20 जुलाई को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो और दावे तेजी से वायरल हुए, जिन्हें लेकर दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक तौर पर स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस का कहना है कि विरोध प्रदर्शन से जुड़े कई दावे भ्रामक, फर्जी और लोगों को गुमराह करने वाले हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कई पोस्ट और वीडियो की जांच की गई, जिनमें पेलेट गन के इस्तेमाल, कीलों वाली लाठी से बच्चों की पिटाई और प्रदर्शन के दौरान एक लड़की की मौत जैसे दावे शामिल थे। पुलिस ने इन सभी दावों को गलत और तथ्यहीन बताया है।
पेलेट गन इस्तेमाल करने का दावा निकला झूठा
विरोध प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पेलेट गन का इस्तेमाल किया।
दिल्ली पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया गया। पुलिस के मुताबिक यह दावा पूरी तरह झूठा है और लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाया गया।
🚨 FAKE NEWS ALERT 🚨
Reports claiming that police forces are using pellet guns against peaceful protesters are completely false and misleading.
The public is strongly advised not to share or circulate unverified content. Please verify facts from official sources before posting…
— Delhi Police (@DelhiPolice) July 21, 2026
वायरल वीडियो पर भी पुलिस का फैक्ट-चेक
सोशल मीडिया पर एक और वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसे साझा करते हुए स्वयं को फैक्ट-चेकर बताने वाले मोहम्मद जुबैर ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने बच्चों को कील लगी लाठियों से पीटा।
दिल्ली पुलिस ने इस वीडियो की जांच के बाद स्पष्ट किया कि पुलिस ने ऐसी किसी डंडी या कील लगी लाठी का इस्तेमाल नहीं किया। साथ ही यह भी कहा कि वायरल किया जा रहा वीडियो 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन का नहीं है और उसे गलत संदर्भ में साझा किया जा रहा है।
FAKE NEWS ALERT
The videos circulating on social media alleging that police used batons fitted with nails during yesterday's protest are false and misleading. These videos are not related to yesterday's protest.
Citizens are advised not to spread unverified information and to…
— Delhi Police (@DelhiPolice) July 21, 2026
प्रदर्शन के दौरान मौत का दावा भी फर्जी
सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया गया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई।
दिल्ली पुलिस ने इस दावे का भी खंडन किया और कहा कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई। पुलिस के अनुसार, इस तरह की अफवाहों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
अफवाह फैलाने वाले नेटवर्क की जांच जारी
दिल्ली पुलिस पहले ही संकेत दे चुकी है कि हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान और उसके बाद सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या फर्जी सूचनाओं को वायरल करने के लिए विदेशी सोशल मीडिया हैंडल या बॉट नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले हर दावे की जांच की जा रही है और लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel