संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार के बीच हुई मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। इस मुलाकात में शरद पवार की बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं। संसद भवन में हुई इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक अटकलों का दौर तेज हो गया है।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब ठीक एक दिन पहले शरद पवार और सुप्रिया सुले ने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर CJP के आंदोलन और प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया था। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान घायल छात्रों से मुलाकात की थी और कथित पुलिस लाठीचार्ज की आलोचना भी की थी।
Rajya Sabha MP Shri @PawarSpeaks Ji and Lok Sabha MP Smt. @supriya_sule Ji called on PM @narendramodi in Parliament earlier today. pic.twitter.com/DwTspUA0th
— PMO India (@PMOIndia) July 22, 2026
संसद में मुलाकात के बाद बढ़ीं अटकलें
संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार की मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब देश में CJP आंदोलन, NEET परीक्षा विवाद और शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। ऐसे में इस बैठक को लेकर विभिन्न राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं।
जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों का किया था समर्थन
मंगलवार को शरद पवार, सुप्रिया सुले, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता जंतर-मंतर पहुंचे थे। उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों और CJP के प्रदर्शन का समर्थन किया। नेताओं ने घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और आंदोलन से जुड़े लोगों का हालचाल जाना।
“NCP छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है”
CJP की ओर से जारी बयान के अनुसार, शरद पवार ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी संसद के भीतर इन मुद्दों को उठाएगी और जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा तथा जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक आंदोलन का समर्थन जारी रहेगा।
विपक्ष के कई नेता भी पहुंचे थे प्रदर्शन स्थल
जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत और अरविंद सावंत, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय, केरल कांग्रेस (एम) के नेता जोस के मणि तथा वाम दलों के कई सांसद भी शामिल हुए। सभी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर अपना समर्थन व्यक्त किया।
20 जून से जारी है CJP का आंदोलन
CJP का आंदोलन 20 जून से लगातार जारी है। संगठन NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा आत्महत्या करने वाले NEET छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है।
20 जुलाई को CJP कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर से संसद भवन तक मार्च निकाला था। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प और हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गया।