प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के मुखिया के रूप में अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे किए। इस अवसर पर दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा-सेवा ज्योति यात्रा’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी शामिल हुए।
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने आत्मविश्वास, सीखने की निरंतर इच्छा और विकसित भारत के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “We Will Do It” यानी “हम करके रहेंगे” का अहसास ही अमृत है। प्रधानमंत्री ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को याद करते हुए कहा कि सीखने की क्षमता और चुनौतियों से आगे बढ़ने की इच्छा उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
‘We Will Do It, यही अहसास अमृत है’
विकसित भारत संकल्प सभा में पीएम मोदी ने देश के भविष्य को लेकर आत्मविश्वास का संदेश दिया। उन्होंने ‘We Will Do It’ के भाव को विकसित भारत के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि जब किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामूहिक विश्वास और दृढ़ संकल्प पैदा होता है तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विकसित भारत के लक्ष्य की चर्चा करते हुए जनभागीदारी और सामूहिक प्रयास पर जोर दिया। बीजेपी की ओर से 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में भी विकसित भारत और जनभागीदारी को प्रमुख विषय बनाया गया है।
#WATCH | PM Narendra Modi affirms 'We Will Do It', as he vows for Viksit Bharat 2047
(Video source: DD) pic.twitter.com/qarMaF9qED
— ANI (@ANI) October 7, 2026
‘जिसने मुझे जिताया, उसने विनम्र होना सिखाया’
अपने 25 वर्षों के सफर को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अनुभवों और उनसे मिली सीख का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सीखने की क्षमता कभी कम नहीं होनी चाहिए, क्योंकि वह जितना अधिक सीखेंगे, देश के लिए काम करने का उनका सामर्थ्य उतना ही बढ़ेगा।
पीएम मोदी ने कहा, “जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो कृतज्ञता का भाव ही आता है। मैं कृतज्ञ हूं हर उस व्यक्ति और हर उस घटना के प्रति, जिसने मुझे कुछ न कुछ सिखाया। जिसने मुझे जिताया, उसने मुझे विनम्र होना सिखाया। जिसने मुझे गिराया, उसने मुझे फिर उठना सिखाया।”
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के जरिए यह संदेश दिया कि सफलता और असफलता दोनों ही व्यक्ति को कुछ न कुछ सिखाती हैं और सार्वजनिक जीवन में लगातार सीखते रहना जरूरी है।
‘आज भी स्वयं को विद्यार्थी मानता हूं’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बचपन और स्कूली दिनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वडनगर में स्कूल जाने के समय से ही उनमें नई चीजें सीखने की उत्सुकता थी।
पीएम मोदी ने कहा कि जब वह वडनगर के स्कूल में पढ़ते थे, तब उनके शिक्षक अलग-अलग तरह के पाठ पढ़ाते थे और कक्षा में सबसे पहले पहुंचने वाले विद्यार्थियों में उनका नाम रहता था। उन्होंने कहा कि सीखने की वही ललक बाद में उनके जीवन का हिस्सा बन गई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह आज भी स्वयं को एक विद्यार्थी मानते हैं और हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास करते हैं। उनके मुताबिक, लगातार सीखने से देश और समाज के लिए काम करने की क्षमता भी बढ़ती है।
#WATCH | Delhi | PM Modi addresses 'Seva Jyoti’ program to mark his 25 years in public service
The PM says, "On October 7, 2001, when I took the oath as the Chief Minister of Gujarat, I had not imagined that this milestone, too, would arrive."
(Video source: DD) pic.twitter.com/S3VWPSVNzv
— ANI (@ANI) October 7, 2026
7 अक्टूबर 2001 को शुरू हुआ था शासन नेतृत्व का सफर
नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वह मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और इसके बाद केंद्र की राजनीति में आए। मई 2014 में उन्होंने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। 2019 में वह दूसरी और 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने।
इस तरह 7 अक्टूबर 2001 से 7 अक्टूबर 2026 तक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे हुए हैं। इस अवसर को लेकर बीजेपी ने देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए हैं।
देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’
प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बीजेपी ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इसमें रक्तदान शिविर, पौधारोपण, स्वास्थ्य शिविर, जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम और ‘सेवा ज्योति यात्राएं’ शामिल हैं।
7 अक्टूबर को विभिन्न जिलों में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ आयोजित करने की योजना बनाई गई। इसके अलावा मोदी के जन्मस्थान वडनगर और उनके लोकसभा क्षेत्र वाराणसी को जोड़ने वाली यात्राएं भी कार्यक्रमों का हिस्सा हैं।
#WATCH | "Today, I have completed 25 years of continuously serving as Head of Government. This is the blessing of the people. I bow before the people of the country," says PM Modi as he addresses the 'Seva Jyoti’ program to mark his 25 years in public service.
(video source: DD) pic.twitter.com/a9n3nN9cPl
— ANI (@ANI) October 7, 2026
विकसित भारत के संकल्प पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का प्रमुख फोकस विकसित भारत के लक्ष्य और देश की सामूहिक क्षमता पर रहा। ‘We Will Do It’ के संदेश के जरिए उन्होंने लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को लक्ष्य हासिल करने के लिए आत्मविश्वास और संकल्प बनाए रखने का संदेश दिया।
अपने 25 वर्षों के सफर का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने जीत, हार और जीवन के अलग-अलग अनुभवों से मिली सीख को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सीखने की उनकी इच्छा आगे भी बनी रहे और देश के लिए काम करने का उनका सामर्थ्य लगातार बढ़ता रहे।
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