पंजाब में फार्मेसी ऑफिसर के 454 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को बड़ा झटका लगा है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भर्ती की चयन और नियुक्ति प्रक्रिया पर 17 सितंबर 2026 तक रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने यह आदेश जुलाई 2026 में आयोजित भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और हाई-टेक तरीके से नकल कराए जाने के आरोपों को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
मामले की सुनवाई जस्टिस संदीप मौदगिल की पीठ ने की। कोर्ट ने फिलहाल पूरी चयन प्रक्रिया को फ्रीज करते हुए आगे की नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद परीक्षा में शामिल हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें अब अगली सुनवाई पर टिक गई हैं।
19 जुलाई को हुई थी भर्ती परीक्षा
पंजाब में फार्मेसी ऑफिसर के 454 पदों के लिए भर्ती परीक्षा का आयोजन बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट की ओर से 19 जुलाई 2026 को किया गया था।
परीक्षा के दौरान कथित तौर पर हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की मदद से नकल कराने का मामला सामने आया था। पुलिस कार्रवाई में एक कथित अंतर-राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ और 30 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।
मामला सामने आने के बाद भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो गए।
अभ्यर्थियों ने की परीक्षा रद्द करने की मांग
परीक्षा में शामिल कुछ अभ्यर्थियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कथित पेपर लीक और संगठित हाई-टेक नकल के कारण परीक्षा की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।
याचिका में मांग की गई है कि मौजूदा परीक्षा को पूरी तरह रद्द किया जाए और सभी योग्य उम्मीदवारों के लिए नए सिरे से पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से परीक्षा आयोजित की जाए।
फिलहाल हाई कोर्ट ने अंतिम फैसला दिए बिना चयन और नियुक्ति प्रक्रिया को रोक दिया है।
पेपर लीक या नकल? पंजाब में गरमाई राजनीति
हाई कोर्ट के आदेश के बाद पंजाब में इस मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे भर्ती व्यवस्था और परीक्षा की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए आम आदमी पार्टी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
विपक्षी दलों का दावा है कि मामला केवल सामान्य नकल तक सीमित नहीं है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से मामले को कथित पेपर लीक के बजाय नकल से जुड़े प्रकरण के रूप में देखा जा रहा है।
ऐसे में अब अदालत की आगामी सुनवाई और जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर भर्ती प्रक्रिया का भविष्य निर्भर करेगा।
17 सितंबर तक भर्ती प्रक्रिया पर ब्रेक
हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के चलते 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों पर फिलहाल न तो चयन प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी और न ही नियुक्तियां की जा सकेंगी। मामले की अगली सुनवाई तक भर्ती प्रक्रिया फ्रीज रहेगी।
इस आदेश ने उन अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है जो भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण का इंतजार कर रहे थे। वहीं परीक्षा दोबारा कराने की मांग कर रहे उम्मीदवारों को उम्मीद है कि अदालत पूरे मामले की जांच के बाद निष्पक्ष फैसला देगी।
सीएम भगवंत मान ने भी मामले पर सफाई देते हुए कहा था कि उनकी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उनका कहना है कि जैसे ही ब्लूटूथ के जरिए नकल का मामला सामने आया, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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