सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव एक बार फिर गंभीर सैन्य संघर्ष में बदलता नजर आ रहा है। यमन की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन हमलों ने सऊदी अरब के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों में दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको (Saudi Aramco) से जुड़ी तेल सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और लाल सागर के समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
जिजान में जोरदार धमाके, अहम ठिकाने बने निशाना
रिपोर्ट्स के मुताबिक यमन की ओर से अचानक कई मिसाइल और ड्रोन सऊदी अरब की दिशा में दागे गए। इन हमलों के बाद सऊदी अरब के जिजान औद्योगिक क्षेत्र में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। जिजान की एक महत्वपूर्ण औद्योगिक सुविधा को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया, जिसके बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
अरामको तेल सुविधाओं पर असर
हमलों की चपेट में सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी अरामको से जुड़ी सुविधाएं भी आईं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें सामने आईं। इसके अलावा यानबू और दमाद क्षेत्रों में भी हमलों का असर देखने को मिला, जिससे स्थानीय प्रशासन को आपात कदम उठाने पड़े।
Fires erupt in Jizan, Saudi Arabia, due to Yemeni missile and drone strikes
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— Press TV 🔻 (@PressTV) July 25, 2026
यानबू में इमरजेंसी अलर्ट जारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सऊदी अरब के सिविल डिफेंस विभाग ने यानबू प्रांत के लिए राष्ट्रीय चेतावनी प्रणाली के माध्यम से आपातकालीन अलर्ट जारी किया। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
होदेइदा पर सऊदी हमलों के बाद बढ़ा तनाव
यह तनाव उस समय और बढ़ गया जब सऊदी अरब ने यमन के हूती-नियंत्रित शहर होदेइदा पर हवाई हमले किए। हूती समूह के विदेश मंत्रालय ने इसके बाद सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सऊदी अरब को इन कार्रवाइयों की “भारी कीमत” चुकानी होगी।
हूती समर्थित मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, होदेइदा में दूरसंचार सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है, जबकि कमरान द्वीप पर हुई बमबारी में एक महिला घायल हुई।
लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमले का दावा
हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इन हमलों में कम से कम एक जहाज को गंभीर नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। हूती संगठन ने इसे अपनी घोषित नाकेबंदी रणनीति का हिस्सा बताया है।
सऊदी गठबंधन की जवाबी कार्रवाई
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इन हमलों का जवाब देते हुए यमन के होदेइदाह प्रांत में हूती ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल मल्की ने कहा कि सभी वैध सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया गया है और समुद्री व हवाई यातायात को बाधित नहीं किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि होदेइदाह, रास इस्सा और सालिफ बंदरगाह वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुले हैं और नियमित गतिविधियां जारी हैं।
शांति समझौते पर मंडराया संकट
साल 2022 में सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच हुए अनौपचारिक शांति समझौते के बाद बड़े पैमाने पर सैन्य टकराव काफी हद तक थम गए थे। लेकिन हालिया घटनाओं ने क्षेत्र में शांति की संभावनाओं को गंभीर झटका दिया है।
वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है तो लाल सागर के समुद्री मार्ग से होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक और ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। ऐसे में तेल आपूर्ति, शिपिंग लागत और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।
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