उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि संबंधी विवादों और जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा संदेश दिया है। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान जमीन और रास्ते से जुड़े एक मामले की शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि जिम्मेदार राजस्व कर्मचारी पीड़ित महिला को रास्ता नहीं दिला सकते हैं तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि भूमि संबंधी मामलों के समाधान में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली, शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत की गंभीरता के आधार पर संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
महिला की शिकायत सुनकर CM योगी ने दिए कड़े निर्देश
जनता दर्शन के दौरान एक महिला मुख्यमंत्री के पास अपनी समस्या लेकर पहुंची। महिला ने बताया कि कुछ दबंग उसे रास्ता नहीं दे रहे हैं और शिकायत करने पर यह कहते हैं कि वह चाहे जहां शिकायत कर ले।
मामला सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल महिला को रास्ता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार रास्ता दिलाने में खुद को असमर्थ मानते हैं तो ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को सस्पेंड किया जाए।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि आम लोगों को भूमि विवाद या राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायत मिलने पर अधिकारी मौके पर जाकर तथ्यों की जांच करें और नियमों के मुताबिक समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
भूमि मामलों में लापरवाही पर होगा सख्त एक्शन
जनता दर्शन में जमीन से जुड़े कुछ अन्य मामलों में भी राजस्व कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें सामने आईं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि जहां भी भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी या कर्मचारियों की लापरवाही सामने आए, वहां संबंधित व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाए। गंभीर मामलों में निलंबन समेत अन्य विभागीय कार्रवाई भी की जाए।
उन्होंने दो टूक कहा कि सरकारी व्यवस्था में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
गोरखनाथ मंदिर में करीब 200 लोगों से मिले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री करीब 200 लोगों से मिले।
योगी आदित्यनाथ स्वयं फरियादियों के पास पहुंचे और उनके प्रार्थना पत्र लेकर समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को संबंधित शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि सरकार प्रत्येक जरूरतमंद और पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने वालों को भी दिया भरोसा
जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार जरूरतमंद लोगों के इलाज में हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र और जरूरतमंद लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएं, ताकि उन्हें इलाज के लिए आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। यदि आयुष्मान योजना के बाद भी अतिरिक्त आर्थिक सहायता की जरूरत पड़ती है तो नियमानुसार मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मदद उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पाने के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।
अधिकारियों की जवाबदेही पर योगी सरकार का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश सरकार भूमि विवाद, राजस्व मामलों और जनशिकायतों के समयबद्ध समाधान पर विशेष जोर दे रही है। खासतौर पर ऐसे मामलों में जहां आम नागरिक प्रशासनिक लापरवाही की शिकायत करते हैं, संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और आवश्यकता पड़ने पर सख्त कार्रवाई का संदेश दिया गया है।
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