ग्रेटर नोएडा: दिल्ली-NCR में रहने वाले लाखों यात्रियों के लिए आने वाले वर्षों में रेल यात्रा और आसान हो सकती है। ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी में मौजूदा रेलवे स्टेशन को एक बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित टर्मिनल में रेलवे के साथ मेट्रो, नमो भारत रैपिड रेल और अंतरराज्यीय बस सेवाओं को एक ही ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है।
बोड़ाकी में विकसित होने वाला यह ट्रांसपोर्ट हब गौतम बुद्ध नगर और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अभी लंबी दूरी की कई ट्रेनें पकड़ने के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा के यात्रियों को दिल्ली या गाजियाबाद के प्रमुख रेलवे स्टेशनों तक जाना पड़ता है। नया टर्मिनल बनने के बाद इस निर्भरता को कम करने में मदद मिल सकती है।
बोड़ाकी में बनेगा Greater Noida Railway Terminal
प्रस्तावित रेलवे टर्मिनल ग्रेटर नोएडा में दादरी के पास बोड़ाकी गांव स्थित मौजूदा रेलवे स्टेशन के आसपास विकसित किया जाएगा। यह स्थान ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी कार्यालय से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर बताया गया है।
रेलवे टर्मिनल को व्यापक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब परियोजना का हिस्सा बनाया गया है। इसमें रेलवे स्टेशन के अलावा मेट्रो, नमो भारत, बस टर्मिनल और कमर्शियल सुविधाओं को विकसित करने की योजना है।
रेलवे स्टेशन के लिए 46 हेक्टेयर से अधिक जमीन निर्धारित किए जाने की बात कही गई है। परियोजना को स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट का दर्जा देकर भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
नई दिल्ली और आनंद विहार जैसा बड़ा टर्मिनल बनाने की योजना
बोड़ाकी रेलवे स्टेशन को नई दिल्ली और आनंद विहार जैसे बड़े रेलवे टर्मिनल की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित स्टेशन में 12 प्लेटफॉर्म के साथ यार्ड और लूप लाइन से जुड़ा व्यापक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
योजना के मुताबिक, यहां लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन के साथ उनके रखरखाव के लिए भी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। भविष्य में यहां से वंदे भारत, राजधानी और दूसरी प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बताई जा रही हैं।
बोड़ाकी के बड़े टर्मिनल के रूप में विकसित होने से नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और आनंद विहार जैसे स्टेशनों पर यात्रियों और ट्रेनों का दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
दो मंजिला स्टेशन, होटल और कमर्शियल सुविधाएं भी होंगी
प्रस्तावित बोड़ाकी रेलवे टर्मिनल को केवल ट्रेन पकड़ने की जगह तक सीमित नहीं रखने की योजना है। इसे आधुनिक ट्रांसपोर्ट और कमर्शियल हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
योजना के अनुसार, स्टेशन के ग्राउंड फ्लोर पर रेलवे से जुड़ी प्रमुख परिचालन सुविधाएं होंगी। ऊपरी हिस्से में होटल, फूड आउटलेट और अन्य कमर्शियल सुविधाएं विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।
इससे यात्रियों को रेलवे स्टेशन परिसर में ही ठहरने, खाने-पीने और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
Delhi-Howrah Rail Route से जुड़ेगा टर्मिनल
बोड़ाकी स्टेशन की सबसे बड़ी खासियत इसकी लोकेशन है। यह दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर स्थित है, जो देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलवे कॉरिडोर में शामिल है।
इस वजह से नया टर्मिनल उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण विकल्प बन सकता है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा से कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या और गोरखपुर जैसे शहरों की यात्रा आसान होने की उम्मीद है।
इसी तरह बिहार के पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा तथा झारखंड और पश्चिम बंगाल के धनबाद, रांची, आसनसोल, हावड़ा और कोलकाता की ओर जाने वाली रेल सेवाओं के लिहाज से भी यह टर्मिनल महत्वपूर्ण हो सकता है।
Metro से सीधे जुड़ेगा Bodaki Railway Station
बोड़ाकी को नोएडा मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की भी योजना है। नोएडा मेट्रो की Aqua Line को ग्रेटर नोएडा के मौजूदा डिपो स्टेशन से बोड़ाकी तक आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है।
इसके लिए करीब 2.6 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाना है। प्रस्तावित विस्तार में नए स्टेशन भी शामिल होंगे।
इस कनेक्टिविटी के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न हिस्सों से यात्री मेट्रो के जरिए सीधे बोड़ाकी रेलवे टर्मिनल तक पहुंच सकेंगे।
Namo Bharat से भी कनेक्टिविटी की तैयारी
बोड़ाकी मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब को नमो भारत रैपिड रेल नेटवर्क से जोड़ने की भी योजना है। इससे दिल्ली-NCR के विभिन्न हिस्सों से इस टर्मिनल तक तेज सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
जेवर में विकसित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी भविष्य में बोड़ाकी टर्मिनल से नमो भारत और मेट्रो नेटवर्क के जरिए जोड़ने की तैयारी है।
यदि ये सभी योजनाएं पूरी होती हैं तो बोड़ाकी रेलवे स्टेशन रेल, मेट्रो, रैपिड रेल, बस और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को जोड़ने वाला दिल्ली-NCR का महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट जंक्शन बन सकता है।
रेलवे स्टेशन के साथ बनेगा ISBT
बोड़ाकी परियोजना में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल यानी ISBT भी शामिल है। करीब 12.5 एकड़ क्षेत्र में नया बस अड्डा विकसित करने की योजना है।
इसका उद्देश्य रेल यात्रियों को स्टेशन से उतरने के बाद बस या मेट्रो जैसी दूसरी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं तक आसान पहुंच देना है।
अंतरराज्यीय बस सेवाओं के साथ स्थानीय बस नेटवर्क को भी टर्मिनल से जोड़ने की योजना है। इससे आसपास के शहरों और राज्यों के यात्रियों को एक ही स्थान से अलग-अलग परिवहन विकल्प मिल सकेंगे।
Expressway और National Highway से भी कनेक्टिविटी
बोड़ाकी टर्मिनल को सड़क मार्ग से भी मजबूत कनेक्टिविटी देने की योजना है। 105 मीटर और 60 मीटर चौड़ी सड़कों के जरिए इसे आसपास के प्रमुख हाईवे और एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।
इससे Eastern Peripheral Expressway, NH-34, Noida-Greater Noida Expressway और Yamuna Expressway तक पहुंच आसान हो सकती है।
रेलवे, मेट्रो और बस के साथ मजबूत सड़क संपर्क बोड़ाकी को दिल्ली-NCR के प्रमुख मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में बदल सकता है।
Noida Airport तक आसान हो सकती है यात्रा
बोड़ाकी परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रस्तावित कनेक्टिविटी है। मेट्रो और नमो भारत नेटवर्क के जरिए एयरपोर्ट तथा रेलवे टर्मिनल को जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
ऐसा होने पर यात्री ट्रेन से बोड़ाकी पहुंचकर सार्वजनिक परिवहन के जरिए एयरपोर्ट तक जा सकेंगे। इसी तरह एयरपोर्ट से आने वाले यात्रियों को लंबी दूरी की ट्रेनों तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा।
यह व्यवस्था नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के तेजी से विकसित हो रहे परिवहन नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर कम हो सकता है दबाव
बोड़ाकी रेलवे टर्मिनल के विकास का बड़ा उद्देश्य दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर बढ़ते दबाव को कम करना भी है। अभी गौतम बुद्ध नगर के बड़ी संख्या में यात्री लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ने के लिए नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, आनंद विहार या गाजियाबाद जाते हैं।
यदि बोड़ाकी से बड़े पैमाने पर लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन शुरू होता है तो नोएडा और ग्रेटर नोएडा के यात्रियों को दिल्ली जाने की जरूरत कम हो सकती है।
कुल मिलाकर बोड़ाकी का प्रस्तावित रेलवे टर्मिनल केवल एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि रेलवे, मेट्रो, नमो भारत, बस और सड़क परिवहन को एक जगह जोड़ने वाले बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की योजना है।