उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक संवेदनशील मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलंदशहर जिले के अकबरपुर क्षेत्र से दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान मोहम्मद उमर और फैजान के रूप में हुई है। ATS का दावा है कि दोनों युवक पाकिस्तान से संचालित एक संदिग्ध नेटवर्क के संपर्क में थे और उनकी गतिविधियों पर काफी समय से निगरानी रखी जा रही थी।
सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर ATS ने दोनों संदिग्धों पर तकनीकी और भौतिक निगरानी शुरू की थी। जांच के दौरान ऐसे कई संकेत मिले, जिनसे उनके विदेशी संपर्कों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सामने आई। पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद ATS ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दोनों युवकों के संबंध कथित रूप से पाकिस्तानी आतंकवादी शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क से जुड़े आबिद जट नामक व्यक्ति से थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान समर्थित सामग्री साझा करते थे और ऑनलाइन गतिविधियों के जरिए नेटवर्क के संपर्क में थे।
ATS को यह भी जानकारी मिली है कि दोनों युवकों ने कथित तौर पर बुलंदशहर क्षेत्र में पाकिस्तानी गैंगस्टर आबिद जट के पोस्टर चिपकाए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस कार्य के बदले उन्हें 12 हजार रुपये मिलने वाले थे। अब एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या यह केवल प्रचार गतिविधि थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क और उद्देश्य छिपा हुआ था।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि दोनों युवकों को पाकिस्तान से और क्या निर्देश प्राप्त हो रहे थे। ATS यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या वे किसी बड़ी साजिश, भर्ती अभियान, प्रचार तंत्र या अन्य राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल थे। फिलहाल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मोबाइल फोन और सोशल मीडिया खातों की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है।
हालांकि, दोनों आरोपितों के परिवारों ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। मोहम्मद उमर के पिता का कहना है कि उनका बेटा खेती-बाड़ी का काम करता है और परिवार की आर्थिक मदद करता था। उन्होंने दावा किया कि उमर का किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।
वहीं फैजान की मां ने भी अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह अधिक पढ़ा-लिखा नहीं है और किसी आतंकवादी संगठन या नेटवर्क से उसका कोई लेना-देना नहीं है। परिवारों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
मामले में एक और तथ्य सामने आया है कि गांव के पूर्व प्रधान के अनुसार दोनों युवक मूल रूप से अकबरपुर के निवासी नहीं थे, बल्कि वे मऊ-खेड़ा क्षेत्र से आकर यहां रह रहे थे। इस जानकारी के बाद ATS उनके पुराने संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण इस मामले में ATS फिलहाल सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों युवकों की भूमिका कितनी व्यापक थी और क्या उनके पीछे कोई बड़ा आतंकी या आपराधिक नेटवर्क सक्रिय है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
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