ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को मोजाम्बिक के ध्वज वाले लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) टैंकर ‘DISHA’ पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि जहाज पर सवार सभी 28 भारतीय चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है और कहा है कि वह संबंधित ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।
भारतीय दूतावास के अनुसार, आईएमओ संख्या 8818219 वाले एलपीजी टैंकर DISHA पर ईरानी क्षेत्रीय जलक्षेत्र में हमला किया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद दूतावास ने तुरंत संबंधित एजेंसियों से संपर्क स्थापित किया और जहाज पर मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में कहा कि मोजाम्बिक के झंडे वाले एलपीजी टैंकर DISHA पर हुए हमले के बावजूद जहाज पर मौजूद सभी 28 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है और स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय कर रहा है।
— India in Iran (@India_in_Iran) July 24, 2026
वहीं भारतीय समुद्री कर्मचारियों के संगठन ‘फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया’ का दावा है कि यह हमला होर्मुज स्ट्रेट के निकट एक अज्ञात मिसाइल के जरिए किया गया। संगठन के अनुसार, हमले के समय जहाज फारस की खाड़ी की ओर बढ़ रहा था। हालांकि अब तक किसी देश, संगठन या समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और न ही किसी आधिकारिक एजेंसी ने हमले के पीछे के कारणों की पुष्टि की है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मिडिल ईस्ट में सुरक्षा हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है। ईरान और ओमान के बीच स्थित यह रणनीतिक समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के क्षेत्रीय संघर्षों, अमेरिका-ईरान तनाव और समुद्री मार्गों पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजारों पर भी प्रभाव डाल सकती हैं। फिलहाल भारतीय दूतावास, ईरानी अधिकारियों और संबंधित समुद्री एजेंसियों द्वारा स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
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