फ्रांस में स्कूलों में बेहतर सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शुरू हुआ Gen-Z छात्रों का आंदोलन अब उग्र और हिंसक रूप ले चुका है। देशभर में करीब ढाई लाख से ज्यादा छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। सितंबर के आखिर में हाईस्कूलों के बाहर शुरू हुए इन प्रदर्शनों ने अब देशव्यापी रूप ले लिया है। कई स्थानों पर तोड़फोड़, सड़क जाम और आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं।
ट्रंप का दावा- आंदोलन के पीछे ‘माइग्रेशन’ जिम्मेदार
फ्रांस में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन विरोध प्रदर्शनों को लेकर अलग राजनीतिक नजरिया पेश किया है। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा, “फ्रांस में जो हो रहा है, वह बड़े पैमाने पर हो रहे पलायन के बेकाबू होने जैसा है. यह स्कूलों के बारे में नहीं है, बल्कि यह इस्लाम के उस मकसद के बारे में है, जिसके तहत वह कभी महान रहे एक देश पर कब्जा करना चाहता है!”

इससे पहले सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेब्रास्का में अपने समर्थकों की भीड़ से कहा कि ईरान लॉस एंजिल्स या सैन डिएगो जैसे अमेरिका के किसी बड़े शहर को “खत्म” कर सकता है.एक राजनीतिक रैली में बोलते हुए, ट्रंप ने युद्ध के समय अमेरिका को आर्थिक रूप से जो त्याग करने पड़े, उन पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि वह “एक बड़ी जीत देखना चाहते हैं, क्योंकि इससे हमारे किए गए सभी कामों की पुष्टि होती है.”
फ्रांस में उग्र हुआ छात्रों का आंदोलन
फ्रांस में छात्रों का विरोध प्रदर्शन स्कूलों में बेहतर सुविधाओं और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग के साथ शुरू हुआ था। सितंबर के आखिर में हाईस्कूलों के बाहर शुरू हुए प्रदर्शन धीरे-धीरे बड़े आंदोलन में बदल गए।
आंदोलन के विस्तार के साथ बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। कई इलाकों में प्रदर्शन के दौरान यातायात बाधित होने, तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटनाएं सामने आने के बाद हालात को लेकर चिंता बढ़ गई।
अमेरिकी राजनीति में भी चर्चा का विषय बना फ्रांस का प्रदर्शन
फ्रांस में जारी विरोध प्रदर्शन की चर्चा अब अमेरिकी राजनीति में भी होने लगी है। ट्रंप का बयान ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका में मिडटर्म चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं।
ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी की राजनीति में सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवासन लंबे समय से प्रमुख मुद्दे रहे हैं। ट्रंप यूरोपीय देशों में माइग्रेशन की नीतियों की भी आलोचना करते रहे हैं।
MAGA समर्थक शेयर कर रहे प्रदर्शन के वीडियो
ट्रंप के ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (MAGA) अभियान से जुड़े कई समर्थक सोशल मीडिया पर फ्रांस में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के वीडियो शेयर कर रहे हैं। इन पोस्ट के जरिए यूरोप की माइग्रेशन नीतियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
ट्रंप के सहयोगी ग्लेन बेक ने भी फ्रांस की घटनाओं को पश्चिमी देशों के लिए चेतावनी के तौर पर पेश किया है। हालांकि फ्रांस के छात्र आंदोलन के कारणों और माइग्रेशन के बीच सीधे संबंध को लेकर अलग-अलग दावे और राजनीतिक व्याख्याएं सामने आ रही हैं।
डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से यूरोपीय देशों की माइग्रेशन नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। उनका तर्क रहा है कि अनियंत्रित प्रवासन से सामाजिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। इसी आधार पर वह यूरोपीय देशों को अपनी सीमाओं पर कड़े नियंत्रण लागू करने की सलाह देते रहे हैं।
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