जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। शनिवार (25 जुलाई 2026) को केंद्र सरकार और CJP नेतृत्व के बीच हुई तीसरे दौर की अहम बैठक के बाद संगठन ने आधिकारिक रूप से प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान कर दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रवक्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार उनकी सभी प्रमुख मांगों पर सहमत हो गई है, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों से अपने-अपने घर लौटने की अपील की गई।
तीसरी बैठक में बनी सहमति
शनिवार को केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बातचीत का नेतृत्व किया। बैठक के दौरान CJP प्रतिनिधियों ने अपनी लंबित मांगों को सरकार के सामने रखा। इससे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आंदोलन की प्रमुख मांगों में शामिल था, जिसे सरकार पहले ही पूरा कर चुकी थी।
बैठक में दो अन्य प्रमुख मांगों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इनमें आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर किसी प्रकार की FIR या कानूनी कार्रवाई नहीं करने की मांग तथा NEET पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग शामिल थी।
#WATCH दिल्ली: सरकार के साथ बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "कॉकरोच जनता पार्टी यह ऐलान करती है कि हम अच्छी नीयत से आंदोलन वापस ले रहे हैं, इस समझ के साथ कि तय शर्तों को तय टाइमलाइन के अंदर पूरा किया जाएगा।" pic.twitter.com/1KFob83trX
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 25, 2026
छात्रों पर नहीं होगी कोई कार्रवाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार मंगलवार तक इस संबंध में लिखित गारंटी भी साझा करेगी, जिसमें FIR और भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न करने का स्पष्ट उल्लेख होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि NEET पेपर लीक और उससे जुड़े मामलों में प्रभावित परिवारों को नियमों और प्रावधानों के अनुसार मुआवजा देने पर भी सहमति बन गई है।
शिक्षा सुधारों पर 5 सूत्रीय चार्टर
CJP के दूसरे प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि संगठन ने सरकार को शिक्षा सुधारों से जुड़ा 5 बिंदुओं का चार्टर भी सौंपा है। इस चार्टर पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन चार सप्ताह बाद सरकार और CJP नेतृत्व के बीच एक और बैठक होगी, जिसमें इन सुधारों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
जेपी नड्डा ने क्या कहा?
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार और CJP के बीच लंबी एवं सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि संगठन अपनी मांगों का लिखित प्रस्ताव लेकर आया था और उस पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों और भविष्य में किसी भी कार्रवाई को लेकर संगठन की चिंताओं को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन में शामिल छात्रों पर आगे कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
मुआवजे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के प्रति पूरी संवेदना रखती है और नियमों के तहत जो संभव होगा, वह सहायता प्रदान की जाएगी।
आंदोलन समाप्त करने की घोषणा
वार्ता के सफल निष्कर्ष के बाद CJP नेतृत्व ने आधिकारिक रूप से जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा कर दी। संगठन ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगें मान ली गई हैं और अब प्रदर्शन जारी रखने का कोई कारण नहीं है।
CJP नेताओं ने आंदोलन में शामिल सभी छात्रों, युवाओं और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए उनसे शांतिपूर्वक अपने घर लौटने की अपील की। इसके साथ ही संगठन ने स्पष्ट किया कि शिक्षा सुधारों के मुद्दे पर सरकार के साथ संवाद जारी रहेगा और आने वाले हफ्तों में इस दिशा में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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