अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के खिलाफ भारतीय एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। कथित नार्को-ट्रैफिकिंग किंगपिन नवप्रीत सिंह (Navpreet Singh) को तुर्किये से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार, 3 अक्टूबर को इसकी जानकारी देते हुए इसे ड्रग्स कार्टेल के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई में बड़ी सफलता बताया।
अधिकारियों के मुताबिक नवप्रीत सिंह पर भारत, अफगानिस्तान और तुर्किये तक फैले एक अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स सिंडिकेट में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। भारतीय एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं। भारत लाए जाने के बाद उसे हिरासत में लिया गया है और अब ड्रग तस्करी समेत उससे जुड़े अन्य कथित अपराधों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
‘नवाब विर्क’ के नाम से तुर्किये में हासिल की नागरिकता
अमित शाह के मुताबिक नवप्रीत सिंह ने अपनी असली पहचान छिपाते हुए ‘नवाब विर्क’ (Navab Virk) के नाम से तुर्किये की नागरिकता हासिल कर ली थी। आरोप है कि इसके बावजूद उसने अपना अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क जारी रखा।
शाह के अनुसार नवप्रीत कथित तौर पर अफगानिस्तान से हेरोइन और मेथामफेटामाइन की भारत में तस्करी से जुड़े नेटवर्क का संचालन कर रहा था। भारतीय एजेंसियों ने जांच की कई परतें खोलते हुए उसकी वास्तविक पहचान का पता लगाया और आखिरकार तुर्किये से उसका डिपोर्टेशन सुनिश्चित किया।
Modi govt has achieved a historic milestone by securing the deportation of hardened narco-trafficking kingpin Navpreet Singh from Türkiye.
Obtaining Turkish citizenship under the fake identity of Navab Virk, he had continued to smuggle heroin and methamphetamine to India from…
— Amit Shah (@AmitShah) October 3, 2026
भारतीय एजेंसियों ने कैसे खोज निकाला नवप्रीत सिंह?
नवप्रीत तक पहुंचने की कहानी कई साल पुरानी जांच से जुड़ी बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार इस नेटवर्क की जांच 2021 में दक्षिण दिल्ली से रिजवान कश्मीरी की गिरफ्तारी के बाद आगे बढ़ी। पूछताछ और आगे की जांच के दौरान एजेंसियों को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के बारे में सुराग मिले।
जांच आगे बढ़ने पर एजेंसियों ने हरियाणा के फरीदाबाद में बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद की। इसके बाद जांचकर्ताओं ने देश और विदेश में मौजूद कथित नेटवर्क के अलग-अलग सदस्यों तथा उनके आपसी संबंधों का पता लगाना शुरू किया।
इसी जांच में नवप्रीत सिंह का नाम कथित तौर पर विदेश से नेटवर्क संचालित करने वाले प्रमुख आरोपियों में सामने आया।
भारत-अफगानिस्तान-तुर्किये तक फैला था कथित नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक नवप्रीत उर्फ ‘नव’ उस अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स नेटवर्क का प्रमुख संदिग्ध बनकर सामने आया, जिसके तार भारत के साथ अफगानिस्तान और तुर्किये से जुड़े होने का आरोप है।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि नवप्रीत विदेश से इस नेटवर्क को संचालित कर रहा था, जबकि उसका चचेरा भाई प्रभदीप सिंह भारत में कथित तौर पर ऑपरेशन संभालता था।
नवप्रीत का नाम पहले भी बड़े ड्रग्स मामलों में सामने आया था। अक्टूबर 2024 में पंजाब पुलिस ने 105 किलोग्राम हेरोइन की बड़ी खेप बरामद करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस ने दोनों को तुर्किये में मौजूद नवप्रीत सिंह उर्फ नव भुल्लर से जुड़े होने का आरोप लगाया था।
नवप्रीत से पहले प्रभदीप को अजरबैजान से लाया गया भारत
इस कथित नेटवर्क के खिलाफ भारतीय एजेंसियों को मई 2026 में भी बड़ी कामयाबी मिली थी। नवप्रीत के चचेरे भाई प्रभदीप सिंह को अजरबैजान से भारत लाया गया था।
प्रभदीप के खिलाफ Interpol Red Notice जारी हुआ था। उसे अजरबैजान की राजधानी बाकू में ट्रेस किया गया और बाद में CBI तथा दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम उसे भारत लेकर आई। जांचकर्ताओं का आरोप था कि प्रभदीप भारत में नवप्रीत के ड्रग नेटवर्क को संभालने वाले प्रमुख लोगों में शामिल था।
अब नवप्रीत के भी भारत आने के बाद एजेंसियों के पास कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की फंडिंग, ड्रग्स की सप्लाई चेन, भारत में मौजूद सहयोगियों और विदेश में सक्रिय अन्य लोगों तक पहुंचने का महत्वपूर्ण मौका होगा।
ड्रग्स नेटवर्क की फंडिंग और सप्लाई चेन पर होगी नजर
नवप्रीत सिंह की वापसी के बाद जांच एजेंसियां केवल उसके खिलाफ दर्ज मामलों तक सीमित नहीं रहेंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच में इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के आर्थिक स्रोतों, अफगानिस्तान से आने वाले नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन और भारत में उनके वितरण से जुड़े लोगों की भूमिका भी खंगाली जा सकती है।
एजेंसियों के सामने यह पता लगाना भी अहम होगा कि कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे, पैसे का लेन-देन कैसे होता था और विदेश में बैठे आरोपी भारत में अपने सहयोगियों से किस तरह संपर्क रखते थे।
अमित शाह बोले- दिसंबर 2029 से पहले नार्को कार्टेल खत्म करने का लक्ष्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नवप्रीत सिंह के डिपोर्टेशन में शामिल भारतीय एजेंसियों को सफलता के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दिसंबर 2029 से पहले सभी नार्को कार्टेल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्र सरकार ने जून 2026 में मादक पदार्थों के खिलाफ अपनी रणनीति के तहत ‘मादक पदार्थ नियंत्रण पर विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029)’ भी जारी किया था।
नवप्रीत सिंह को तुर्किये से भारत लाया जाना ऐसे समय हुआ है जब भारतीय एजेंसियां विदेशों में मौजूद कथित ड्रग तस्करों और संगठित अपराध से जुड़े भगोड़ों को वापस लाने की कार्रवाई तेज कर रही हैं। अब पूछताछ और आगे की जांच से इस कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की और परतें खुलने की संभावना है।
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