तो नहीं किया गया।
गैंग के शामिल होने की आशंका
पुलिस को शक है कि आरोपी अकेले काम नहीं कर रहा था। जांच अधिकारियों का मानना है कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क या गिरोह सक्रिय हो सकता है जो फर्जी पहचान बनाकर महिलाओं को निशाना बनाने का काम करता है।
इसी दिशा में पुलिस डिजिटल सबूतों, बैंकिंग लेन-देन और संपर्कों की जांच कर रही है। कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों को भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पीड़ित महिलाओं से आगे आने की अपील
अहमदाबाद पुलिस ने उन महिलाओं से आगे आने की अपील की है जो आरोपी के संपर्क में रही हों या किसी प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार हुई हों। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित महिलाओं के सामने आने से पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में मदद मिलेगी और अन्य संभावित पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सकेगा।
जांच में हो सकते हैं और बड़े खुलासे
पुलिस का मानना है कि आरोपी के मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड से मिली जानकारी के आधार पर आने वाले दिनों में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
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